जियोपॉलिटिकल टेंशन के बावजूद भारत की इकोनॉमी मजबूत, वर्ल्ड बैंक ने जताया भरोसा
वेस्ट एशिया संकट और ग्लोबल तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. वर्ल्ड बैंक के अनुसार, हाई फॉरेक्स रिजर्व, कम महंगाई और पर्याप्त फिस्कल स्पेस जैसे मजबूत आर्थिक बफर भारत को वैश्विक झटकों से बचाने में सक्षम बनाते हैं. रिपोर्ट में भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया गया है, जहां एफवाई 2026 में 7.6 फीसद और एफवाई 2027 में 6.6 फीसद ग्रोथ का अनुमान है.
World Bank India report: जियोपॉलिटिकल टेंशन और तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है. वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि वेस्ट एशिया संकट के बावजूद भारत के पास ऐसे मजबूत आर्थिक बफर मौजूद हैं, जो इस वैश्विक झटके को झेलने में मदद करेंगे. संस्था के अनुसार, भारत ने पिछले वित्त वर्ष में भी वैश्विक व्यापार अस्थिरता का बेहतर तरीके से सामना किया और मौजूदा संकट में “मजबूत स्थिति” के साथ प्रवेश किया है.
मजबूत बुनियाद
वर्ल्ड बैंक के अनुसार, भारत के पास हाई फॉरेक्स रिजर्व, पर्याप्त फिस्कल स्पेस और नियंत्रित महंगाई जैसे अहम फैक्टर हैं, जो आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में मदद करेंगे. साउथ एशिया के लिए वर्ल्ड बैंक के रीजनल डायरेक्टर सेबेस्टियन एकार्ट ने कहा कि भारत की पॉलिसी स्ट्रेंथ और मजबूत ग्रोथ मोमेंटम इस वैश्विक संकट के प्रभाव को सीमित करने में अहम भूमिका निभाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की सकारात्मक नीतियां और ट्रेड एग्रीमेंट्स इस ग्रोथ को सपोर्ट कर रहे हैं.
भारत रहेगा सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था
वर्ल्ड बैंक के लीड इकोनॉमिस्ट ऑरेलियन क्रूज के अनुसार, भारत वित्त वर्ष 2026 में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, एफवाई 2026 में भारत की ग्रोथ 7.6 फीसद तक पहुंची, जबकि एफवाई 2027 के लिए 6.6 फीसद ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है. यह अनुमान पहले के 6.5 फीसद के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है, जो भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखा रहा है.
घरेलू मांग और एक्सपोर्ट ने दिया सहारा
भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में घरेलू मांग और एक्सपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई है. टैक्स कटौती और जीएसटी दरों में कमी जैसे फैसलों ने कंजम्प्शन को बढ़ावा दिया, जबकि एक्सपोर्ट और निवेश ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया. हालांकि, वैश्विक टैरिफ दबाव के बावजूद भारत ने मजबूती दिखाई, जिसे वर्ल्ड बैंक ने “रिजिलिएंट परफॉर्मेंस” बताया है.
तेल बाजार में उतार-चढ़ाव, लेकिन रणनीति सही
वेस्ट एशिया संघर्ष के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. वर्ल्ड बैंक ने एफवाई 2027 के लिए तेल की कीमत 90-100 डॉलर प्रति बैरल मानकर अनुमान लगाया है. इसके बावजूद संस्था ने भारत सरकार की रणनीति की सराहना की है. सरकार ने सप्लाई मैनेजमेंट और रिटेल कीमतों को स्थिर रखकर बाजार में अचानक झटकों से बचाने की कोशिश की, जो अल्पकाल में फायदेमंद साबित हुई.
जोखिम बरकरार, लेकिन भारत मजबूत स्थिति में
हालांकि वर्ल्ड बैंक ने यह भी माना कि वैश्विक स्तर पर जोखिम अभी भी बने हुए हैं और ग्रोथ पर दबाव पड़ सकता है. लेकिन मजबूत आर्थिक बुनियाद के चलते भारत अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले बेहतर स्थिति में बना रहेगा.
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