AI के डर से IT सेक्टर में भगदड़, FIIs ने 15 दिन में निकाले ₹10,956 करोड़, जानें कहां जा रहा स्मार्ट मनी

भारतीय शेयर बाजार में इस समय एक सेक्टर को लेकर सबसे ज्यादा चिंता दिखाई दे रही है. तकनीकी बदलाव, निवेशकों की धारणा और वैश्विक संकेतों ने बाजार का रुख बदल दिया है. कुछ बड़े शेयरों में तेज हलचल ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आगे रणनीति क्या होनी चाहिए.

IT Stocks down Image Credit: FreePik

FII selling Indian IT stocks: भारत के आईटी सेक्टर को लेकर विदेशी निवेशकों की चिंता अब खुलकर सामने आने लगी है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तेजी से हो रहे बदलाव और नए, ज्यादा ऑटोमेटेड टूल्स के आने से विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII भारतीय आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं दिख रहे हैं. इसी डर के चलते फरवरी के पहले पखवाड़े में ही आईटी शेयरों से बड़ी रकम निकलती दिखाई दी है.

आईटी शेयरों से तेज निकासी

फरवरी के पहले पंद्रह दिनों में FIIs ने भारतीय आईटी शेयरों से करीब 10,956 करोड़ रुपये निकाल लिए. इससे पहले साल 2025 में ही विदेशी निवेशक आईटी सेक्टर से 74,698 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके थे. वहीं, पिछले महीने भी आईटी शेयरों से 1,835 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी. यह आंकड़े दिखाते हैं कि निवेशक लगातार आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठा रहे हैं.

निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी है. Claude Cowork और Palantir जैसे प्लेटफॉर्म ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स पेश कर रहे हैं, जो कम मेहनत में ज्यादा काम कर सकते हैं. इससे आईटी सर्विस कंपनियों की भूमिका घटने का खतरा है. निवेशकों को डर है कि इससे कंपनियों की कमाई पर दबाव आएगा और आने वाले समय में रेवेन्यू में तेज गिरावट हो सकती है.

शेयरों में भारी गिरावट

इस चिंता का असर शेयर बाजार में साफ दिख रहा है. इस साल अब तक निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 13 फीसदी टूट चुका है. Wipro के शेयर करीब 19 फीसदी, LTIMindtree करीब 22 फीसदी और L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज करीब 14.5 फीसदी नीचे हैं. Infosys और LTIMindtree जैसे बड़े नामों में भी दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक आईटी कंपनियां एआई के दौर में अपने बिजनेस मॉडल को नए सिरे से नहीं ढालतीं, तब तक इस सेक्टर पर निवेशकों का भरोसा लौटना मुश्किल हो सकता है.

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बाकी सेक्टरों में दिखा भरोसा

आईटी सेक्टर की कमजोरी के उलट, इस महीने विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार के दूसरे हिस्सों में खरीदारी की है. अमेरिकी-भारत अंतरिम व्यापार समझौते के बाद FIIs ने कुल मिलाकर 19,675 करोड़ रुपये का निवेश किया. कैपिटल गुड्स में 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा, वित्तीय शेयरों में 6,175 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. तेल-गैस, मेटल, पावर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी पैसा आया.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.