Money9 Financial Freedom Summit: दिग्गजों के मंथन से निकला समृद्धि का फॉर्मूला, अनिश्चितता के दौर में निवेश का यही मंत्र आएगा काम
मनी9 फाइनेंशियल फ्रीडम समिट 2026 में निवेश, अर्थव्यवस्था और वित्तीय आजादी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. समिट में दिग्गज निवेशक विजय केडिया, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई लोग शामिल हुए. इस दौरान रिटेल निवेशकों की भूमिका, बाजार में उतार-चढ़ाव, कंपाउंडिंग का महत्व और लंबी अवधि के निवेश पर जोर दिया गया. समिट में निवेशकों को बेहतर वित्तीय फैसले लेने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए.
Money9 Financial Freedom Summit 2026: मनी 9 फाइनेंशियल फ्रीडम समिट आज फाइनेंशियल सेक्टर के दिग्गजों का गवाह बना. इस मंच पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लेकर दिग्गज निवेशक विजय केडिया, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एमडी और सीईओ नवनीत मुनोत सहित कई प्रमुख हस्तियों ने न्यू इंडिया में समृद्धि की राह का रोडमैप रखा. समिट के दौरान यह बात साफ तौर पर सामने आई कि शेयर बाजार की गिरावट के दौर में वही निवेशक टिकेगा जो निवेश के साथ धैर्य भी रखेगा. यानी लंबी अवधि के हिसाब से निवेश की रणनीति बनाएगा. साथ ही महिलाएं आज ऐसे निवेशक के तौर पर उभर रही हैं, जिनसे हर निवेशक सीख सकता है. कार्यक्रम की शुरुआत टीवी9 नेटवर्क के एमडी और सीईओ बरुण दास के वेलकम एड्रेस के साथ हुई.
असली हीरो हैं रिटेल इन्वेस्टर्स
टीवी9 नेटवर्क के एमडी और सीईओ बरुण दास ने कहा कि पिछले दो साल में स्टॉक मार्केट के रियल हीरो इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स नहीं, बल्कि रिटेल इन्वेस्टर्स हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि 2024 और 2025 में विदेशी निवेशक नेट सेलर रहे, लेकिन इस स्थिति में रिटेल निवेशक स्टॉक मार्केट के बैकबोन बन गए.
CM फडणवीस ने पेश किया महाराष्ट्र का ग्रोथ प्लान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस समिट में वीडियो मैसेज के जरिए शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर (5 लाख करोड़ डॉलर) की अर्थव्यवस्था का सपना लेकर आगे बढ़ना शुरू किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि हमने विकसित महाराष्ट्र का तीन चरणों में विजन भी बनाया है.
साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे विदेशी निवेश हो, सर्वाधिक इंफ्रा प्रोजेक्ट हों, रोजगार का सृजन हो या स्टार्टअप हों, महाराष्ट्र आज सभी क्षेत्रों में नंबर वन है. जो विकास मुंबई-पुणे तक सीमित था, आज प्रदेश के हर जिले में निवेश के नए अवसर खुल रहे हैं. उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली हो या नंदुरबार, जलगांव हो या नांदेड, हर जिले में जहां पहले निवेश नहीं होता था, आज वहां भी निवेश की होड़ लगी है.
विजय केडिया ने निवेशकों को दी सलाह
मनी9 के फाइनेंशियल फ्रीडम समिट 2026 के मंच पर दिग्गज निवेशक विजय केडिया भी शामिल हुए. बाजार में गिरावट पर उन्होंने कहा कि “अभी जो हो रहा है, वह कुछ नया नहीं है. दरअसल हमारी उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं. पैसा तीन साल में डबल हो रहा था, इसलिए लोगों को लगने लगा कि हर दिन पैसा डबल होगा. लेकिन मार्केट इस तरह नहीं चलता है.” साथ ही नए निवेशकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि मिड कैप और स्मॉल कैप सभी के लिए नहीं हैं और नए निवेशकों को इससे बचना चाहिए.
इनको किया गया सम्मानित
टीवी9 के एमडी और सीईओ बरुण दास और एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एमडी और सीईओ नवनीत मुनोत ने डॉ. दीप्ति वर्मा (Mastermind Body Global की फाउंडर और डायरेक्टर), प्रतिभा शर्मा (11:11 स्लिमिंग एंड फिटनेस सेंटर की फाउंडर) और मनीषा कालरा (City Girls Who Walk Delhi की फाउंडर) को सम्मानित किया.
