Nifty 500 में लगी आग! 1 महीने में कई दिग्गज शेयर 43% तक टूटे; बैंकिंग-एनर्जी सेक्टर बने टॉप लूजर्स

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का असर पिछले एक महीने में ज्यादा गहरा दिखा है, जहां Nifty 500 के कई शेयरों में 20 से 43 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई. बैंकिंग, रियल्टी और ऑयल-गैस सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. लगातार बिकवाली के दबाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और बाजार की दिशा फिलहाल कमजोर नजर आ रही है.

बाजार में भारी गिरावट. Image Credit: Canva

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 27 मार्च को जोरदार गिरावट देखने को मिली जिससे दो दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया. कारोबारी सत्र के आखिरी में प्रमुख सूचकांक भारी दबाव में बंद हुए और निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. लेकिन इस गिरावट की असली तस्वीर तब सामने आती है जब पिछले एक महीने का ट्रेंड देखा जाए. निफ्टी 500 के कई बड़े शेयरों में इस दौरान भारी बिकवाली हुई है और कुछ कंपनियों के शेयर 43 फीसदी से ज्यादा तक टूट चुके हैं. यह संकेत देता है कि बाजार में कमजोरी सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार बनी हुई है. मालूम हो कि पश्चिमी एशिया में शुरू हुए तनाव के बाद से ही वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर मार्केट में भी बड़ा गिरावट देखा जा रहा है.

एक महीने में कमजोर पड़ा बाजार का बड़ा हिस्सा

पिछले एक महीने के दौरान निफ्टी 500 में शामिल कई कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे बड़े और मिडकैप शेयर भी नहीं बच पाए. 27 मार्च को भी इसका असर साफ दिखा, जब निफ्टी 500 इंडेक्स 21,020.15 पर बंद हुआ, जो 458.05 अंक यानी करीब 2.13 फीसदी की गिरावट को दिखाता है.

इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

एक महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इनमें,

  • IDBI Bank के शेयर में एक महीने में 43 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही. शुक्रवार को भी इसमें 4.68 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और कंपनी का मार्केट कैप 72,256 करोड़ रुपये रहा.
  • Lodha Developers के शेयर में एक महीने में 32 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. शुक्रवार को इसका शेयर 700.20 रुपये पर 4.59 फीसदी गिरकर कारोबार करता दिखा और कंपनी का मार्केट कैप 73,235 करोड़ रुपये रहा.
  • Redington के शेयर में एक महीने में 17 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही. 27 मार्च को यह करीब 5 फीसदी गिरकर 200.70 रुपये पर कारोबार करता दिखा और कंपनी का मार्केट कैप 16,511 करोड़ रुपये रहा.
  • IOC (Indian Oil Corporation) के शेयर में एक महीने में करीब 24 फीसदी की गिरावट आई. शुक्रवार को भी यह करीब 2 फीसदी गिरकर 137.76 रुपये पर कारोबार करता दिखा और कंपनी का मार्केट कैप 1,98,615 करोड़ रुपये रहा.
  • Aegis Vopak Terminals के शेयर में एक महीने में करीब 24 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. 27 मार्च को भी इसमें 2 फीसदी की गिरावट रही और कंपनी का मार्केट कैप 19,539 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का आरओई 3.81 फीसदी और पीई रेशियो 95.32 रहा.
  • Petronet LNG के शेयर में एक महीने में करीब 21 फीसदी की गिरावट आई. शुक्रवार को यह 1.46 फीसदी गिरकर 246.20 रुपये पर कारोबार करता दिखा.
  • RHI Magnesita India के शेयर में एक महीने में 24 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही. शुक्रवार को यह 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 334.10 रुपये पर बंद हुआ और कंपनी का मार्केट कैप 7,272 करोड़ रुपये रहा.
  • GSPL के शेयर में एक महीने में 23 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. 27 मार्च को भी इसमें 1.59 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और कंपनी का मार्केट कैप 13,425 करोड़ रुपये रहा.

गिरावट के पीछे क्या संकेत ?

एक महीने के ट्रेंड को देखें तो यह गिरावट सिर्फ किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है. बैंकिंग, रियल एस्टेट, ऑयल-गैस और इंडस्ट्रियल सेक्टर तक में दबाव देखने को मिला है. इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर कमजोरी बनी हुई है और निवेशकों का भरोसा फिलहाल डगमगाया हुआ है.

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