भारत का वेनेजुएला की ओर झुकाव! BPCL ने पहली बार खरीदा कच्चा तेल, HMEL ने भी दो साल बाद की वापसी

भारत की तेल आयात रणनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिल रहा है. सरकारी और निजी रिफाइनर अब नए स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजार और भारत की ऊर्जा नीति पर असर पड़ सकता है. यह कदम न सिर्फ सप्लाई चेन बल्कि आने वाले समय में तेल कारोबार की दिशा भी तय करेगा.

तेल आयात Image Credit: canva

India Venezuelan oil import: भारत की सरकारी रिफाइनरी Bharat Petroleum Corporation Ltd (BPCL) ने पहली बार वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदा है, जबकि HPCL Mittal Energy Ltd (HMEL) ने दो साल बाद इस दक्षिण अमेरिकी देश का कच्चा तेल खरीदा है. ये जानकारी रॉयटर्स ने ट्रेड से जुड़े तीन स्रोतों के हवाले से दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने वेनेजुएला की मेरेय क्रूड ग्रेड में प्रत्येक लगभग एक मिलियन बैरल तेल के लिए अलग-अलग डील की है, जो एक बड़े क्रूड कैरियर पर संयुक्त रूप से लोड किया जाएगा ताकि शिपिंग लागत बचाई जा सके. इस कदम से भारत के वेनेजुएला से तेल आयात अप्रैल तक कम से कम 6 मिलियन बैरल तक पहुंच जाएंगे.

खरीदी का मकसद और रणनीति

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि BPCL और HMEL ने यह तेल ट्रेडर Vitol से खरीदा है, लेकिन इस डील की कीमत क्या है इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक तौर पर नहीं दी गई है. HMEL यह तेल दो साल के अंतर के बाद खरीद रहा है, इससे पहले उसने फरवरी 2024 में वेनेजुएला का क्रूड लिया था. भारतीय रिफाइनर इस तरह के आयात से अपनी तेल सोर्सिंग में विविधता लाना चाहते हैं, खासकर जब वे रूसी तेल के आयात को घटा रहे हैं. यह रणनीति अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते में भी मददगार साबित हुई है.

रूसी तेल से दूरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम पहले भी वेनेज़ुएला का कच्चा तेल खरीद चुकी हैं, जो आमतौर पर दुबई क्रूड बेंचमार्क से 6.5 से 7 डॉलर प्रति बैरल सस्ता रहा है.

HPCL Mittal ने अक्टूबर में रूसी तेल के आयात को रोक दिया था, और अन्य मामलों के बावजूद नई दिल्ली ने आधिकारिक रूप से रूस से तेल खरीद बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन भारतीय रिफाइनर हाल के महीनों में रूसी तेल से बच रहे हैं. इसी कारण वेनेजुएला जैसे वैकल्पिक स्रोत पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. इससे भारत के तेल आयात मिश्रण में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.

डिलीवरी और वितरण योजनाएं

BPCL वेनेजुएला से खरीदे तेल दो हिस्सों में बंटेगा. एक हिस्सा कैरल के कोच्चि पोर्ट पर उतारेगा, जहां कंपनी की 3.10 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली कोच्चि रिफाइनरी है, जबकि दूसरा हिस्सा गुजरात के सिक्का पोर्ट के जरिए 1.56 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली बीना रिफाइनरी तक पहुंचेगा.

वहीं HMEL वेनेज़ुएला से आयातित कच्चे तेल को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए अपनी 2.26 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली बठिंडा रिफाइनरी तक लाएगी.

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अमेरिका में भी बढ़ेगा आयात

अमेरिका में भी वेनेजुएला से तेल निर्यात अप्रैल में बढ़ने की उम्मीद है. रिफाइनर Valero Energy को मार्च में करीब 65 लाख बैरल वेनेजुएला क्रूड मिलने की संभावना है, जबकि Chevron ने अमेरिका को तेल सप्लाई तेजी से बढ़ा दी है और अन्य अमेरिकी रिफाइनर भी सीधे वेनेजुएला से खरीद की कोशिश में जुटे हैं.