ऐसे मिलता है कंपाउंडिंग का फायदा
First Global की चेयरपर्सन देविना मेहरा ने कहा कि निवेशकों की सबसे बड़ी गलती यह है कि वे लंबी अवधि के निवेश को बीच में ही छोड़ देते हैं. उनके मुताबिक कागज पर दिखने वाली कंपाउंडिंग का फायदा तभी मिलता है जब निवेशक लंबे समय तक निवेश में टिके रहें.
उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग के आंकड़े बताते हैं कि ज्यादातर निवेशक दो साल के भीतर ही अपनी स्कीम से बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में असली रिटर्न कभी मिल ही नहीं पाता. देविना मेहरा का कहना था कि इक्विटी में वही पैसा लगाना चाहिए जिसकी जरूरत 8 से 10 साल तक न पड़े.
भारत चुनिंदा अर्थव्यवस्थाओं में शामिल
Mirae Asset के स्वरूप मोहंती ने कहा कि भारत आज दुनिया की उन चुनिंदा अर्थव्यवस्थाओं में है जो 6 फीसदी से ज्यादा की दर से बढ़ रही हैं. बड़ी आबादी, युवा जनसंख्या और तेजी से बढ़ती खपत भारत को लंबी अवधि में निवेश के लिए आकर्षक बनाती हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई निवेशक 12 फीसदी की गिरावट या कुछ महीनों तक रिटर्न न मिलने से घबरा जाता है, तो उसे इक्विटी बाजार की प्रकृति को समझने की जरूरत है.
महिलाओं का वित्तीय सशक्तिकरण बेहद जरूरी
Money9 Financial Freedom Summit 2026 के मंच पर वित्तीय आजादी और निवेश में महिलाओं की भागीदारी को लेकर एक अहम बातचीत हुई. इस सत्र में HDFC Asset Management Company के MD और CEO नवनीत मुनोत ने महिलाओं की वित्तीय भागीदारी, निवेश की आदत और आर्थिक सशक्तिकरण पर खुलकर अपनी बात रखी.
उन्होंने कहा कि अगर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है, तो महिलाओं का वित्तीय सशक्तिकरण बेहद जरूरी है. इसी सोच के साथ HDFC म्यूचुअल फंड द्वारा शुरू हुए ‘बरनी से आजादी’ नाम की एक खास मुहिम का भी जिक्र किया गया, जिसका मकसद महिलाओं की बचत की आदत को निवेश में बदलना है.
इक्विटी, डेट या गोल्ड पर भी हुई बातचीत
मनी9 के फाइनेंशियल फ्रीडम समिट 2026 के मंच पर आशिका इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के CEO राहुल अरोड़ा, धन के को-फाउंडर जयप्रकाश गुप्ता और आनंद राठी वेल्थ के ज्वाइंट CEO फिरोज अजीज ने शिरकत की. “इक्विटी, डेट या गोल्ड? मुश्किल समय में आपका बेस्ट फ्रेंड कौन है?” नाम के सेशन में इन तीनों दिग्गजों ने कई अहम पहलुओं पर चर्चा की. इस दौरान राहुल अरोड़ा ने कहा कि भारत में 2001-02 के बाद से दो सबसे बुल रन आए हैं. पहला 2003 से 2008 का था और 2009 से 2013 का था. भारत का बाजार इसलिए फिलहाल स्थिर इसलिए है, क्योंकि इसे म्युचूअल फंड इंडस्ट्री से ताकत मिल रही है.
इंश्योरेंस फॉर ऑल पर हुई चर्चा
मनी9 फाइनेंशियल फ्रीडम समिट 2026 में देश के हर नागरिक तक बीमा पहुंचाने के लक्ष्य पर अहम चर्चा हुई. ‘इंश्योरेंस फॉर ऑल बाय 2047’ विषय पर पीबी फिनटेक के डायरेक्टर राजीव गुप्ता और बंधन लाइफ इंश्योरेंस के एमडी एंड सीईओ सतीश्वर बी ने बीमा सेक्टर की मौजूदा स्थिति, चुनौतियों और अवसरों पर अपने विचार साझा किए. इस दौरान राजीव गुप्ता ने कहा कि हमने बैंकिंग रेवोल्यूशन देखा, टेलिकॉम रेवोल्यूशन देखा, लेकिन अभी इंश्योरेंस रेवोल्यूशन बाकी है.
