TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

दिवाली से पहले सोना खरीदने वालों को राहत, क्या ₹1.40 लाख तक गिरेंगे दाम; जानें क्या कहते है एक्सपर्ट

दिवाली से पहले सोना खरीदने वालों के लिए कीमतों में नरमी का मौका बन सकता है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा है. हालांकि, दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका सोने की कीमतों पर दबाव बना सकती है.MCX पर 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास सोना खरीदारी का मौका दे सकता है.

अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों को 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा.

Highlights

  • अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों को 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा.
  • MCX पर 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर संभावित खरीदारी का मौका हो सकता है.
  • दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका और डॉलर की चाल सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती है.

दिवाली से पहले सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमतों में नरमी का मौका बन सकता है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा है. इससे सोने की कीमतों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, दिसंबर में अमेरिकी फेड की अगली बैठक और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका सोने की तेजी पर दबाव डाल सकती है. दूसरी ओर, भारत में त्योहारों के चलते सोने की खरीदारी बढ़ रही है. ऐसे में सवाल है कि क्या सोने के दाम घटकर 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकते हैं और दिवाली से पहले खरीदारों को इंतजार करना चाहिए या नहीं?

फेड के फैसले से सोने को कितनी राहत?

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दरों को 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा. बाजार को पहले से ही इस फैसले की उम्मीद थी. ऐसे में फेड के फैसले से सोने की कीमतों की दिशा में बड़ा बदलाव नहीं आया है.

जानकारो के मुताबिक, ब्याज दरों पर फिलहाल रोक से सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में स्थिर हो सकती हैं. इससे खरीदारों को कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि, कीमतों का स्थिर होना और उनमें नई तेजी आना दो अलग बातें हैं.

सोने की आगे की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिकी फेड दिसंबर में ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत देता है. इसके अलावा महंगाई के आंकड़े, डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी सोने की कीमतों को प्रभावित करेंगे.

क्या 1.40 लाख रुपये तक गिर सकते हैं सोने के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,120 डॉलर प्रति औंस के नीचे और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 146000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे दबाव में है. घरेलू बाजार में कीमतें 140000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आती हैं, तो खरीदारों को खरीदारी का मौका मिल सकता है.

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सोने के दाम निश्चित रूप से 1.40 लाख रुपये तक गिरेंगे. कीमतों की चाल अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख और रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति पर भी निर्भर करेगी.

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सस्ता होता है, लेकिन इस दौरान रुपया कमजोर पड़ता है, तो भारतीय खरीदारों को वैश्विक कीमतों में गिरावट का पूरा फायदा नहीं मिल सकता. इसलिए घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर नजर रखते समय डॉलर-रुपये की चाल को भी समझना जरूरी है.

दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका से दबाव

फेड के फैसले का सोने की कीमतों पर सीमित असर पड़ा है, क्योंकि बाजार पहले ही ब्याज दरों में बदलाव नहीं होने की उम्मीद कर रहा था. उन्होंने कहा कि दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 78 फीसदी है, जो सोने की कीमतों पर दबाव बनाए हुए है.

ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशकों के लिए ब्याज देने वाले विकल्प ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं. इसके मुकाबले सोना नियमित ब्याज नहीं देता. यही वजह है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका सोने की तेजी को सीमित कर सकती है.

अगर आगे बाजार को लगता है कि दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना कम हो रही है, तो सोने की कीमतों को ऊपर जाने का मौका मिल सकता है. ऐसे में फेड की अगली बैठक सोने के बाजार के लिए अहम साबित हो सकती है.

भारत में बढ़ी सोने की खरीदारी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के बावजूद भारत में सोने की खरीदारी में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. India Bullion & Jewellers Association यानी IBJA के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता के मुताबिक, पिछले पांच दिनों में देशभर में अलग-अलग क्षेत्रों से सोने की अच्छी खरीदारी देखने को मिली है.

वहीं, Metals Focus के आदर्श दिवे के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने पर मिलने वाली छूट घटकर करीब 2 डॉलर प्रति औंस रह गई है. खरीदारी बढ़ने से भारतीय बाजार की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के करीब आई हैं.

त्योहारों और शादी के सीजन में मांग बढ़ने से घरेलू कीमतों को सहारा मिल सकता है. हालांकि, मांग बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि सोने के दाम जरूर बढ़ेंगे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी रहने पर घरेलू कीमतों पर भी दबाव बना रह सकता है.

ये भी पढ़ें- ₹200 का कूपन और ₹50 लाख की Toyota Fortuner! मध्य प्रदेश के 6 साल के बच्चे की चमकी किस्मत

सोना खरीदें या इंतजार करें?

दिवाली या शादी के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के सामने फिलहाल कीमतों में संभावित गिरावट का इंतजार करने और मौजूदा भाव पर खरीदारी करने के बीच चुनाव है. बाजार के संकेत बताते हैं कि कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं, लेकिन दिसंबर में फेड के फैसले से पहले उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.

ऐसे में जो लोग खरीदारी के लिए तैयार हैं, वे एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय अलग-अलग चरणों में खरीदारी करने पर विचार कर सकते हैं. इससे कीमतों में अचानक बदलाव होने पर पूरे निवेश के एक ही भाव पर होने का जोखिम कम हो सकता है.

हालांकि, 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर संभावित खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जा रहा है, न कि सोने की कीमतों का पक्का लक्ष्य. अंतिम फैसला लेने से पहले अपने खरीदारी के उद्देश्य, बजट और बाजार के ताजा भाव पर ध्यान देना जरूरी है.