Indian Gas Exchange IPO दिसंबर 2026 तक दे सकता है दस्तक, 600 से 700 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान; IEX बेचेगी हिस्सेदारी

Indian Gas Exchange के IPO को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है. कंपनी दिसंबर 2026 तक शेयर बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रही है और इससे 600 से 700 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है. नियामकीय जरूरतों के तहत IEX अपनी हिस्सेदारी घटाएगी. कंपनी ने बताया है कि IPO से जुड़े दस्तावेज 2026 की दूसरी तिमाही में Sebi के पास दाखिल हो सकते हैं.

इंडियन गैस एक्सचेंज आईपीओ Image Credit: money9live.com

Indian Gas Exchange IPO: देश का पहला नेचुरल गैस ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Indian Gas Exchange शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रहा है. कंपनी दिसंबर 2026 तक अपना IPO लाने की योजना पर काम कर रही है. Indian Gas Exchange के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार मेदिरत्ता के अनुसार, इस IPO के जरिए करीब 600 से 700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं. पहले यह IPO 2025 में आने वाला था, लेकिन अब इसके लिए एक साल का विस्तार लिया गया है.

2026 की दूसरी तिमाही में दाखिल हो सकते हैं पेपर्स

मेदिरत्ता ने बताया कि IPO से जुड़े दस्तावेज 2026 कैलेंडर वर्ष की दूसरी तिमाही में Sebi के पास दाखिल किए जाने की संभावना है. प्रस्तावित शेयर बिक्री में लगभग 22 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी ऑफर की जाएगी. हालांकि, कंपनी ने अभी अपने वैल्यूएशन को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है. ब्रोकरेज हाउस के अनुसार, Indian Gas Exchange का वैल्यूएशन फिलहाल 2,200 करोड़ से 3,000 करोड़ रुपये के बीच आंका जा रहा है.

IEX की हिस्सेदारी घटाने की नियामकीय जरूरत

फिलहाल Indian Energy Exchange के पास Indian Gas Exchange में 47 फीसदी हिस्सेदारी है. मौजूदा नियमों के तहत इसे घटाकर 25 फीसदी तक लाना अनिवार्य है. इसी वजह से IPO को जरूरी माना जा रहा है. पिछले महीने Indian Energy Exchange ने शेयर बाजार को जानकारी दी थी कि उसके बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयरों के IPO की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है. यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल के जरिए लाया जाएगा.

कारोबार और वॉल्यूम में मजबूत बढ़त

Indian Gas Exchange के कारोबार में बीते कैलेंडर वर्ष के दौरान 62 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस दौरान एक्सचेंज पर औसतन 5.4 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन गैस का ट्रेड हुआ. फिलहाल देश में कुल गैस खपत का करीब 2.75 फीसदी हिस्सा ही इस प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रेड होता है. कंपनी का लक्ष्य 2029 तक इस हिस्सेदारी को 5 फीसदी और 2030 तक 7 फीसदी तक बढ़ाने का है.

गैस कीमतों में नरमी से बढ़ेगी मांग

कंपनी के अनुसार, भारत में गैस की खपत 2025 में 190 एमएमएससीएमडी से बढ़कर 2030 तक 297 एमएमएससीएमडी तक पहुंच सकती है. गैस कीमतों में आई नरमी से सिटी गैस और पावर सेक्टर में मांग बढ़ने की उम्मीद है. मार्च 2025 में गैस की कीमत 14 अमेरिकी डॉलर प्रति एमएमबीटीयू थी, जो बाद में घटकर 11 डॉलर और आगे 6 से 8 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के दायरे में आ गई.

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