PACL घोटाले में ED की सबसे बड़ी कार्रवाई, ₹10,021 करोड़ की 247 संपत्तियां अटैच, जानें 48000 करोड़ का कैसे लगा था चूना
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PACL (पर्ल्स ग्रुप) घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 10,021 करोड़ रुपये की 247 अचल संपत्तियां अटैच कर दी हैं. एजेंसी के अनुसार ये संपत्तियां निवेशकों से जुटाई गई रकम से खरीदी गई थीं. PACL पर 48,000 करोड़ रुपये का अवैध निवेश घोटाला चलाने का आरोप है.
ED Action on PACL Group: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चंडीगढ़ की कंपनी PACL (पर्ल्स ग्रुप) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने 247 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) किया है, जिनकी कुल कीमत 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है. PACL पर करीब 48,000 करोड़ रुपये का पोंजी घोटाला चलाने का आरोप है, जिसमें लाखों निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है.
₹10021 करोड़ की संपत्ती अटैच
ED के अनुसार, जिन 247 संपत्तियों को अटैच किया गया है वे पंजाब के SAS नगर (मोहाली), रूपनगर और जीरकपुर में स्थित हैं. इन संपत्तियों की कुल कीमत 10,021.46 करोड़ रुपये आंकी गई है. एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां निवेशकों से जुटाए गए पैसे से खरीदी गई थीं और इन्हें अपराध की कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) माना गया है. ED अधिकारियों के मुताबिक, यह मूल्य और संख्या के हिसाब से अब तक का सबसे बड़ा सिंगल अटैचमेंट आदेश है. हालांकि पहले भी बड़े मामलों में ज्यादा संपत्तियां जब्त हुई हैं, लेकिन वे अलग-अलग मामलों से जुड़ी थीं.
क्या है पूरा मामला?
चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपियों ने खेती की जमीन बेचने और उसे विकसित करने के नाम पर देशभर के लाखों लोगों से 48,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई. लोगों को नकद भुगतान और किस्तों की योजना के जरिए निवेश करने के लिए लालच दिया गया. उनसे कई तरह के कागजों पर साइन करवाए गए, जो बाद में भ्रामक निकले. ज्यादातर मामलों में निवेशकों को जमीन दी ही नहीं गई और उनका पैसा फंसा रह गया. इस घोटाले को छिपाने के लिए कई फर्जी कंपनियों और उल्टे-सीधे लेनदेन का सहारा लिया गया. एजेंसी का दावा है कि ज्यादातर मामलों में निवेशकों को जमीन नहीं दी गई और लगभग 48,000 करोड़ रुपये अब भी बकाया हैं.
CBI केस के बाद शुरू हुई ED जांच
यह मामला फरवरी 2014 में CBI द्वारा दर्ज केस के बाद सामने आया. इसके आधार पर ED ने 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. इस मामले में कंपनी के प्रमोटर निर्मल सिंह भंगू और अन्य लोगों के खिलाफ जांच हुई. भंगू का निधन अगस्त 2024 में हो गया. अब तक ED इस मामले में चार चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. ताजा कार्रवाई के बाद एजेंसी ने कुल 17,610 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच की हैं, जिनमें कुछ विदेशी संपत्तियां भी शामिल है.
