हफ्ते के पहले दिन सस्ती हुई चांदी, सोने का भाव भी ₹300 टूटा; गिरावट के बाद जानें कहां पहुंची कीमतें
वैश्विक तनाव और कमजोर संकेतों के बीच सोमवार को सर्राफा बाजार दबाव में रहा. दिल्ली में चांदी 1,800 रुपये गिर गई, जबकि सोना भी नरम हुआ. अमेरिका-ईरान वार्ता के असफल रहने और डॉलर की मजबूती ने बुलियन की चमक फीकी कर दी, आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव के संकेत हैं.

Gold-Silver Price 13 April: सप्ताह की शुरुआत में ही सर्राफा बाजार में सुस्ती देखने को मिली. सोमवार, 13 अप्रैल को राजधानी दिल्ली में सोना और चांदी दोनों ही कमजोर रुख के साथ कारोबार करते नजर आए. वैश्विक स्तर पर बने नकारात्मक माहौल और अमेरिका-ईरान वार्ता के बेनतीजा रहने का असर सीधे बुलियन मार्केट पर दिखा.
कहां पहुंची चांदी?
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी की कीमत में बड़ा झटका देखने को मिला. चांदी 1,800 रुपये टूटकर 2,45,200 रुपये प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित) पर आ गई. इससे पहले शुक्रवार, 10 अप्रैल को यह 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. यानी करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
कितना हुआ 10 ग्राम सोने का भाव?
सोने की बात करें तो 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना भी कमजोर पड़ा. इसकी कीमत 300 रुपये गिरकर 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई, जबकि पिछले सत्र में यह 1,55,300 रुपये पर बंद हुआ था.
क्यों टूटा बुलियन बाजार?
कमोडिटी बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता का असफल रहना है. HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, “वीकेंड पर हुई बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ी, जिसका असर सोमवार को खुलते ही सोना-चांदी पर दिखा.” उन्होंने यह भी बताया कि इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड्स में मजबूती आई, जिससे बुलियन की कीमतों पर दबाव बना.
इंटरनेशनल मार्केट में भी कमजोरी
सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोना और चांदी में गिरावट दर्ज की गई. स्पॉट सिल्वर करीब 2 फीसदी टूटकर 74.31 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि सोना लगभग 26 डॉलर गिरकर 4,722 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया. LKP सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, बाजार में प्रॉफिट बुकिंग भी देखने को मिली. खासतौर पर उस खबर के बाद, जिसमें कहा गया कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए सैन्य तैनाती पर विचार कर सकता है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई डिसरप्शन की आशंका बढ़ी, जिसने निवेशकों को सतर्क कर दिया.
रिकवरी के बाद टूटी कीमतें
गिरावट के शुरुआती दौर के बाद कीमतों में कुछ रिकवरी भी देखने को मिली और सोना फिर से 4,700 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया. यह संकेत देता है कि बाजार अभी भी अनिश्चितता और संभावित तनाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है.
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बुलियन बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. एक तरफ जियोपॉलिटिकल तनाव है, तो दूसरी तरफ संभावित समाधान की उम्मीद भी बनी हुई है. ऐसे में निवेशकों को आने वाले दिनों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. ध्यान देने वाली बात यह भी है कि मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर घरेलू बुलियन बाजार बंद रहेगा, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है.
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