इजरायल- ईरान युद्ध से गैस महंगी, Adani Total Gas ने इंडस्ट्री के लिए रेट बढ़ाए ; इतने रुपये बढ़ाए दाम

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के गैस बाजार पर भी दिखने लगा है. अडानी टोटल गैस ने औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस की कीमत में तेज बढ़ोतरी कर दी है. कंपनी ने अतिरिक्त गैस की कीमत लगभग 40 रुपये से बढ़ाकर 119 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर कर दी है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाली ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है.

मध्य पूर्व संकट का असर गैस बाजार पर भी दिखने लगा है. अडानी टोटल गैस ने इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी कर दी है. कंपनी ने यह कदम गैस की कम उपलब्धता और सप्लाई बाधित होने के कारण उठाया है. दरअसल ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाली एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई है. यह रूट दुनिया के तेल और एलएनजी व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है. सप्लाई प्रभावित होने से गैस की कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिला है.

मध्य पूर्व तनाव का गैस सप्लाई पर असर

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब एनर्जी मार्केट ब पर साफ दिखने लगा है. ईरान पर हमलों और उसके जवाबी एक्शन के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग रुक सी गई है. यह जलमार्ग दुनिया के कुल तेल और एलएनजी व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है. कई जहाजों को नुकसान पहुंचने की खबरों के बाद कंपनियों ने सप्लाई को लेकर चिंता जताई है.

अडानी टोटल गैस ने बढ़ाई कीमत

अडानी ग्रुप और फ्रांस की एनर्जी कंपनी टोटलएनर्जी की जॉइंट वेंचर अडानी टोटल गैस ने औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस की कीमत बढ़ा दी है. कंपनी ने ग्राहकों को भेजे नोटिस में बताया कि अतिरिक्त गैस की कीमत अब 119 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर कर दी गई है. पहले यह कीमत करीब 40 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर थी. यानी कीमत में लगभग तीन गुना तक बढ़ोतरी हो गई है.

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40 फीसदी कॉन्ट्रैक्ट लिमिट से ज्यादा गैस महंगी

कंपनी के नोटिस के अनुसार यह नई कीमत उन ग्राहकों पर लागू होगी जो अपनी तय दैनिक कॉन्ट्रैक्ट मात्रा से ज्यादा गैस इस्तेमाल करते हैं. कॉन्ट्रैक्ट की सीमा के ऊपर इस्तेमाल होने वाली गैस की दर अब काफी महंगी हो गई है. इससे औद्योगिक ग्राहकों की लागत बढ़ने की संभावना है. कई उद्योगों के लिए यह लागत दबाव बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है.