देश की सबसे बड़ी शराब कंपनी का कितना है टर्नओवर, FSSAI के एक्‍शन से क्‍या बिजनेस पर पड़ेगा असर?

FSSAI की कार्रवाई के बाद United Spirits ने Royal Challenge, Antiquity Blue और McDowell’s No.1 में इस्तेमाल फ्लेवरिंग हटाने का फैसला किया है. कंपनी लेबलिंग भी बदलेगी. इस बीच मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा 27% बढ़कर 571 करोड़ रुपये पहुंचा.

United Spirits

Highlights

  • FSSAI कार्रवाई के बाद Diageo ने फॉर्मूला बदलने का फैसला
  • Royal Challenge, Antiquity Blue और McDowell’s में होंगे बदलाव
  • United Spirits का मुनाफा 27% बढ़कर 571 करोड़ रुपये पहुंचा

Diageo की भारतीय कंपनी United Spirits को अपने कुछ लोकप्रिय शराब ब्रांड्स को लेकर बड़ा बदलाव करना पड़ रहा है. FSSAI की कार्रवाई के बाद कंपनी ने Royal Challenge, Antiquity Blue और McDowell’s No.1 Celebration Matured XXX Rum में इस्तेमाल होने वाली फ्लेवरिंग को हटाने और लेबलिंग में बदलाव करने का फैसला किया है. कंपनी के लिए यह फैसला ऐसे समय आया है जब उसके प्रीमियम शराब कारोबार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

फ्लेवरिंग हटाकर बदला जाएगा फॉर्मूला

रिपोर्ट के मुताबिक, United Spirits प्रभावित प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाली व्हिस्की और रम फ्लेवरिंग को हटाएगी. इसके साथ ही इन प्रोडक्ट्स के लेबल पर भी जरूरी बदलाव किए जाएंगे. जब तक नया फॉर्मूला तैयार नहीं हो जाता, तब तक कंपनी पैकेजिंग के सामने वाले हिस्से पर फ्लेवरिंग से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से देगी. इसका मकसद ग्राहकों को प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में ज्यादा साफ जानकारी देना है.

FSSAI की कार्रवाई के बाद लिया फैसला

FSSAI ने कुछ शराब कंपनियों के व्हिस्की और रम ब्रांड्स के खिलाफ कार्रवाई की थी. मामला शराब में इस्तेमाल होने वाली फ्लेवरिंग और उसकी लेबलिंग से जुड़ा था. कार्रवाई के बाद कुछ राज्यों में प्रभावित ब्रांड्स की बिक्री पर भी रोक लगाई गई थी. इस घटनाक्रम के बाद United Spirits ने अपने प्रोडक्ट्स के फॉर्मूलेशन और पैकेजिंग में बदलाव करने का फैसला किया है. कंपनी के लिए यह जरूरी है कि नए नियमों के मुताबिक प्रोडक्ट बाजार में उपलब्ध कराए जाएं.

Royal Challenge की बिक्री पर बड़ी नजर

Royal Challenge Diageo के भारत में प्रमुख ब्रांड्स में शामिल है. कंपनी के मुताबिक, हर साल देश में इसके 9-लीटर के 45 लाख से ज्यादा केस बिकते हैं. ऐसे में इसके फॉर्मूलेशन या लेबलिंग में बदलाव का असर कंपनी की सप्लाई और बिक्री पर पड़ सकता है. Antiquity Blue और McDowell’s No.1 Celebration Matured XXX Rum भी कंपनी के महत्वपूर्ण ब्रांड हैं. इसलिए इन प्रोडक्ट्स में किसी तरह की सप्लाई बाधा कंपनी के कारोबार के लिए अहम हो सकती है.

18,000 बॉक्स शराब भी जब्त

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों ने United Spirits की करीब 18,000 बॉक्स शराब की बोतलें जब्त की हैं. इन बोतलों पर कथित तौर पर सुरक्षित रिसाइकिल्ड प्लास्टिक के इस्तेमाल से जुड़ी जरूरी मार्किंग नहीं थी. इससे कंपनी के सामने केवल फ्लेवरिंग और लेबलिंग ही नहीं, बल्कि पैकेजिंग से जुड़े नियमों का पालन करने की चुनौती भी बढ़ गई है.

दूसरी तरफ मुनाफे में 27% की बढ़ोतरी

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब United Spirits के वित्तीय नतीजे मजबूत रहे हैं. मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा करीब 27% बढ़कर 571 करोड़ रुपये हो गया. एक साल पहले यह 451 करोड़ रुपये था. कंपनी का राजस्व भी 4.4% बढ़कर 6,838 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, प्रीमियम सेगमेंट की नेट बिक्री वैल्यू में 5% की बढ़ोतरी हुई. अब कंपनी के सामने चुनौती यह है कि नियामकीय बदलावों को लागू करते हुए अपने लोकप्रिय ब्रांड्स की सप्लाई और बिक्री को सामान्य बनाए रखा जाए. आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि फॉर्मूलेशन और लेबलिंग में बदलाव का United Spirits के कारोबार पर कितना असर पड़ता है.

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