भारत के फॉरेक्स रिजर्व में बड़ी गिरावट! 1 हफ्ते में 8.09 अरब डॉलर घटा विदेशी मुद्रा भंडार
भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 15 मई 2026 को समाप्त सप्ताह में 8.09 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. RBI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 688.89 अरब डॉलर रह गया. फॉरेन करेंसी एसेट, गोल्ड रिजर्व, SDR और IMF रिजर्व पोजिशन में भी कमी देखने को मिली है. वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती और जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर विभिन्न देशों की करेंसी पर पड़ रहा है.
Forex Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार यानी फॉरेक्स रिजर्व में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 15 मई 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.09 अरब डॉलर घटकर 688.89 अरब डॉलर रह गया. इससे पिछले सप्ताह देश का फॉरेक्स रिजर्व 696.98 अरब डॉलर के स्तर पर था. विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह गिरावट ऐसे समय में सामने आई है, जब वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती और जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर विभिन्न देशों की करेंसी पर देखने को मिल रहा है.
फॉरेन करेंसी एसेट में सबसे बड़ी गिरावट
RBI के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट यानी FCA होता है, जिसमें इस दौरान सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. 15 मई को समाप्त सप्ताह में FCA 6.48 अरब डॉलर घटकर 545.90 अरब डॉलर रह गया.
फॉरेन करेंसी एसेट में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं. इन परिसंपत्तियों के मूल्य में बदलाव का असर सीधे देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है.
गोल्ड रिजर्व में भी आई कमी
केवल फॉरेन करेंसी एसेट ही नहीं, बल्कि देश के गोल्ड रिजर्व में भी गिरावट देखने को मिली है. RBI के अनुसार, सोने का भंडार 1.54 अरब डॉलर घटकर 119.32 अरब डॉलर रह गया.
हालांकि सालाना आधार पर देखा जाए तो भारत के गोल्ड रिजर्व में मजबूत बढ़त बनी हुई है. पिछले साल की तुलना में गोल्ड रिजर्व में 38.10 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी रिजर्व वैल्यू पर पड़ता है.
SDR और IMF रिजर्व पोजिशन भी घटे
रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स यानी SDR में भी 49 मिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 18.82 अरब डॉलर रह गया. वहीं इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी IMF के साथ भारत की रिजर्व पोजिशन भी 25 मिलियन डॉलर घटकर 4.85 अरब डॉलर पर आ गई.
क्यों अहम होता है फॉरेक्स रिजर्व
फॉरेक्स रिजर्व किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है. इसका इस्तेमाल आयात भुगतान, विदेशी कर्ज दायित्वों और मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए किया जाता है. मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश को वैश्विक आर्थिक संकटों और मुद्रा उतार-चढ़ाव से बचाने में मदद करता है.
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