Gold-Silver Price: ₹11 हजार तक टूटे सोने-चांदी के भाव, सस्ता होने के बाद जानें कहां पहुंची कीमतें

राजधानी दिल्ली में सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई. चांदी करीब 5 फीसदी लुढ़क गई, जबकि सोना भी कमजोर हुआ. वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बुलियन बाजार में दबाव बना हुआ है. जानें क्या है एक्सपर्ट्स की राय.

सोने और चांदी की कीमत Image Credit: FreePik

Gold-Silver Price Today 27, March 2026: राजधानी दिल्ली में शुक्रवार, 27 मार्च को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. खासतौर पर चांदी में भारी बिकवाली दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमतों में करीब 5 फीसदी तक की गिरावट आ गई. ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी 11,250 रुपये टूटकर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित) पर आ गई. इससे पहले यह 2,41,250 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी. गौरतलब है कि गुरुवार को रामनवमी के चलते बुलियन मार्केट बंद रहे थे.

सोना भी सस्ता

सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली. 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,900 रुपये गिरकर 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,49,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था. यानी सोने में करीब 1.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. विश्लेषकों के मुताबिक, कीमती धातुओं में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में हो रही हलचल के कारण देखने को मिल रहा है. निवेशकों का रुख इन फैक्टर्स के आधार पर लगातार बदल रहा है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां सोने की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई. स्पॉट गोल्ड करीब 37 डॉलर बढ़कर 4,416 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी भी 0.23 फीसदी की बढ़त के साथ 68.12 डॉलर प्रति औंस पर रही.

क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह के अनुसार, “सोने की कीमतों में शुरुआत में मजबूती देखी गई और यह करीब 4,420 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया. यह तेजी सस्ते स्तर पर खरीदारी (बर्गेन बायिंग) के कारण आई, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में शुरुआती कमजोरी थी. हालांकि बाद में जब क्रूड ऑयल में फिर से तेजी आई, तो सोने ने अपनी बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया.” उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों की नजर अब अमेरिका के आने वाले मैक्रोइकॉनॉमिक्स आंकड़ों पर है, जिसमें उपभोक्ता विश्वास और महंगाई के अनुमान शामिल हैं. ये आंकड़े निकट भविष्य में सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

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