ITC Q4 Results: मुनाफा 72 फीसदी घटा, रेवेन्यू में उछाल; कंपनी ने किया डिविडेंड का ऐलान
तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर, Q4FY26 में ITC का मुनाफा 9% बढ़ा है. Q3FY26 में, कंपनी का मुनाफा 5,018.45 करोड़ रुपये था. ITC ने बताया कि 'डिजिटल-फर्स्ट' और ऑर्गेनिक पोर्टफोलियो में ग्रोथ की मजबूत रफ्तार जारी है.

FMCG दिग्गज ITC ने गुरुवार 21 मई को वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही (Q4FY26) के अपने नतीजे जारी कर दिए. कंपनी ने बताया कि उसका कंसोलिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर (YoY) 72.4 फीसदी घटकर 5,469.74 करोड़ रुपये रह गया. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ITC का प्रॉफिट 19,807.88 करोड़ रुपये था.
कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में सालाना आधार पर इतनी बड़ी गिरावट की वजह यह है कि ITC ने Q4FY25 में अपने होटल बिजनेस के डीमर्जर के बाद 15,179 करोड़ रुपये का एकमुश्त प्रॉफिट दर्ज किया था.
तिमाही आधार पर मुनाफा
तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर, Q4FY26 में ITC का मुनाफा 9% बढ़ा है. Q3FY26 में, कंपनी का मुनाफा 5,018.45 करोड़ रुपये था.
रेवेन्यू
समीक्षाधीन तिमाही के लिए ITC का ऑपरेशनल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 23,821.48 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर (YoY) लगभग 17% और तिमाही आधार पर (QoQ) लगभग 10% अधिक है. Q3FY26 में ITC का रेवेन्यू 21,706.64 करोड़ रुपये था, जबकि Q4FY25 में यह 20,376.36 करोड़ रुपये था.
फाइनेंशियल ईयर का मुनाफा
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, ITC का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 40% गिरकर 21,018.15 करोड़ रुपये हो गया, जो FY25 में 35,052.48 करोड़ रुपये था. FY26 के लिए ऑपरेशनल रेवेन्यू 89,913.33 करोड़ रुपये था, जो FY25 के 81,612.78 करोड़ रुपये से 10.2 फीसदी अधिक था.
ITC ने बताया कि Q4 में उसका कंसोलिडेटेड EBITDA सालाना आधार पर (YoY) 6.9% बढ़ा, जबकि पूरे साल के लिए यह सालाना आधार पर 5.4% बढ़ा.
डिविडेंड का ऐलान
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए प्रति इक्विटी शेयर 8 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने की भी सिफारिश की है. कंपनी ने कहा, ‘अगर फाइनल डिविडेंड घोषित किया जाता है, तो उसका भुगतान शुक्रवार, 24 जुलाई, 2026 और बुधवार, 29 जुलाई, 2026 के बीच किया जाएगा.’
FMCG-अन्य सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ
कंपनी के अनुसार, FMCG सेगमेंट का Q4 रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 15% बढ़कर 6,303.73 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन साल-दर-साल 200 bps बढ़कर 11 फीसदी हो गया. इस सेगमेंट में स्टेपल्स, बिस्किट, स्नैक्स, नूडल्स, डेयरी, प्रीमियम पर्सनल वॉश, होम केयर और अगरबत्ती जैसी कैटेगरी में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली.
ITC ने बताया कि ‘डिजिटल-फर्स्ट’ और ऑर्गेनिक पोर्टफोलियो में ग्रोथ की मजबूत रफ्तार जारी है. इस पोर्टफोलियो ने साल-दर-साल 60% की ग्रोथ दर्ज की, और इसका सालाना रेवेन्यू रन रेट 1,350 करोड़ रुपये से अधिक रहा.