अक्षय तृतीया पर झटका! ₹1 लाख में पहले जितना मिलता था सोना-चांदी, अब नहीं मिलेगा आधा भी! जानें पिछले साल से कितना महंगा

अक्षय तृतीया से पहले सोना-चांदी की कीमतों में तेज उछाल से खरीदारी महंगी हो गई है. सोने में 30-40% और चांदी में करीब 150% तक की बढ़त से निवेशकों को फायदा हुआ, लेकिन आम खरीदार की क्षमता घट गई. कीमतें बढ़ने के बावजूद मांग बनी हुई है, हालांकि लोग अब हल्की ज्वेलरी और छोटे निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं.

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Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ अवसर पर सोने-चांदी की खरीदारी शुभ मानी जाती है. अक्षय तृतीया पर तो इसका विशेष महत्‍व होता है. इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, 2026 को है. ऐसे में अगर आप सोना और चांदी खरीदने का प्‍लान कर रहे हैं तो इस साल हालात पूरी तरह बदल गए हैं. जहां पिछले साल एक तय रकम में ज्यादा मात्रा मिल जाती थी, वहीं इस बार उसी पैसे में काफी कम खरीदारी हो पा रही है. कीमतों में आई तेज उछाल ने आम लोगों के बजट पर सीधा असर डाला है.

सोने ने तोड़ी आम आदमी की कमर

रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्षय तृतीया 2025 के दौरान 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹96,000–₹97,000 प्रति 10 ग्राम थी. उस समय ₹96,000 में पूरे 10 ग्राम सोना मिल जाता था. लेकिन 2026 में चीजें वैसी नहीं रही हैं. इस बार सोने की कीमत ₹1.45 लाख से ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुकी है. इसका सीधा असर यह हुआ है कि अब ₹96,000 में सिर्फ 6 से 6.5 ग्राम सोना ही मिल रहा है. यानी एक साल में ही खरीदारों की खरीदने की क्षमता 30-40% तक घट गई है.

सोने की कीमतें क्यों बढ़ी?

जानकारों के अनुसार सोने की कीमतों में तेजी कई कारणों से आई है, जो इस प्रकार हैं.

  • वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव और युद्ध जैसी स्थितियां.
  • आर्थिक अनिश्चितता, जिससे लोग सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं.
  • महंगाई का दबाव.
  • रुपये की कमजोरी, जिससे आयात महंगा हुआ.
  • निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी.

चांदी ने चौंकाया

वैसे तो कीमती आभूषणों में सोना सबसे खास था, लेकिन पिछले एक साल में चांदी की तेज रफ्तार ने निवेशकों को चौंका दिया है. सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में जबरदस्‍त उछाल आया है. अप्रैल 2025 में जहां चांदी की कीमत करीब ₹97,000 प्रति किलो थी वहीं अप्रैल 2026 में कीमत बढ़कर करीब ₹2,43,300 प्रति किलो पहुंच गई है. यानी करीब 150 फीसदी की जबरदस्‍त बढ़त. दिलचस्प बात यह है कि 2026 की शुरुआत में चांदी ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को भी छू चुकी है. इसका मतलब है कि जिसने पिछले साल चांदी खरीदी थी, उसका निवेश करीब 2.5 गुना तक बढ़ गया है.

अब ₹1 लाख में कितनी चांदी?

₹97,000 प्रति किलो के हिसाब से 2025 में ₹1 लाख में करीब 1.03 किलो चांदी मिलती थी. मगर 2026 में ₹1 लाख में अब सिर्फ 0.41 किलो चांदी ही मिलेगी. यानी खरीदने की क्षमता करीब 60% तक घट गई है.

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चांदी क्यों बनी सुपरस्टार?

चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं

  • कमजोर रुपया.
  • वैश्विक निवेशकों की बढ़ती मांग.
  • इंडस्ट्री में इस्तेमाल, खासकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स.
  • सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ती लोकप्रियता.

हालांकि चांदी की कीमतों में आई तेजी के बाद इसमें उतार-चढ़ाव भी काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है. अप्रैल 2026 में ही कीमत ₹2.66 लाख से ₹2.77 लाख प्रति किलो के बीच झूलती रही. डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे कारकों का इस पर असर देखा जा रहा है.

खरीदारी का तरीका बदला

कीमतें बढ़ने के बावजूद अक्षय तृतीया पर खरीदारी की परंपरा बनी हुई है, लेकिन लोगों का खरीदने का तरीका बदल गया है. अब वे भारी गहनों की जगह हल्की ज्वेलरी खरीदी जा रही है. इसके अलावा निवेश के लिए सोने के सिक्के और बार ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. पुराने गहनों को एक्सचेंज कर नए गहने लिए जा रहे हैं. खरीदारों के अलावा ज्वेलर्स भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मेकिंग चार्ज में छूट और ऑफर दे रहे हैं.