DGCA ने एयरलाइंस से कहा, एयरबस A319, A320 और दूसरे मॉडल्स को न करें ऑपरेट, सॉफ्टवेयर फिक्स अलर्ट के बाद निर्देश जारी
DGCA Airbus: DGCA ने ऑपरेटरों को अपने कम्प्लायंस रिकॉर्ड को उसी हिसाब से अपडेट करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी एयरक्राफ्ट जरूरी सेफ्टी स्टैंडर्ड को पूरा किए बिना सर्विस में न रहे.अपने नोटिफिकेशन में रेगुलेटर ने कहा, 'नीचे दिए गए सब्जेक्ट पर इंस्पेक्शन और/या मॉडिफिकेशन जरूरी हैं.
DGCA Airbus: डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने शनिवार को एयरबस A318, A319, A320 और A321 एयरक्राफ्ट के लिए एक जरूरी सेफ्टी गाइडलाइन जारी की, जिसमें एयरलाइंस को प्रभावित प्लेन को ऑपरेट करने से पहले खास इंस्पेक्शन और मॉडिफिकेशन करने का निर्देश दिया गया है. DGCA ने ऑपरेटरों को अपने कम्प्लायंस रिकॉर्ड को उसी हिसाब से अपडेट करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी एयरक्राफ्ट जरूरी सेफ्टी स्टैंडर्ड को पूरा किए बिना सर्विस में न रहे.
इंस्पेक्शन या मॉडिफिकेशन जरूरी
अपने नोटिफिकेशन में रेगुलेटर ने कहा, ‘नीचे दिए गए सब्जेक्ट पर इंस्पेक्शन और/या मॉडिफिकेशन जरूरी हैं. कृप्या नीचे दी गई मैंडेटरी मॉडिफिकेशन लिस्ट में जरूरी बदलाव करें.’ इसमें आगे कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति ऐसे प्रोडक्ट को ऑपरेट नहीं करेगा जो इस मैंडेटरी मॉडिफिकेशन के तहत आता है, सिवाय उनके जो मैंडेटरी मॉडिफिकेशन की जरूरत और लागू एयरवर्दीनेस डायरेक्टिव के कम्प्लायंस के अनुसार हों.
एयरबस की चेतावनी
खास बात यह है कि DGCA का यह निर्देश एयरबस की उस चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि उसके दुनिया भर के A320-फैमिली फ्लीट के आधे से अधिक, यानी 6,500 से ज्यादा एयरक्राफ्ट को तुरंत सॉफ्टवेयर ठीक करने की जरूरत है. खबर है कि यह अलर्ट हाल ही में जेटब्लू A320 की एक घटना की जांच के बाद आया है, जिसमें पाया गया था कि ‘तेज सोलर रेडिएशन’फ्लाइट-कंट्रोल फंक्शन के लिए जरूरी डेटा को खराब कर सकता है.
ग्राउंड किए जा सकते हैं जेट्स
विदेशों में रेगुलेटर्स ने निर्देश दिया है कि यह फिक्स किसी भी एयरक्राफ्ट की अगली तय फ्लाइट से पहले लागू किया जाए. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 200-250 A320-फैमिली एयरक्राफ्ट को तुरंत सॉफ्टवेयर अपग्रेड की जरूरत होगी. जिन जेट्स पर असर पड़ा है, उन्हें फिक्स के लिए कुछ समय के लिए ग्राउंडेड किया जा सकता है, इस कदम से ऑपरेशनल दिक्कत हो सकती है. भारत एयरबस की A320 सीरीज के सबसे बड़े मार्केट में से एक है, जहां इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर लगभग 560 एयरक्राफ्ट ऑपरेट करती हैं.