रेलवे की इस सरकारी कंपनी ने किया कमाल! इनकम और प्रॉफिट दोनों पहुंचे रिकॉर्ड स्तर पर
IRFC ने FY27 की पहली तिमाही में रिकॉर्ड 1,927 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 8,391 करोड़ रुपये की कुल आय दर्ज की. कंपनी ने जीरो NPA का रिकॉर्ड बरकरार रखा, जबकि नेटवर्थ बढ़कर 58,792 करोड़ रुपये के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई.
Highlights
- रिकॉर्ड आय और मुनाफा पहली तिमाही में
- जीरो एनपीए का रिकॉर्ड बरकरार रखा गया
- नेटवर्थ नए उच्च स्तर पर पहुंची अब
रेलवे मंत्रालय के तहत आने वाली नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं. अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने अपने इतिहास की सबसे अधिक तिमाही आय, सबसे ज्यादा शुद्ध मुनाफा और रिकॉर्ड नेटवर्थ दर्ज की है. इसके साथ ही IRFC ने एक बार फिर जीरो एनपीए (Non-Performing Assets) का रिकॉर्ड भी बरकरार रखा है. कंपनी के मुताबिक, मजबूत आय, संतुलित वित्तीय प्रबंधन और विविधीकरण की रणनीति ने इस बेहतर प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है.
10.4% बढ़ा शुद्ध मुनाफा
IRFC का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 1,927.21 करोड़ रुपये रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,745.69 करोड़ रुपये था. इस तरह सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा 10.4% बढ़ा है. यह कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा है.
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कुल आय
कंपनी की कुल आय (Total Income) भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. पहली तिमाही में IRFC की कुल आय 8,391.34 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 6,918.24 करोड़ रुपये थी. यानी कंपनी की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह IRFC के इतिहास की सबसे अधिक तिमाही आय है.
नेटवर्थ में भी नया रिकॉर्ड
30 जून 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ बढ़कर 58,791.95 करोड़ रुपये हो गई, जबकि मार्च 2026 के अंत में यह 56,748.76 करोड़ रुपये थी. लगातार बेहतर मुनाफा और बची हुई कमाई (Retained Earnings) की वजह से कंपनी की नेटवर्थ में यह बढ़ोतरी हुई है.
तिमाही के दौरान कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 1.48% (वार्षिक आधार पर) रहा. वहीं, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 4.79 लाख करोड़ रुपये रहा. हालांकि यह पिछले तिमाही के 4.85 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है, लेकिन कंपनी की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है.
जीरो NPA की उपलब्धि बरकरार
IRFC ने इस तिमाही में भी जीरो NPA का रिकॉर्ड कायम रखा है. इसका मतलब है कि कंपनी के लोन पोर्टफोलियो में कोई भी खराब कर्ज नहीं है. रेलवे और उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में लगातार फाइनेंसिंग बढ़ाने के बावजूद कंपनी ने अपने ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता बनाए रखी है. यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी पर लगातार बना हुआ है.
भविष्य की रणनीति पर क्या बोला प्रबंधन?
IRFC के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही कंपनी के लिए मजबूत शुरुआत साबित हुई है. रिकॉर्ड आय, मुनाफा और नेटवर्थ इस बात का प्रमाण हैं कि IRFC 2.0 के तहत अपनाई गई विविधीकरण रणनीति सही दिशा में आगे बढ़ रही है.
उन्होंने कहा कि कंपनी रेलवे के साथ-साथ मोबिलिटी और रेलवे से जुड़े अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है. इसके अलावा, कंपनी आगे भी जीरो NPA और मजबूत एसेट क्वालिटी बनाए रखने पर विशेष ध्यान देगी.
आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
IRFC का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसकी विविधीकरण रणनीति से मुनाफे और आय दोनों में और सुधार होगा. कंपनी के पास मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में फाइनेंसिंग के कई नए अवसर हैं. रेलवे मंत्रालय के तहत नवरत्न कंपनी होने के नाते IRFC आगे भी सुरक्षित निवेश नीति अपनाते हुए देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को वित्तीय सहयोग देने पर फोकस बनाए रखेगी. मजबूत बैलेंस शीट, रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन और जीरो NPA की स्थिति कंपनी के भविष्य को और मजबूत बनाती है.
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