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आप पर पेनल्टी लगाकर बैंकों ने कमा लिए 26 हजार करोड़ रुपये, टॉप पर SBI; सरकार ने दी जानकारी

प्राइवेट सेक्टर के बैंकों का हिस्सा 4,948.71 करोड़ रुपये रहा, जो पब्लिक सेक्टर के बैंकों (PSBs) द्वारा जमा किए गए 2,137.92 करोड़ रुपये से दोगुने से भी अधिक है. पब्लिक सेक्टर के बैंकों और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से इकट्ठा किए गए डेटा से पता चलता है कि इस वसूली में प्राइवेट बैंकों का हिस्सा सबसे ज्यादा था.

बैंकों ने चार्ज से की जोरदार कमाई. Image Credit: Money9live

Highlights

  • मिनिमम बैलेंस चार्ज से कमाई
  • जीरो-बैलेंस अकाउंट पर छूट बरकरार
  • प्राइवेट बैंकों में HDFC बैंक सबसे आगे

देश के बैंकों ने ग्राहकों पर पेनल्टी लगाकर हजारों करोड़ रुपये की कमाई की है. राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के लिखित जवाब के अनुसार, बैंकों ने FY23 से FY26 तक के चार फाइनेंशियल ईयर में ग्राहकों से उनके खातों में मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) बनाए न रखने पर पेनल्टी के तौर पर 26,170 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूली है. पब्लिक सेक्टर के बैंकों और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से इकट्ठा किए गए डेटा से पता चलता है कि इस वसूली में प्राइवेट बैंकों का हिस्सा सबसे ज्यादा था.

मिनिमम बैलेंस चार्ज से कमाई

सिर्फ FY26 में बैंकों ने मिनिमम बैलेंस चार्ज के जरिए 7,086.63 करोड़ रुपये जमा किए. प्राइवेट सेक्टर के बैंकों का हिस्सा 4,948.71 करोड़ रुपये रहा, जो पब्लिक सेक्टर के बैंकों (PSBs) द्वारा जमा किए गए 2,137.92 करोड़ रुपये से दोगुने से भी अधिक है.

सरकार ने यह भी कहा कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने हाल के वर्षों में ऐसे चार्ज काफी कम कर दिए हैं. देश के 12 PSB में से 10 ने सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम एवरेज बैलेंस न रखने पर लगने वाले पेनल्टी चार्ज को खत्म कर दिया है, जबकि बाकी दो ने अपने बोर्ड से मंजूर पॉलिसी और कमर्शियल जरूरतों के हिसाब से इनमें बदलाव किया है.

प्राइवेट बैंकों में HDFC बैंक सबसे आगे

प्राइवेट बैंकों में HDFC बैंक ने FY26 में मिनिमम बैलेंस चार्ज के जरिए सबसे ज्यादा 1,798.14 करोड़ रुपये जमा किए, इसके बाद एक्सिस बैंक का नंबर आता है जिसने 1,081.33 करोड़ रुपये जमा किए. इन दोनों बैंकों ने मिलकर उस साल प्राइवेट सेक्टर के बैंकों द्वारा जमा किए गए कुल मिनिमम बैलेंस चार्ज का लगभग 58 फीसदी हिस्सा जमा किया.

अन्य बड़े प्राइवेट बैंकों में ICICI बैंक (₹353.50 करोड़), कोटक महिंद्रा बैंक (₹290.65 करोड़), यस बैंक (₹195.05 करोड़) और IDBI बैंक (₹175.15 करोड़) शामिल थे. RBI ने बताया कि प्राइवेट बैंकों के लिए FY23 से पहले का डेटा नहीं रखा जाता है, जबकि FY26 के आंकड़े शुरुआती हैं.

PSB में SBI टॉप पर

पब्लिक सेक्टर के बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सबसे अधिक 477.27 करोड़ रुपये जमा किए, इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा (₹394.10 करोड़) और इंडियन बैंक (₹299.17 करोड़) का नंबर आता है. हालांकि, सरकार ने साफ किया कि SBI का आंकड़ा करंट अकाउंट से जुड़ा है, क्योंकि बैंक ने मार्च 2020 से सेविंग्स अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस पेनल्टी हटा दी है.

जीरो-बैलेंस अकाउंट पर छूट जारी

वित्त मंत्रालय ने फिर से कहा कि बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA), जिसमें प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए अकाउंट भी शामिल हैं, में ग्राहकों को मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं होती है. ये अकाउंट डिपॉजिट, विड्रॉल और ATM एक्सेस जैसी बेसिक बैंकिंग सर्विस मुफ्त में देते हैं.

मिनिमम बैलेंस चार्ज लगाने की इजाजत

मंत्रालय ने यह भी कहा कि RBI बैंकों को अपनी बोर्ड से मंजूर पॉलिसी के तहत अन्य सेविंग्स और करंट अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस चार्ज लगाने की इजाजत देता है, बशर्ते ये चार्ज उचित, पारदर्शी हों और बैंकिंग सर्विस देने की लागत के हिसाब से हों. बैंकों को SMS, ईमेल, लेटर या अन्य सही तरीकों से ग्राहकों को सूचित करना होता है और आम तौर पर पेनल्टी लगाने से पहले जरूरी बैलेंस बनाए रखने के लिए समय देना होता है.

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