देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक हफ्ते में $11.42 अरब लुढ़का, गोल्ड रिजर्व भी फिसलकर $117.186 बिलियन पर आया

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 20 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. RBI के आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेक्स रिजर्व 11.413 अरब डॉलर घटकर 698.346 अरब डॉलर पर आ गया. इस गिरावट की मुख्य वजह गोल्ड रिजर्व में भारी कमी रही, जबकि फॉरेन करेंसी एसेट में बढ़ोतरी देखी गई. इससे पहले सप्ताह में भी गिरावट दर्ज की जा चुकी है.

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार Image Credit: money9live.com

Forex Reserves India: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) में 20 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश का कुल रिजर्व 11.413 अरब डॉलर घटकर 698.346 अरब डॉलर रह गया. इससे पहले के सप्ताह में भी 7.052 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी. लगातार दूसरी बार आई इस गिरावट ने सबका ध्यान खींचा है, खासकर तब जब कुछ ही हफ्ते पहले रिजर्व रिकॉर्ड स्तर पर था.

रिकॉर्ड स्तर से गिरावट तक का सफर

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में 728.494 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था. हालांकि, इसके बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखने को मिली, जिसका असर भारत के रिजर्व पर भी पड़ा.

गोल्ड रिजर्व में भारी गिरावट

इस बार आई गिरावट का सबसे बड़ा कारण गोल्ड रिजर्व में तेज कमी रहा. RBI के अनुसार, गोल्ड रिजर्व की कीमत 13.495 अरब डॉलर घटकर 117.186 अरब डॉलर रह गई. वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैल्यूएशन में बदलाव का सीधा असर भारत के कुल रिजर्व पर पड़ा. यह गिरावट कुल फॉरेक्स रिजर्व में आई कमी का प्रमुख कारण रही.

फॉरेन करेंसी एसेट में बढ़ोतरी

हालांकि, फॉरेन करेंसी एसेट (FCA) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह 2.127 अरब डॉलर बढ़कर 557.695 अरब डॉलर हो गईं. डॉलर के मुकाबले यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य करेंसी में उतार-चढ़ाव का असर भी FCA के मूल्य पर पड़ता है, क्योंकि इसमें इन सभी करेंसी को शामिल किया जाता है.

SDR और IMF पोजिशन का हाल

स्पेशल ड्राइंग राइट्स (SDR) में भी हल्की गिरावट देखी गई है, जो 65 मिलियन डॉलर घटकर 18.632 अरब डॉलर रह गई. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की रिजर्व पोजिशन में मामूली सुधार हुआ है और यह 19 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.833 अरब डॉलर पर पहुंच गई है. फॉरेक्स रिजर्व किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का अहम संकेतक होता है. हालांकि, अभी भी भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्तर पर बना हुआ है.

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