20 देशों में सबसे तेज दौड़ेगी भारतीय इकोनॉमी, मूडीज ने कहा- मजबूत घरेलू खपत और स्थिर बैंकिंग सिस्टम से मिलेगा सपोर्ट

India GDP Growth: आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भारत मौजूदा वित्त वर्ष (2025-26) में 7.4% की तेज गति से बढ़ सकता है, जो 2024-25 में दर्ज की गई 6.5 फीसदी की ग्रोथ से अधिक है. बैंक मजबूत कैपिटलाइजेशन बनाए रखेंगे, जिसे इंटरनल कैपिटल जेनरेशन से सपोर्ट मिलेगा जो एसेट ग्रोथ के साथ तालमेल बिठाएगा.

भारत की अर्थाव्यवस्था Image Credit: money9live/AI

India GDP Growth: भारत की इकोनॉमी आने वाले समय में तेजी से दौड़ेगी. मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार 9 फरवरी 2026 को अनुमान लगाया कि अगले फाइनेंशियल ईयर में भारत की GDP 6.4 फीसदी की दर से बढ़ेगी, जो G-20 देशों में सबसे तेज गति होगी. इसकी वजह मजबूत घरेलू खपत, पॉलिसी के उपाय और एक स्थिर बैंकिंग सिस्टम हैं. मूडीज रेटिंग्स के नोट में कहा गया है कि मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक स्थितियों और स्ट्रक्चरल सुधारों के कारण 2026 में बैंकों के लिए ऑपरेटिंग माहौल मजबूत बना रहेगा.

रियल GDP ग्रोथ का अनुमान

मूडीज रेटिंग्स ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि 2026-27 फाइनेंशियल ईयर में भारत की रियल GDP 6.4 फीसदी की दर से बढ़ेगी, जो G-20 देशों में सबसे तेज होगी. इसकी वजह मजबूत घरेलू खपत और पॉलिसी उपाय हैं. मूडीज ने कहा, ‘सितंबर 2025 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को आसान बनाने और पर्सनल इनकम टैक्स की लिमिट में पहले की गई बढ़ोतरी से कंज्यूमर्स के लिए चीजें सस्ती होंगी और खपत पर आधारित ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा.’

आधिकारिक अनुमान

मूडीज द्वारा FY ’27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान पिछले महीने संसद में पेश किए गए वित्त मंत्रालय के इकोनॉमिक सर्वे द्वारा बताए गए 6.8-7.2 फीसदी की रेंज से कम है. आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भारत मौजूदा वित्त वर्ष (2025-26) में 7.4% की तेज गति से बढ़ सकता है, जो 2024-25 में दर्ज की गई 6.5 फीसदी की ग्रोथ से अधिक है.

मूडीज ने कहा कि महंगाई कंट्रोल में रहने और ग्रोथ की गति मजबूत बने रहने के साथ, मूडीज को उम्मीद है कि RBI वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी में और ढील तभी देगा जब आर्थिक गतिविधि में मंदी के संकेत मिलेंगे.

सिस्टम-वाइड लोन ग्रोथ

मूडीज को उम्मीद है कि फिस्कल 2026-27 में सिस्टम-वाइड लोन ग्रोथ थोड़ी बढ़कर 11-13 फीसदी हो जाएगी, जो फिस्कल 2025-26 YTD में 10.6% थी. मूडीज ने कहा, ‘बड़ी कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी के कारण कॉर्पोरेट लोन की क्वालिटी अच्छी बनी रहेगी. रिकवरी कम होगी क्योंकि बैंकों ने बड़ी कंपनियों के स्ट्रेस्ड लोन को सुलझा लिया है.’

इंटरनल कैपिटल जेनरेशन से मिलेगा सपोर्ट

इसमें आगे कहा गया है कि बैंक मजबूत कैपिटलाइजेशन बनाए रखेंगे, जिसे इंटरनल कैपिटल जेनरेशन से सपोर्ट मिलेगा जो एसेट ग्रोथ के साथ तालमेल बिठाएगा. बैंकों की फंडिंग और लिक्विडिटी स्थिर रहेगी, जिसमें लोन डिपॉजिट के हिसाब से बढ़ेंगे. मूडीज़ ने आगे कहा, ‘हमें उम्मीद है कि सरकार जरूरत के समय बैंकों को मजबूत सपोर्ट देना जारी रखेगी.’

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