TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

मुंबई एयरपोर्ट से नवी मुंबई क्यों नहीं शिफ्ट होना चाहती हैं विदेशी एयरलाइंस? अडानी और ऑपरेटर्स के बीच गतिरोध

बुधवार को दोनों पक्षों के बीच करीब 90 मिनट तक चली बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी. अडानी एयरपोर्ट्स मुंबई और नवी मुंबई, दोनों एयरपोर्ट ऑपरेट करती है. विदेशी एयरलाइंस के साथ सहमति नहीं बनने के बीच कुछ भारतीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों को नवी मुंबई शिफ्ट करने की योजनाएं घोषित की हैं.

अडानी एयरपोर्ट और एयरलाइंस के बीच गतिरोध. Image Credit: Getty

Highlights

  • विदेशी एयरलाइंस की आपत्तियों के कारण उड़ानों की शिफ्टिंग पर अभी सहमति नहीं बन पाई है.
  • 3 नवंबर की डेडलाइन और एयरलाइंस के साथ होने वाली आगे की बातचीत महत्वपूर्ण होगी.
  • एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को तोड़कर नए सिरे से डेवलप करने की योजना है.

मुंबई एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने के मुद्दे पर अडानी एयरपोर्ट्स और विदेशी एयरलाइंस के बीच गतिरोध बना हुआ है. बुधवार को दोनों पक्षों के बीच करीब 90 मिनट तक चली बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी. विदेशी एयरलाइंस ने प्रस्तावित बदलाव पर सहमति देने से पहले एयरपोर्ट की क्षमता, उड़ानों के शिफ्ट करने और पुनर्विकास की समयसीमा से जुड़ी अधिक जानकारी मांगी है.

क्या है विवाद का अहम मुद्दा?

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में मुंबई के एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी (AOC) से जुड़ी करीब 45 एयरलाइंस के लगभग 50 अधिकारियों ने हिस्सा लिया. अडानी एयरपोर्ट्स मुंबई और नवी मुंबई, दोनों एयरपोर्ट ऑपरेट करती है. विवाद का अहम मुद्दा ये है कि मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के दौरान अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कब और किन शर्तों पर नवी मुंबई शिफ्ट किया जाए.

अप्रैल 2027 से शुरू होगा टर्मिनल-1 का पुनर्विकास

छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को तोड़कर नए सिरे से डेवलप करने की योजना है. एयरपोर्ट ऑपरेटर के मुताबिक, इसका काम अप्रैल 2027 में शुरू होने की उम्मीद है और पुनर्विकसित टर्मिनल दिसंबर 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य है.

मौजूदा समय में टर्मिनल-1 से घरेलू उड़ानें ऑपरेट होती हैं. इसके रिडेवलपमेंट के दौरान प्रभावित होने वाले घरेलू यात्रियों को एडजस्ट करने के लिए टर्मिनल-2 की क्षमता का इस्तेमाल किया जाना है. इसके लिए टर्मिनल-2 से ऑपरेट होने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है.

यात्री क्षमता बढ़ाने की योजना

एयरपोर्ट ऑपरेटर के मुताबिक, रिडेवलपमेंट के बाद टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर 2 करोड़ हो जाएगी. यहां विमानों के लिए कॉन्टैक्ट स्टैंड की संख्या 7 से बढ़ाकर 25 और चेक-इन काउंटरों की संख्या 74 से बढ़ाकर 109 करने की योजना है. बैगेज बेल्ट की संख्या भी 5 से बढ़ाकर 11 की जाएगी.

विदेशी एयरलाइंस क्यों कर रही हैं विरोध?

विदेशी एयरलाइंस का कहना है कि मुंबई से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों को शिफ्ट करने से उनके ऑपरेशन की लागत और जटिलता बढ़ सकती है. उनका तर्क है कि एक ही शहर में दो अलग-अलग एयरपोर्ट से ऑपरेट करने पर विमानों, कर्मचारियों, ग्राउंड हैंडलिंग और यात्रियों के कनेक्शन का प्रबंधन मुश्किल हो सकता है.

