रिलायंस कम्युनिकेशंस लोन फ्रॉड केस में CBI की बड़ी कार्रवाई, अनिल अंबानी के घर और दफ्तर पर छापेमारी; कई अहम दस्तावेज जब्त
रिलायंस कम्युनिकेशंस लोन फ्रॉड मामले में CBI की जांच तेज हो गई है. एजेंसी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े कथित 2223.17 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड को लेकर अनिल अंबानी के आवास और दफ्तर पर छापेमारी की है. यह मामला बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े लोन से संबंधित है और इसे पहले दर्ज SBI वाले केस से अलग बताया गया है. जांच के दौरान लोन ट्रांजैक्शन से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
CBI raid Anil Ambani: रिलायंस कम्युनिकेशंस लोन फ्रॉड मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है. CBI ने उद्योगपति अनिल अंबानी के आवास और दफ्तर पर तलाशी ली है. यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े कथित लोन फ्रॉड को लेकर दर्ज नए केस के बाद की गई है, जिसमें 2013 से 2017 के बीच हजारों करोड़ रुपये की अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है. CBI ने इससे पहले अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ नया मामला दर्ज किया था. एजेंसी के मुताबिक, यह केस बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े 2223.17 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड से संबंधित है. CBI का आरोप है कि इस अवधि के दौरान बैंक को गुमराह कर गलत तरीके से लोन हासिल किया गया, जिससे बैंक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ.
छापेमारी में अहम दस्तावेज बरामद
CBI की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, केस दर्ज होने के बाद एजेंसी ने अनिल अंबानी के आवास और रिलायंस कम्युनिकेशंस के रजिस्टर्ड ऑफिस पर सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान लोन ट्रांजैक्शन से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं. एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं.
SBI वाले केस से अलग मामला
जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह केस पहले दर्ज किए गए SBI से जुड़े मामले से अलग है. इससे पहले दर्ज केस 11 बैंकों के कंसोर्टियम से संबंधित था, जिसमें SBI लीड बैंक था. हालांकि बैंक ऑफ बड़ौदा उस कंसोर्टियम का हिस्सा नहीं था. मौजूदा मामला बैंक ऑफ बड़ौदा, तत्कालीन विजया बैंक और तत्कालीन देना बैंक से लिए गए अलग लोन से जुड़ा है, जो अब बैंक ऑफ बड़ौदा में मर्ज हो चुके हैं.
ED की कार्रवाई के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार
यह घटनाक्रम ED की कार्रवाई के बाद सामने आया है. CBI ने हाल ही में अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए नया समन जारी किया था, क्योंकि वह पिछले सप्ताह निर्धारित पेशी में शामिल नहीं हो पाए थे. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अनिल अंबानी बुधवार को ED के सामने पेश भी हुए थे.
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
एफआईआर के मुताबिक, यह शिकायत 24 फरवरी 2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा की स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच के डिप्टी जनरल मैनेजर की ओर से दी गई थी. मामले में इंडियन पेनल कोड की धारा 120बी और 420 के साथ-साथ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. CBI का कहना है कि शुरुआती जांच में कॉग्निजेबल ऑफेंस के संकेत मिले हैं और इसमें अज्ञात पब्लिक सर्वेंट्स की भूमिका की भी जांच की जाएगी.
पहले से दिवाला प्रक्रिया में है कंपनी
रिलायंस कम्युनिकेशंस एक समय देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी में शामिल थी, लेकिन बढ़ते कर्ज और ऑपरेशनल चुनौतियों के चलते यह कंपनी फिलहाल इनसॉल्वेंसी प्रोसेस से गुजर रही है. मौजूदा जांच को कंपनी और उसके प्रमोटर के लिए एक और बड़ी कानूनी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है.
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