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यहां से आया था JIO का नाम, अब देगा NSE को टक्कर; जानें कितने हैं कस्टमर

Reliance JIO के IPO को लेकर मार्केट में चर्चा तेज हो गई है. कंपनी आज ही DRHP फाइल करेगी. JIO के नाम की कहानी, इसके पीछे का आइडिया, 52.4 करोड़ से अधिक कस्टमर बेस और तेजी से बढ़ते डिजिटल बिजनेस को लेकर निवेशकों में उत्सुकता बढ़ी है. दूसरी ओर NSE IPO भी चर्चा में है, जिसे भारत का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है.

JIO Image Credit: Getty, Canva

JIO IPO: भारत के कॉरपोरेट जगत में जब भी बड़े बदलावों की बात होती है, तो मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का नाम सबसे पहले सामने आता है. टेलीकॉम सेक्टर में JIO के जरिए क्रांति लाने के बाद अब रिलायंस एक और बड़े क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी में है. रिलायंस के AGM में JIO के IPO को लेकर मुकेश अंबानी ने ऐलान किया है कि कंपनी DRHP शुक्रवार को फाइल करेगी. तो चलिए आपको बताते हैं कि JIO का आइडिया कहां से आया था. साथ ही, अभी मार्केट में NSE IPO की भी चर्चा हो रही है, ऐसे में जानेंगे कि क्या यह NSE को टक्कर दे पाएगा.

कहां से आया JIO का नाम

रिलायंस इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से तेल (रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल) के बिजनेस से जुड़ी हुई है. जब अंग्रेजी में लिखे शब्द OIL को शीशे में (मिरर इमेज) देखा जाता है या उल्टा किया जाता है, तो यह JIO की तरह दिखाई देता है. यही कारण है कि बहुत से लोग इसे सबसे आकर्षक और सटीक तर्क मानते हैं.

हालांकि, JIO परियोजना का आइडिया सबसे पहले 2011 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी के मन में आया था. रिलायंस ने वर्ष 2016 में JIO की औपचारिक शुरुआत की थी.

कितना बड़ा है कस्टमर बेस

रिलायंस समूह के पास टेलीकॉम, रिटेल, डिजिटल सर्विस, मीडिया और वित्तीय सर्विसेज का विशाल नेटवर्क है. JIO के ग्राहकों की संख्या 524 मिलियन (52.4 करोड़) से अधिक हो चुकी है. JIO आज देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक है और डेटा खपत के मामले में भी प्रमुख स्थान रखती है. कंपनी लगातार अपने डिजिटल इकोसिस्टम का विस्तार कर रही है.

NSE को कैसे मिल सकती है टक्कर

भारत में शेयर बाजार कारोबार पर NSE का दबदबा है. देश के अधिकांश डेरिवेटिव्स और कैश मार्केट कारोबार का बड़ा हिस्सा NSE पर होता है. हाल ही में NSE ने SEBI के पास अपना DRHP दाखिल किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, NSE IPO का साइज करीब 30,000 करोड़ रुपये हो सकता है. NSE IPO को भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है, लेकिन यह रिकॉर्ड ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकता.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, Reliance JIO का IPO लगभग 4 अरब डॉलर का हो सकता है. यदि कंपनी बाजार में बड़े आकार का IPO लेकर आती है, तो यह भारतीय कैपिटल मार्केट के इतिहास की सबसे चर्चित पेशकशों में से एक बन सकता है. ऐसे में निवेशकों की नजर JIO और NSE दोनों के IPO पर बनी हुई है.

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