942 रुपए वाले LPG सिलेंडर का असली खर्च जानते हैं आप, साथ में मिलती है 10 लाख तक की सिक्योरिटी
7 जून से दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़ाकर 942 रुपये कर दी गई है. कीमत बढ़ने के बाद भी सरकार का कहना है कि उपभोक्ता अभी भी सिलेंडर की पूरी लागत नहीं चुका रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर को तैयार करने, विदेश से मंगाने और आपके घर तक पहुंचाने में कुल कितना खर्च आता है.

LPG Cylinder Actual Price: देशभर में रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं. 7 जून से दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़ाकर 942 रुपये कर दी गई है. कीमत बढ़ने के बाद भी सरकार का कहना है कि उपभोक्ता अभी भी सिलेंडर की पूरी लागत नहीं चुका रहे हैं. दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुई समस्याओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में बड़ी तेजी आई है.
इसका असर भारत के आयात खर्च पर भी पड़ा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर को तैयार करने, विदेश से मंगाने और आपके घर तक पहुंचाने में कुल कितना खर्च आता है. सरकार के ताजा आंकड़े इस सवाल का जवाब देते हैं और बताते हैं कि उपभोक्ता अभी भी बाजार कीमत से काफी कम भुगतान कर रहे हैं.
एक सिलेंडर की असली लागत कितनी है?
- PTI के मुताबिक सरकार के मुताबिक एक 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर को आयात करने, तैयार करने और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कुल लागत 1,600 रुपये से ज्यादा हो गई है.
- इसके मुकाबले दिल्ली में उपभोक्ता अभी केवल 942 रुपये दे रहे हैं.
- यानी एक सिलेंडर पर वास्तविक लागत और बिक्री कीमत के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है.
LPG सिलेंडर के साथ मिलती है लाखों की सिक्योरिटी
बहुत कम लोगों को पता है कि घरेलू LPG सिलेंडर लेने पर सिर्फ गैस ही नहीं, बल्कि लाखों रुपये का बीमा कवर भी मिलता है. सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अपने सभी पंजीकृत LPG ग्राहकों के लिए एक विशेष पब्लिक लाइबिलिटी इंश्योरेंस पॉलिसी लेती हैं. इसका मकसद LPG से जुड़े हादसों की स्थिति में प्रभावित लोगों को जल्दी राहत देना है.
अगर LPG सिलेंडर से आग लगने या किसी हादसे में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो बीमा के तहत प्रति व्यक्ति 6 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है. इसके अलावा हादसे में घायल होने पर इलाज के लिए एक घटना में कुल 30 लाख रुपये तक का मेडिकल कवर मिलता है. हालांकि एक व्यक्ति के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये तक के इलाज का खर्च कवर किया जाता है.
सिर्फ लोगों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि संपत्ति को हुए नुकसान का भी ध्यान रखा गया है. यदि LPG से जुड़े हादसे में घर या संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो एक घटना पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकता है. हालांकि यह बीमा तभी लागू होता है जब आग या हादसे की मुख्य वजह LPG हो. यदि किसी दूसरी वजह से आग लगी हो और बाद में LPG सिलेंडर उसकी चपेट में आकर फट जाए, तो ऐसे मामलों में यह बीमा कवर लागू नहीं होगा.
| क्या सुविधा मिलती है? | कितना लाभ मिलता है? |
|---|---|
| LPG हादसे में मौत होने पर | ₹6 लाख तक का मुआवजा प्रति व्यक्ति |
| घायल होने पर इलाज का खर्च | एक हादसे में कुल ₹30 लाख तक का मेडिकल कवर |
| एक व्यक्ति के इलाज का खर्च | अधिकतम ₹2 लाख तक |
| घर या संपत्ति को नुकसान होने पर | अधिकतम ₹2 लाख तक का मुआवजा |
फिर भी क्यों बढ़े दाम?
हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इससे पहले 7 मार्च को भी 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई थी. यानी तीन महीने के भीतर कुल 89 रुपये का इजाफा हो चुका है. सरकारी तेल कंपनियों को कीमत बढ़ने से पहले हर सिलेंडर पर करीब 703 रुपये का नुकसान हो रहा था. नई बढ़ोतरी के बाद यह नुकसान कुछ कम होगा, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
उज्ज्वला योजना वालों को कितने में मिलेगा सिलेंडर?
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी.
- इस वजह से उन्हें पहले चार रिफिल पर 942 रुपये के बजाय प्रभावी रूप से 642 रुपये ही चुकाने होंगे.
- यह व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?
- भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है.
- LPG की आयात कीमत सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) से जुड़ी होती है.
- फरवरी में यह कीमत लगभग 543 डॉलर प्रति टन थी.
- लेकिन पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों के बाद जून तक यह बढ़कर लगभग 790 डॉलर प्रति टन पहुंच गई.
- यानी करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
फिर भी दूसरे देशों से सस्ता है भारत
सरकार का कहना है कि कीमत बढ़ने के बाद भी भारत में घरेलू LPG कई पड़ोसी देशों और कई विकसित देशों की तुलना में सस्ती है. भारत में घरेलू सिलेंडर की कीमत बाजार आधारित वास्तविक लागत से काफी कम रखी गई है ताकि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े.
सरकार के अनुसार घरेलू LPG बिक्री पर होने वाला कुल नुकसान पिछले वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 60,000 करोड़ रुपये पहुंच गया. इस नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने सरकारी तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की है.
आम उपभोक्ता के लिए क्या मतलब है?
सरल शब्दों में कहें तो जिस 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के लिए उपभोक्ता 942 रुपये दे रहे हैं, उसकी वास्तविक लागत 1,600 रुपये से ज्यादा है. यानी बाकी का बड़ा हिस्सा सरकार और सरकारी तेल कंपनियां वहन कर रही हैं ताकि रसोई गैस आम लोगों की पहुंच में बनी रहे.
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