Microsoft से Mercedes-Benz तक, क्यों कर्मचारियों को खुद नौकरी छोड़ने का विकल्प दे रहीं कंपनियां, ये है असली वजह
Microsoft, Mercedes-Benz और Skydance ने कर्मचारियों के लिए वैलेंटरी एग्जिट ऑफर पेश किया है. इसके तहत कर्मचारी तय शर्तों पर आर्थिक मुआवजा लेकर नौकरी छोड़ सकते हैं. कंपनियां बदलती कारोबारी जरूरतों, लागत घटाने, AI में निवेश और नई ऑफिस पॉलिसी जैसे कारणों से यह रास्ता अपना रही हैं.
Highlights
- Microsoft ने अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में लेवल 70 या उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए वैलेंटरी एग्जिट प्रोग्राम शुरू किया है.
- Mercedes-Benz जर्मनी में सपोर्ट विभागों के कर्मचारियों के लिए Buyout Offer की योजना बना रही है.
- Skydance के ऑफर में कर्मचारियों को हर साल की नौकरी के बदले दो हफ्ते का सेवरेंस पे मिलेगा. ऑफर स्वीकार करने की समयसीमा 8 नवंबर 2026 है.
Microsoft Buyout: छंटनी के बजाय कर्मचारियों को खुद नौकरी छोड़ने का विकल्प देने का चलन बढ़ रहा है. Microsoft, Mercedes-Benz और Skydance जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों के लिए वैलेंटरी एग्जिट ऑफर (Voluntary Exit Offer) पेश किया है. इसके तहत कर्मचारी तय शर्तों पर कंपनी छोड़ने के बदले आर्थिक मदद पा सकते हैं. ऐसे में सवाल है कि कंपनियां सीधे छंटनी करने के बजाय यह रास्ता क्यों अपना रही हैं और इससे कर्मचारियों को क्या फायदा होता है.
Microsoft ने किन कर्मचारियों को दिया नौकरी छोड़ने का विकल्प?
माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में अपने उन पात्र कर्मचारियों के लिए वैलेंटरी एग्जिट प्रोग्राम शुरू किया है, जो लेवल 70 या उससे नीचे हैं. कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर Amy Coleman ने एक मेमो में इस पहल की जानकारी दी है. Microsoft का यह कदम ऐसे समय आया है, जब कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या और काम करने के तरीके में बदलाव कर रही है. कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़े स्तर पर निवेश कर रही है. ऐसे में उसे यह तय करना है कि कर्मचारियों और दूसरे संसाधनों का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया जाए.
वैलेंटरी एग्जिट ऑफिसर के तहत कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक मुआवजा दिया जाता है. इससे कंपनी को कर्मचारियों की संख्या कम करने का मौका मिलता है, जबकि कर्मचारियों को भी अपनी मर्जी से आगे का फैसला लेने का विकल्प मिलता है.
Mercedes-Benz क्यों दे रही है Buyout Offer?
Mercedes-Benz ने जर्मनी में अपने सपोर्ट और दूसरे गैर-प्रोडक्शन विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए Voluntary Buyout Offer की योजना बनाई है. यह कार्यक्रम दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है. कंपनी लागत घटाने की कोशिश कर रही है. खासकर चीन जैसे बाजारों में मुश्किल कारोबारी हालात, बढ़ती कंपटिशन और मुनाफे पर दबाव के बीच Mercedes-Benz अपने खर्चों को कम करना चाहती है.
कंपनी के CEO Ola Kallenius के सामने वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग की चुनौतियों से निपटने और कारोबार को ज्यादा कुशल बनाने की जिम्मेदारी है. तीसरी तिमाही में वित्तीय दबाव के बीच कंपनी खर्चों में कटौती और कामकाज को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है. सपोर्ट विभागों में कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प देकर कंपनी अनिवार्य छंटनी पर पूरी तरह निर्भर हुए बिना खर्च घटाने की कोशिश कर सकती है. हालांकि, इसका असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कितने कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार करते हैं.
Skydance में नौकरी छोड़ने का ऑफर ऑफिस आने की शर्त से जुड़ा
Skydance ने कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प एक अलग वजह से दिया है. यहां यह ऑफर कंपनी की नई ऑफिस पॉलिसी से जुड़ा है. Paramount और Warner Bros. Discovery से जुड़े विलय के बाद कंपनी ने उन कर्मचारियों को Voluntary Buyout Offer दिया है, जो हफ्ते में पांच दिन ऑफिस से काम नहीं करना चाहते.
इस ऑफर के तहत कर्मचारियों को कंपनी में काम किए गए हर साल के बदले दो हफ्ते की सैलरी के बराबर सेवरेंस पे दिया जाएगा. कर्मचारियों के पास इस ऑफर को स्वीकार करने के लिए 8 नवंबर 2026 तक का समय है.
कंपनी के HR विभाग की ओर से भेजे गए ईमेल में ऑफर की शर्तों की जानकारी दी गई है. इस तरह जो कर्मचारी नई ऑफिस पॉलिसी के मुताबिक काम नहीं करना चाहते, उनके पास आर्थिक मदद के साथ कंपनी छोड़ने का विकल्प है.
आखिर कंपनियां Buyout Offer क्यों दे रही हैं?
Microsoft, Mercedes-Benz और Skydance के उदाहरण बताते हैं कि कंपनियां अलग-अलग वजहों से Voluntary Buyout का सहारा ले रही हैं. टेक्नोलॉजी कंपनियां बदलती कारोबारी प्राथमिकताओं और AI में निवेश के हिसाब से अपने कर्मचारियों की संख्या में बदलाव कर सकती हैं. ऑटोमोबाइल कंपनियां लागत घटाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकती हैं. वहीं, मीडिया कंपनियां संगठन में बदलाव या ऑफिस से काम करने की नई शर्तों के दौरान ऐसा ऑफर दे सकती हैं.
इस तरीके से कंपनियों को कर्मचारियों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही, कर्मचारियों को भी नौकरी छोड़ने का फैसला लेने और अगली नौकरी या करियर की योजना बनाने के लिए कुछ समय मिल सकता है.
हालांकि, Voluntary Buyout का मतलब यह नहीं है कि कंपनी आगे छंटनी नहीं करेगी. अगर पर्याप्त कर्मचारी ऑफर स्वीकार नहीं करते या उनकी जगह और बदलाव जरूरी होते हैं, तो कंपनी दूसरे कदम भी उठा सकती है.
क्या Voluntary Buyout, छंटनी का विकल्प बन रहा है?
Voluntary Buyout कंपनियों के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाने का एक तरीका बन रहा है, लेकिन इसे हर मामले में छंटनी का स्थायी विकल्प नहीं कहा जा सकता. इसका फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि कितने कर्मचारी कंपनी छोड़ते हैं और क्या उनके जाने से कंपनी की जरूरतों पर असर पड़ता है. आर्थिक अनिश्चितता, तकनीकी बदलाव और काम करने के नए तरीकों के बीच कंपनियां अपने खर्च और कर्मचारियों की जरूरतों का दोबारा आकलन कर रही हैं. ऐसे में Voluntary Exit Offer उन्हें कर्मचारियों की संख्या घटाने का एक और रास्ता देता है. लेकिन कंपनियों को खर्च कम करने के साथ उन कर्मचारियों और कौशल को भी बनाए रखना होगा, जिनकी कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए जरूरत है.
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