ट्रंप की धमकी के बाद थर्राया तेल बाजार, $104 प्रति बैरल के पार पहुंचा क्रूड ऑयल, Gift Nifty भी 259 अंक टूटा

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर वैश्विक बाजारों पर असर डाल रहा है. सीजफायर के बाद राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन बातचीत विफल रहने और नई धमकियों से हालात फिर बिगड़ गए हैं. इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जो गिरावट के बाद दोबारा 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं.

Crude Oil Price Today and Gift Nifty Image Credit: @AI/Money9live

Crude Oil Price Today and Gift Nifty: ईरान और अमेरिका के बीच 7-8 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात दो हफ्तों के सीजफायर के ऐलान से दुनियाभर के लिए राहत की खबर आई. इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई, जो लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रही थीं. लेकिन एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत के बेनतीजा रहने और Donald Trump की धमकी ने अनिश्चितता को फिर बढ़ा दिया है. इसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतें दोबारा 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं.

8% महंगा हुआ कच्चा तेल

इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है. ताजा आंकड़ों के अनुसार कच्चे तेल (Crude Oil – WTI) की कीमत 104.131 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जिसमें 7.561 डॉलर यानी 7.83% की बढ़त दर्ज की गई है. वहीं ब्रेंट क्रूड (Brent) भी 102.438 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर 7.238 डॉलर (7.60%) की उछाल दिखा रहा है. यह तेजी इस बात का संकेत है कि भू-राजनीतिक तनाव के कारण आपूर्ति को लेकर बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं और कीमतों में उछाल जारी है.

तेजी की क्या है वजह?

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत असफल रहने के बाद बाजार में पहले ही अनिश्चितता बढ़ गई थी, लेकिन Strait of Hormuz में अमेरिकी नेवी के दखल की Donald Trump की धमकी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति करने वाले समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल का 20% हिस्सा गुजरता है. ऐसे में किसी भी संभावित सैन्य तनाव या बाधा की आशंका से सप्लाई प्रभावित होने का डर बढ़ जाता है. इसी जोखिम के कारण निवेशक और ट्रेडर्स पहले से ही खरीदारी बढ़ा देते हैं, जिससे मांग अचानक बढ़ती है और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिलता है.

भाव में भारी उतार-चढ़ाव

सीजफायर के ऐलान से पहले 7 अप्रैल को कच्चे तेल की कीमत 117 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रही थी. लेकिन 7-8 अप्रैल की दरम्यानी रात को दो हफ्तों के सीजफायर की घोषणा के बाद इसमें अचानक गिरावट आई. इस गिरावट के बाद 11 अप्रैल को यह 91 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. हालांकि, 11-12 अप्रैल को 21 घंटे तक चली वार्ता के असफल होने के बाद कीमतों ने फिर रफ्तार पकड़ ली. खबर लिखे जाने तक तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है.

Gift Nifty 1% टूटा

13 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 46 मिनट तक Gift Nifty में 1% यानी 259 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट के बाद यह 23,761 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज बाजार गिरावट के साथ खुलेगा.

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