अमेजन पर ₹1 लाख जुर्माना, ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ नाम से साधारण मिठाई बेचने का मामला

CCPA ने साधारण मिठाइयों को ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से बेचने के मामले में Amazon Seller Services पर ₹1 लाख जुर्माना लगाया. प्राधिकरण ने इसे भ्रामक व्यापार व्यवहार माना. शिकायत के बाद अमेजन ने संबंधित उत्पाद प्लेटफॉर्म से हटा दिए थे.

‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’

Highlights

  • CCPA ने अमेजन पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है
  • साधारण मिठाइयां ‘अयोध्या प्रसाद’ के नाम पर बेची गईं
  • बिना अनुमति धार्मिक नाम इस्तेमाल करना भ्रामक व्यापार माना

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की इकाई Amazon Seller Services पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई प्लेटफॉर्म पर साधारण मिठाइयों को ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से बेचने वाली भ्रामक लिस्टिंग के मामले में की गई है. प्राधिकरण के मुताबिक, इन उत्पादों को बेचने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से कोई अनुमति नहीं ली गई थी.

‘अयोध्या प्रसाद’ नाम से बेची जा रही थीं मिठाइयां

CCPA के 4 अगस्त को पारित आदेश के मुताबिक, अमेजन के प्लेटफॉर्म पर कुछ सामान्य मिठाई उत्पादों को ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से पेश किया गया था. प्राधिकरण ने कहा कि इस नाम का भक्तों के बीच एक खास और स्पष्ट धार्मिक अर्थ है.

आम तौर पर यह नाम अयोध्या के राम मंदिर में भगवान को चढ़ाए गए और आशीर्वाद के रूप में प्राप्त पवित्र भोजन के लिए इस्तेमाल होता है. ऐसे में बिना संबंधित धार्मिक संस्था की अनुमति के साधारण मिठाई को इस नाम से बेचना उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है.

CCPA ने इसे भ्रामक व्यापार व्यवहार माना

प्राधिकरण ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अनुमति के बिना सामान्य मिठाई के लिए ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ नाम का व्यावसायिक इस्तेमाल उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत भ्रामक व्यापार व्यवहार है.

CCPA ने अमेजन को निर्देश दिया है कि धार्मिक संस्थानों और तीर्थस्थलों से जुड़े किसी भी ऐसे उत्पाद को प्लेटफॉर्म पर लिस्ट या बिक्री के लिए पेश न किया जाए, जो ‘प्रसाद’, ‘प्रसादम’, ‘महाप्रसाद’, ‘भोग’ या इसी तरह के धार्मिक चढ़ावे का दावा करता हो, जब तक संबंधित संस्था से अनुमति का सत्यापन योग्य दस्तावेज उपलब्ध न हो.

10 धार्मिक स्थलों को लेकर ढांचा पेश किया

अमेजन ने CCPA के सामने 10 प्रमुख धार्मिक संस्थानों और तीर्थस्थलों से जुड़े उत्पादों के लिए एक अनुपालन ढांचा भी पेश किया. इसमें राम जन्मभूमि मंदिर, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम, श्री माता वैष्णो देवी मंदिर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री जगन्नाथ मंदिर, श्री केदारनाथ मंदिर, श्री बद्रीनाथ मंदिर, श्री सोमनाथ मंदिर, श्री द्वारकाधीश मंदिर और श्री महाकालेश्वर मंदिर शामिल हैं.

कैट की शिकायत के बाद सामने आया मामला

यह मामला कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की 19 जनवरी 2024 की शिकायत के बाद सामने आया था. शिकायत में कहा गया था कि Amazon.in पर ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ नाम से चार मिठाई उत्पाद ₹299 से ₹385 की कीमत में बेचे जा रहे थे.

CCPA ने उसी दिन अमेजन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. यह नोटिस अयोध्या में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से तीन दिन पहले जारी हुआ था. नोटिस मिलने के बाद कंपनी ने संबंधित उत्पादों को प्लेटफॉर्म से हटा दिया था.

‘सिर्फ मध्यस्थ हैं’ वाली दलील नहीं मानी

अमेजन ने अपने बचाव में कहा था कि वह केवल एक मध्यस्थ की भूमिका निभाती है और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत उसे ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा प्राप्त है.

CCPA ने इस दलील को खारिज कर दिया. प्राधिकरण ने कहा कि ई-कॉमर्स नियम और सूचना प्रौद्योगिकी कानून अलग-अलग कानूनी क्षेत्रों में लागू होते हैं. इसलिए केवल मध्यस्थ होने के आधार पर उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ी अमेजन की जिम्मेदारियां खत्म नहीं हो जातीं.

बिक्री ₹25 लाख से ज्यादा, राजस्व सिर्फ ₹39,802

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित चार उत्पादों की कुल बिक्री ₹25,26,309 रही. हालांकि, इन उत्पादों से अमेजन का वास्तविक राजस्व ₹39,802.29 था. इसमें कंपनी को सेवा शुल्क के तौर पर ₹15,165.90 मिले.

CCPA की जांच में विक्रेता की जानकारी को लेकर भी ई-कॉमर्स नियमों के अनुरूप पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने की बात सामने आई. साथ ही शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था में अनिवार्य लॉग-इन की जरूरत थी. प्राधिकरण ने इसे उपभोक्ताओं को स्पष्ट और आसानी से जानकारी उपलब्ध कराने के नियमों के अनुरूप नहीं माना.

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