हर तरफ AI फेवरेट, फिर भी गिर रहे ये दो स्टॉक; 52-वीक हाई से 47% तक टूटे शेयर, जानें क्यों
फरवरी का महीना देश की आईटी कंपनियों के लिए भारी गिरावट लेकर आया है. Nifty IT इंडेक्स में करीब 16 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई, जिसकी बड़ी वजह एआई से जुड़ी बढ़ती प्रतिस्पर्धा रही. हालांकि चुनौतियों के बीच कुछ आईटी कंपनियां अपने कोर बिजनेस में एआई को शामिल कर नए अवसर तलाश रही हैं.
AI Stocks: फरवरी का महीना देश की IT कंपनियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है. बीते एक महीने में Nifty IT इंडेक्स में लगभग 16 फीसदी की गिरावट आई है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह IT इंडस्ट्री के सामने AI से उत्पन्न चुनौतियां है. फरवरी में आईटी इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा, जिसकी एक वजह एआई कंपनी Anthropic द्वारा नए टूल्स की घोषणा थी. लेकिन इस गिरावट के बीच एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें निवेशकों को उम्मीद दिख रही है. वह सेक्टर है AI. हालांकि अब आईटी कंपनियां भी अपने कोर बिजनेस में एआई को शामिल कर रही हैं. इस रिपोर्ट में ऐसी दो कंपनियों के बारे में बताया गया है, जो आईटी सेक्टर की हैं, लेकिन अपने कोर बिजनेस में AI को शामिल कर रही हैं. साथ ही, इनके शेयर अपने 52-वीक हाई से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं.
Happiest Minds Technologies
मिड कैप कंपनी हैप्पीएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड एक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन आईटी कंसल्टिंग और सर्विसेज कंपनी है, जो एआई, क्लाउड, आईओटी और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करती है.
गुरुवार को बाजार खुलते ही इसके शेयर में मामूली गिरावट आई है. इस गिरावट के बाद शेयर का भाव 385.95 रुपये पर पहुंच गया था. इसका 52-वीक हाई 735 रुपये है. यानी अपने 52-वीक हाई से यह लगभग 47 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है. इसका मार्केट कैप 5,892 करोड़ रुपये है. इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.8 है.
दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 603 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया, जो जून तिमाही के 595 करोड़ रुपये से 8 करोड़ अधिक है. हालांकि कंपनी के मुनाफे में लगातार दो तिमाहियों से गिरावट आई है. दिसंबर में कंपनी का प्रॉफिट 40 करोड़ रुपये से अधिक रहा.
Saksoft
स्मॉल कैप कंपनी साकसॉफ्ट एक आईटी कंपनी है, जो दूसरी कंपनियों को डिजिटल तकनीक के जरिए आगे बढ़ने में मदद करती है. अब कंपनी साधारण सॉफ्टवेयर सर्विस के बजाय एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सॉल्यूशंस पर ज्यादा ध्यान दे रही है. इसका लक्ष्य 2030 तक 500 मिलियन डॉलर की कमाई करना है.
गुरुवार को बाजार खुलते ही इसके शेयरों में 1 फीसदी तक तेजी आई. इस तेजी की वजह से शेयर का भाव लगभग 166 रुपये तक पहुंच गया. बीते पांच साल में कंपनी ने निवेशकों को 502 फीसदी तक रिटर्न दिया है. कंपनी पर कर्ज न के बराबर है. इसका मार्केट कैप 2,163 करोड़ रुपये है. शेयर अपने 52-वीक हाई 253.99 रुपये से लगभग 36 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है.
दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 254 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर तिमाही के 265 करोड़ रुपये से कम है. वहीं, मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी संघर्ष करती नजर आई है. बीते कई तिमाहियों से कंपनी का प्रॉफिट घटता जा रहा है. मार्च में यह 30 करोड़ रुपये, जून में 32 करोड़ रुपये और सितंबर में लगभग 36 करोड़ रुपये का प्रॉफिट रहा था. दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 29 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
इस इंफ्रा कंपनी को 2 साल के लिए NHAI ने किया बैन, 10% तक टूटे स्टॉक; जानें कहां हुई चूक, 52-वीक लो पर पहुंचा शेयर
तेजी के साथ खुला शेयर बाजार लेकिन फिर निफ्टी-सेंसेक्स लुढ़के, एचसीएल टेक, इंफोसिस समेत IT शेयरों में दिख रही बड़ी तेजी
इन 7 Railway PSU Stock में सरकार घटाएगी हिस्सेदारी, 80000 करोड़ जुटाने का प्लान, देखें लिस्ट में कौन शामिल?
