तंबाकू प्रोडक्शन पर सरकार की सख्ती, पैकिंग मशीनों की होगी 24 घंटे CCTV निगरानी; 2 साल तक रखनी होगी फुटेज
1 फरवरी 2026 से तंबाकू प्रोडक्शन पर सरकार की सख्ती और बढ़ने जा रही है. च्यूइंग टोबैको, गुटखा और इससे जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को फैक्ट्रियों में सभी पैकिंग मशीनों पर फंक्शनल CCTV सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा और रिकॉर्ड की गई फुटेज को 24 महीने तक सुरक्षित रखना होगा.
Tobacco factories cctv monitoring: तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी की सख्त निगरानी और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. 1 फरवरी 2026 से च्यूइंग टोबैको, गुटखा और इससे जुड़े अन्य उत्पादों का निर्माण करने वाली सभी कंपनियों को अपनी फैक्ट्रियों में फंक्शनल CCTV सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा. यह CCTV सिस्टम सभी पैकिंग मशीनों को कवर करेगा और इसकी रिकॉर्ड की गई फुटेज को कम से कम 24 महीने तक सुरक्षित रखना होगा. यह प्रावधान वित्त मंत्रालय द्वारा नए नियमों के तहत लागू किया गया है.
पैकिंग मशीनों पर रहेगी सीधी नजर
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन च्यूइंग टोबैको, जर्दा सेंटेड टोबैको एंड गुटखा पैकिंग मशीन्स (कैपेसिटी डिटरमिनेशन एंड कलेक्शन ऑफ ड्यूटी) रूल्स के अनुसार, यह नियम उन सभी निर्माताओं पर लागू होंगे जो तंबाकू उत्पादों को पाउच में पैक करते हैं. सरकार का मकसद उत्पादन क्षमता, वास्तविक उत्पादन और एक्साइज ड्यूटी के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. CCTV फुटेज के जरिए यह जांचना आसान होगा कि घोषित क्षमता के अनुरूप ही उत्पादन हो रहा है या नहीं.
मशीनों की पूरी जानकारी देनी होगी
नए नियमों के तहत तंबाकू निर्माताओं को एक्साइज विभाग को अपनी फैक्ट्री में लगी सभी पैकिंग मशीनों की संख्या और उनकी तकनीकी जानकारी देनी होगी. इसमें मशीनों की अधिकतम रेटेड क्षमता, गियर बॉक्स रेशियो और संबंधित रिटेल सेल प्राइस का विवरण शामिल होगा. इन्हीं जानकारियों के आधार पर फैक्ट्री की सालाना उत्पादन क्षमता तय की जाएगी और उसी के अनुसार एक्साइज ड्यूटी वसूली जाएगी. पाउच के अलावा अन्य रूपों, जैसे टिन में पैक किए जाने वाले तंबाकू उत्पादों पर असेसएबल वैल्यू के आधार पर ड्यूटी देनी होगी.
GST के ऊपर लगेगी भारी एक्साइज ड्यूटी
सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि 1 फरवरी 2026 से च्यूइंग टोबैको और जर्दा सेंटेड टोबैको पर 82 फीसदी, जबकि गुटखा पर 91 फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगेगी. यह ड्यूटी मौजूदा 40 फीसदी GST के अतिरिक्त होगी. नए टैक्स और निगरानी व्यवस्था से तंबाकू उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी और इंडस्ट्री पर सख्त नियंत्रण तय माना जा रहा है.
उत्पादन क्षमता कैसे तय होगी
फैक्ट्री की सालाना उत्पादन क्षमता का निर्धारण संबंधित डिप्टी कमिश्नर या असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ सेंट्रल एक्साइज द्वारा किया जाएगा. इसके लिए फैक्ट्री का फिजिकल इंस्पेक्शन होगा और मशीनों की तकनीकी विशेषताओं की पुष्टि की जाएगी. मासिक उत्पादन क्षमता को 12 से गुणा करके सालाना क्षमता तय की जाएगी. जब तक मशीनों की संख्या या उनकी क्षमता में बदलाव नहीं होता, तब तक दोबारा निर्धारण नहीं किया जाएगा.
मशीन बंद रहने पर मिलेगी राहत
नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई पैकिंग मशीन लगातार 15 दिनों तक बंद रहती है, तो उस अवधि के लिए एक्साइज ड्यूटी में छूट का दावा किया जा सकता है. इसके लिए निर्माता को कम से कम 3 कार्य दिवस पहले एक्साइज विभाग को सूचना देनी होगी और मशीन को विभाग द्वारा सील किया जाएगा. दोबारा संचालन शुरू करने से पहले भी 3 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य होगा.
मशीन हटाने पर भी देनी होगी सूचना
यदि कोई निर्माता पैकिंग मशीन को फैक्ट्री से हटाकर बेचने या नष्ट करने की योजना बनाता है, तो इसके लिए भी कम से कम 3 कार्य दिवस पहले संबंधित एक्साइज अधिकारी को सूचित करना होगा. सरकार का मानना है कि इन डिजिटल और निगरानी आधारित प्रावधानों से न सिर्फ टैक्स कलेक्शन मजबूत होगा, बल्कि तंबाकू उत्पादों के अनियंत्रित उत्पादन पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा.
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