AI और डिजिटल बूम पर दांव! LIC MF ने लॉन्च किया Technology Fund, 20 फरवरी से खुलेगा NFO
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती मांग के बीच LIC म्यूचुअल फंड ने नया टेक्नोलॉजी फंड लॉन्च करने की घोषणा की है. यह थीमैटिक इक्विटी स्कीम सेमीकंडक्टर, क्लाउड, इंटरनेट और AI आधारित कंपनियों में निवेश का अवसर देगी. NFO 20 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक खुला रहेगा.
LIC MF Technology Fund NFO: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, डेटा सेंटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म की तेजी से बढ़ती मांग के बीच LIC म्यूचुअल फंड ने एक नई थीमैटिक इक्विटी स्कीम लॉन्च करने की घोषणा की है जिसका नाम- LIC MF Technology Fund है. यह फंड भारत के तेजी से विकसित हो रहे टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में निवेश का मौका देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जहां AI अपनाने, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर और डिजिटल सेवाओं का विस्तार आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन माना जा रहा है.
कब खुलेगा फंड?
ये न्यू फंड ऑफर (NFO) 20 फरवरी को खुलकर 6 मार्च 2026 को बंद हो जाएगा. इसके बाद यह स्कीम 19 मार्च से नियमित खरीद-फरोख्त (सब्सक्रिप्शन और रिडेम्पशन) के लिए दोबारा उपलब्ध होगी. फंड का मैनेजमेंट करण दोशी और जयप्रकाश तोशनीवाल संयुक्त रूप से करेंगे, जबकि इसका प्रदर्शन BSE टीईसीके टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) के मुकाबले आंका जाएगा.
केवल आईटी सर्विसेज तक सीमित नहीं रहेगा फंड!
यह फंड पारंपरिक IT सर्विस कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी वैल्यू चेन के व्यापक दायरे को कवर करेगा. इसमें सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां, डेटा सेंटर ऑपरेटर, डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म, इंटरनेट बेस्ड बिजनेस, क्लाउड और AI सॉल्यूशन प्रोवाइडर और दूसरी उभरती तकनीकी कंपनियां शामिल हो सकती हैं. LIC म्यूचुअल फंड का मानना है कि डिजिटलाइजेशन की अगली लहर केवल सॉफ्टवेयर सर्विसेज तक सीमित नहीं है, बल्कि हार्डवेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेटफॉर्म-बेस्ड बिजनेस मॉडल भी इसमें अहम भूमिका निभाएंगे.
क्या है कंपनी का कहना?
LIC म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.के. झा के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026-27 में सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों के विकास पर सरकार के जोर ने इस क्षेत्र की लॉन्ग टर्म संभावनाओं को और मजबूत किया है. उनका कहना है कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार और निर्माण का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे लिस्टेड टेक कंपनियों में लंबी अवधि के निवेश अवसर पैदा हो सकते हैं.
कैसी होगी पोर्टफोलियो?
मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी) योगेश पाटिल ने बताया कि फंड की रणनीति उन कंपनियों की पहचान करने पर आधारित होगी जिनके पास मजबूत बिजनेस मॉडल, स्थिर नकदी प्रवाह और बड़े पैमाने पर विस्तार की क्षमता हो. उनका लक्ष्य एक बैलेंस्ड और डायवर्सिफाइड टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो तैयार करना है, ताकि किसी एक उप-क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता से बचा जा सके.
क्या है निवेश की शर्तें?
निवेश की शर्तों की बात करें तो NFO के दौरान न्यूनतम निवेश राशि 1,000 रुपये रखी गई है, जिसके बाद 1 रुपये के गुणकों में निवेश बढ़ाया जा सकता है. दैनिक SIP की शुरुआत 100 रुपये से, मासिक SIP 200 रुपये से और तिमाही SIP 1000 रुपये से की जा सकती है. नियमित लेन-देन शुरू होने के बाद ही SIP प्रभावी होगी. AI, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल भुगतान और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रहा विस्तार आने वाले दशक में टेक सेक्टर की इनकम और वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकता है.
ऐसे में थीमैटिक टेक्नोलॉजी फंड उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकते हैं जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लॉन्ग टर्म विकास में भागीदारी चाहते हैं. हालांकि, चूंकि यह सेक्टर चक्रों और वैश्विक मांग पर भी निर्भर करता है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव की संभावना अधिक रहती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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