HDFC MF के बाद ICICI प्रूडेंशियल एमसी ने भी सोने के बड़े निवेश पर लगाई रोक, गोल्ड मार्केट में ये क्या हो रहा?
सोने की बढ़ती मांग और Gold ETF में रिकॉर्ड निवेश के बीच ICICI Prudential Asset Management ने अपने Gold ETF में बड़े निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है. इससे पहले HDFC Mutual Fund भी ऐसी पाबंदी लगा चुका है.
भारत में सोने की जबरदस्त डिमांड के बीच दिग्गज कंपनियां अब एक बड़ा फैसला लेने लगी हैं. ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) ने अपने गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में नए निवेश को अस्थायी रूप से सीमित कर दिया है. लगातार बढ़ते निवेश को संभालने के लिए कंपनी को अचानक यह कदम उठाना पड़ा है.
बड़े निवेश पर लगी ब्रेक, 25 करोड़ की सीमा तय
ICICI प्रूडेंशियल ने साफ किया है कि अगले आदेश तक गोल्ड ETF में 250 मिलियन रुपये से ज्यादा के सीधे सब्सक्रिप्शन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. हालांकि, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इस पाबंदी की कोई खास वजह नहीं बताई है, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने में आ रहे भारी फंड को मैनेज करने के लिए ऐसा किया गया है. साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये का लगातार गिरना भी एक वजह है.
HDFC म्यूचुअल फंड ने भी हाथ खड़े किए
सोने में भारी निवेश से परेशान होने वाली ICICI प्रूडेंशियल अकेली कंपनी नहीं है. इससे ठीक एक दिन पहले, देश के एक और बड़े फंड हाउस, HDFC म्यूचुअल फंड ने भी अपने गोल्ड ETF में एकमुश्तनिवेश पर रोक लगा दी थी. HDFC ने इसके पीछे बाजार के मौजूदा हालातों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता को वजह बताया था. दुनिया भर में चल रहे तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की तरफ भाग रहे हैं, जिससे इन फंड्स में पैसों की बाढ़ आ गई है.
क्यों लगानी पड़ी पाबंदी?
जब बहुत कम समय में भारी मात्रा में पैसा गोल्ड ETF में आता है, तो फंड मैनेजर्स के लिए उस रकम से तुरंत फिजिकल सोना खरीदना और उसे मैनेज करना मुश्किल हो जाता है. भारी इनफ्लो को सही तरीके से एब्जॉर्ब न कर पाने की स्थिति में कंपनियां निवेश पर ऐसी सीमाएं तय कर देती हैं.
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रिकॉर्ड तोड़ निवेश का आंकड़ा
इस साल भारतीय गोल्ड ETFs में निवेशकों ने दिल खोलकर पैसा लगाया है. आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक भारतीय गोल्ड ETFs में $3.48 बिलियन (लगभग 33,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) का नेट इनफ्लो आ चुका है. यही वजह है कि फंड हाउसेज को अब इस रफ्तार पर थोड़ी लगाम लगानी पड़ रही है.
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