शेयर बाजार में 3 दिन बाद भारी गिरावट, इन स्टॉक्स ने डुबाए पैसे, जानें वो 4 कारण जिससे मार्केट हुआ लहूलुहान

शुरुआती बढ़त के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से करीब 750 अंक टूट गया जबकि निफ्टी 25,600 के नीचे फिसल गया. तीन दिन की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली से निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट आई. आइये गिरावट की वजहों पर नजर डालते हैं.

शेयर मार्केट में गिरावट. Image Credit: Tv9 Bharatvarsh

19 फरवरी (गुरुवार) को शुरुआती बढ़त के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से करीब 750 अंक टूट गया जबकि निफ्टी 25,600 के नीचे फिसल गया. दोपहर करीब 12:15 बजे के आसपास सेंसेक्स 762.61 अंकों की गिरावट के साथ 82,971.64 पर और निफ्टी करीब 224.70 अंक टूटकर 25,594.65 पर कारोबार करता दिखा. बाजार में व्यापक बिकवाली रही जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से ज्यादा रही. दोपहर 12:28 बजे सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल 2 शेयर (इंफोसिस और टीसीएस) हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. आइये जानते हैं कि गिरावट की प्रमुख वजहें क्या हैं?

इन शेयरों में गिरावट

ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन और अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर करीब 2% तक टूटे. वहीं जेएसडब्ल्यू स्टील, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एशियन पेंट्स, अडानी पोर्ट्स और जियो फाइनेंशियल जैसे कई शेयरों में भी कमजोरी रही. हालांकि अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की मजबूती के बाद आईटी शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली.

सेंसेक्स का हाल

गिरावट की क्या हैं वजहें

मुनाफावसूली का दबाव

लगातार तीन सत्रों की तेजी के बाद 19 फरवरी को निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग की जिससे शेयरों पर दबाव बढ़ा. पिछले तीन दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1.4% चढ़े थे जिसे दिसंबर तिमाही के बेहतर नतीजों का सहारा मिला था. 16 में से 13 प्रमुख सेक्टर गिरावट में रहे, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर क्रमशः 0.1% और 0.4% टूटे. बाजार में फिलहाल स्टॉक-स्पेसिफिक खरीदारी दिख रही है जो सतर्क निवेश रुख को दिखाती है. निकट अवधि में कंसोलिडेशन की संभावना जताई जा रही है.

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

अमेरिका-ईरान तनाव की आशंका के बीच सप्लाई बाधित होने की चिंताओं से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया. ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा, जबकि अमेरिकी क्रूड भी ऊंचे स्तर पर टिका रहा. ऊंचे तेल दाम आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकते हैं, जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ.

टेक्निकल लेवल

एनालिस्ट के अनुसार, बाजार में मजबूत तेजी के लिए निफ्टी का 25,900-26,000 के दायरे के ऊपर टिकना जरूरी है. 25,700-25,660 के बीच तत्काल सपोर्ट दिख रहा है जबकि 26,000-26,050 बड़ा रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है. जब तक निफ्टी 26,000 के ऊपर स्थायी ब्रेकआउट नहीं देता, तब तक बाजार में अस्थिरता और सीमित दायरे में कारोबार जारी रह सकता है.

बढ़ती वोलैटिलिटी

इंडिया VIX करीब 3.5% बढ़कर 12.66 पर पहुंच गया, जो निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बढ़ने का संकेत है. 19 फरवरी को सेंसेक्स कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी भी है इसलिए भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.

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