एक और FTA की तैयारी, सऊदी अरब-UAE समेत GCC के इन 6 देशों के साथ होगी डील, 22 साल बाद फिर जगी उम्मीद
भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के बीच लंबे समय से अटके मुक्त व्यापार समझौते को लेकर नई शुरुआत हुई है. दोनों पक्षों ने एफटीए के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए हैं. इससे व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है.
India-GCC FTA: India-USA ट्रेड डील के ऐलान के बाद भारत एक और Free Trade Agreement करने जा रहा है. इस बार डील किसी एक देश के साथ नहीं बल्कि 6 देशों के संगठन के साथ होने वाली है. भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council) के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA को लेकर एक अहम डेवलपमेंट आया है. दोनों पक्षों ने एफटीए के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (TOR) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इससे 2004 से लंबित इस व्यापार समझौते पर बातचीत दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है.
किन देशों के साथ होगी डील
GCC में कुल छह देश शामिल हैं. इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल है. भारत पहले ही यूएई और ओमान के साथ व्यापार समझौते कर चुका है, जबकि कतर के साथ एफटीए पर बातचीत जारी है. अब पूरे जीसीसी समूह के साथ समझौता होने से भारत को बड़ा व्यापारिक फायदा मिलने की उम्मीद है. इससे पश्चिम एशिया में भारत की पकड़ और मजबूत होगी.
किस सेक्टर को मिलेगा बल?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि जीसीसी के साथ समझौता भारत और खाड़ी देशों के रिश्तों को मजबूत करेगा. इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बनेंगे और खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता वैश्विक स्तर पर भारत और जीसीसी की मजबूत साझेदारी का संदेश देगा.
व्यापार और रेमिटेंस में जीसीसी की अहम भूमिका
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और जीसीसी के बीच वस्तुओं का व्यापार 178.56 अरब डॉलर रहा. भारत की प्रमुख आयात वस्तुएं कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस हैं, जबकि निर्यात में जेम्स-ज्वेलरी, धातु, मशीनरी और कैमिकल शामिल हैं. इसके अलावा यूएई भारत को भेजी जाने वाली रेमिटेंस में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है, जो दोनों क्षेत्रों के गहरे आर्थिक संबंधों को दर्शाता है.
किस देश के साथ कितने का व्यापार?
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में भारत और जीसीसी देशों के बीच व्यापार में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सबसे बड़ा साझेदार रहा. यूएई को भारत का निर्यात 36.63 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 63.4 अरब डॉलर का हुआ. इसके बाद सऊदी अरब का स्थान रहा, जहां भारत ने 11.75 अरब डॉलर का निर्यात किया और 30.12 अरब डॉलर का आयात किया. कतर से भारत का आयात 12.46 अरब डॉलर रहा, जबकि निर्यात केवल 1.68 अरब डॉलर का रहा. ओमान के साथ भारत का निर्यात 4.06 अरब डॉलर और आयात 6.54 अरब डॉलर दर्ज किया गया. वहीं कुवैत और बहरीन के साथ व्यापार अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन इन देशों से आयात निर्यात की तुलना में अधिक रहा.