एयरलाइंस ने टर्मिनल-1 के पुनर्विकास को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का सुझाव दिया है. उनका कहना है कि गर्मियों के 2027 शेड्यूल से मौजूदा उड़ान स्लॉट में एकतरफा कटौती स्वीकार नहीं की जा सकती. वे चाहती हैं कि उड़ानों के शिफ्ट पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के स्लॉट आवंटन नियमों के मुताबिक फैसला हो.

एक एयरलाइन अधिकारी के मुताबिक, एयरलाइंस को 50 किलोमीटर दूर स्थित एयरपोर्ट पर शिफ्ट होने के लिए एकतरफा सहमति देने को नहीं कहा जा सकता. इसके लिए स्पष्ट व्यावसायिक आधार और चरणबद्ध योजना जरूरी है.

3 नवंबर तक देना होगा ट्रांजिशन प्लान

रिपोर्ट के अनुसार, अडानी एयरपोर्ट्स ने एयरलाइंस से 3 नवंबर तक ट्रांजिशन प्लान मांगा है. हालांकि, विदेशी एयरलाइंस ने अपने ऑपरेशन को शिफ्ट करने के लिए अक्टूबर 2027 तक का समय मांगा है.

एयरपोर्ट ऑपरेटर ने बैठक में नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उपलब्ध स्लॉट और एयरलाइंस को आकर्षित करने के लिए प्रस्तावित वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी भी दी. नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग शुल्क में छूट देने का प्रस्ताव है.

छोटी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पहले साल लैंडिंग शुल्क पर 100 फीसदी और दूसरे साल 50 फीसदी छूट देने की योजना है. लंबी दूरी की उड़ानों के लिए पहले, दूसरे और तीसरे साल क्रमशः 100%, 50% और 25% छूट का प्रस्ताव है. यह योजना 31 मार्च 2030 तक लागू रखने का प्रस्ताव है.

भारतीय एयरलाइंस ने शुरू की तैयारी

विदेशी एयरलाइंस के साथ सहमति नहीं बनने के बीच कुछ भारतीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों को नवी मुंबई शिफ्ट करने की योजनाएं घोषित की हैं.

इंडिगो फरवरी से जुलाई 2027 के बीच चरणबद्ध तरीके से अपनी 12 डेली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई शिफ्ट करेगी. इनमें जेद्दा, रियाद, कुवैत, मस्कट और ढाका की उड़ानें शामिल हैं.

एयर इंडिया एक्सप्रेस दिसंबर से नवी मुंबई एयरपोर्ट से चार दैनिक घरेलू उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू करने की तैयारी है. वहीं, अकासा एयर दिसंबर से अपनी मुंबई-जेद्दा उड़ान को नए एयरपोर्ट पर शिफ्ट करेगी.

सालाना 8.5 करोड़ यात्री क्षमता करने का लक्ष्य

अडानी एयरपोर्ट्स की योजना के मुताबिक, मुंबई महानगर क्षेत्र के दोनों एयरपोर्ट की संयुक्त सालाना यात्री क्षमता दिसंबर 2030 तक बढ़कर 8.5 करोड़ हो सकती है. फिलहाल यह क्षमता करीब 7.5 करोड़ यात्रियों की है.

इसके अलावा, मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के उत्तर-पश्चिमी हिस्से का विस्तार मार्च 2029 तक पूरा करने की योजना है. इससे घरेलू यात्रियों को ऑपरेट करने के लिए चार अतिरिक्त बस बोर्डिंग गेट उपलब्ध होंगे.

हालांकि, विदेशी एयरलाइंस की आपत्तियों के कारण उड़ानों की शिफ्टिंग की अंतिम व्यवस्था पर अभी सहमति नहीं बन पाई है. ऐसे में अब 3 नवंबर की डेडलाइन और एयरलाइंस के साथ होने वाली आगे की बातचीत महत्वपूर्ण होगी.

यह भी पढ़ें: अमेजन ने 250 लोगों को नौकरी से निकाला, सुबह-सुबह ईमेल भेजकर दी जॉब खत्म करने की जानकारी; बताया मुश्किल फैसला