LPG संकट के बीच केरोसिन की वापसी, पेट्रोप पंपों पर भी शुरू होगी बिक्री; नियमों में ढील के साथ सरकार ने बढ़ाई सप्लाई

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार ने केरोसिन डिस्ट्रिब्यूशन बढ़ाने और LPG पर दबाव कम करने के लिए नियमों में ढील दी है. 21 राज्यों में वैकल्पिक ईंधन की सप्लाई तेज करने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड्स को भी खास निर्देश दिए हैं.

केरोसिन सप्लाई Image Credit: @Money9live

Energy Crisis Kerosene Supply: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर पड़े असर को देखते हुए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने पेट्रोलियम से जुड़े सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में अस्थायी ढील देते हुए घरों तक केरोसिन (मिट्टी का तेल) की आपूर्ति तेज करने का फैसला किया है. इसके साथ ही सरकार ने कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों को भी इसकी भंडारन और बिक्री की अनुमति दी है. इसका मकसद कुकिंग गैस पर बढ़ते दबाव को कम करना और आम लोगों को वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराना है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जरूरत के हिसाब से केरोसिन की सप्लाई की जाएगी. यह व्यवस्था खासतौर पर उन इलाकों के लिए है जहां रसोई गैस की मांग अचानक बढ़ गई है और लोग परेशानी झेल रहे हैं.

अतिरिक्त केरोसिन हुए आवंटित

सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया है, जो नियमित 1 लाख किलोलीटर के कोटे से अलग है. साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड्स को निर्देश दिया गया है कि एक महीने के लिए होटल और रेस्टोरेंट्स को बायोमास, RDF पेलेट्स और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए. हालांकि सरकार का कहना है कि देश में LPG की कोई वास्तविक कमी नहीं है और रोजाना करीब 50 लाख सिलेंडर की सप्लाई की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा समस्या सप्लाई की कमी से ज्यादा लोगों की घबराहट के कारण बढ़ी मांग है. यही वजह है कि लोगों से अपील की गई है कि वे पैनिक बुकिंग से बचें और ईंधन की बचत करें.

पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन

तमाम बदलावों के तहत सरकार ने पब्लिक सेक्टर की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से संचालित चुनिंदा पेट्रोप पंपों को केरोसिन स्टोर और डिस्ट्रिब्यूट करने की भी अनुमति दे दी है. इसके तहत, हर चुना गया आउटलेट ज्यादा से ज्यादा 5,000 लीटर तक केरोसिन रख सकेगा और हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंप को इसके लिए नामित किया जाएगा.

सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?

दरअसल, युद्ध के चलते सप्लाई चेन प्रभावित होने और लोगों में डर के माहौल के कारण LPG सिलेंडर की बुकिंग में तेज उछाल आया है. इसी को देखते हुए सरकार ने एक तरफ जहां केरोसिन को फिर से कुकिंग विकल्प के रूप में सामने लाया है, वहीं दूसरी तरफ कमर्शियल सेगमेंट के लिए भी राहत दी है. होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों को अब उनके औसत मासिक उपयोग का 20 फीसदी तक LPG लेने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग के बीच का समय 25 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है, ताकि अनावश्यक स्टॉकिंग और पैनिक बाइंग पर रोक लगाई जा सके.

निगरानी कर रही है सरकार

स्थिति की निगरानी के लिए केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय समूह भी बनाया है, जिसकी अगुवाई गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं. इस ग्रुप में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं, जो लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं. संसद में जानकारी देते हुए पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट, जो भारत के लिए कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति का अहम मार्ग है, कई दिनों से बाधित है. इसके बावजूद भारत ने वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई सुनिश्चित कर ली है. अमेरिका, रूस, कनाडा, नॉर्वे और अल्जीरिया जैसे देशों से तेल और गैस की खरीद बढ़ाई गई है, जिससे आपूर्ति पर बड़ा असर नहीं पड़ा है.

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