MRPL को मिला 23 करोड़ रुपये का GST नोटिस, डिमांड के खिलाफ अपील करने का प्लान; शेयरों में दिख सकती है हलचल
MRPL ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि इस चरण पर कंपनी का मानना है कि यह ऑर्डर मूल रूप से सही नहीं है और कानून की नजर में टिकने लायक नहीं है. मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने 2025-26 की तीसरी तिमाही में 1,445 करोड़ रुपये का टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया था.
मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) को सेंट्रल एक्साइज और सेंट्रल टैक्स कमिश्नर, मंगलुरु के ऑफिस से एक टैक्स ऑर्डर मिला है, जिसमें 23 करोड़ रुपये से ज्यादा के टैक्स की मांग और पेनल्टी शामिल है. MRPL ने मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि उसे यह ऑर्डर 30 मार्च को मिला था.
GST इनपुट टैक्स क्रेडिट
कंपनी ने कहा, ‘GST डिपार्टमेंट ने अलग-अलग मुद्दों पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था और वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2023-24 की अवधि के लिए GST इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने से जुड़े कुछ मुद्दों पर मांग का ऑर्डर पास किया है. यह मांग 10,96,99,437 रुपये (मूल राशि) और 12,79,10,256 रुपये की पेनल्टी (लागू ब्याज के साथ) की है.’ संभावित वित्तीय असर के बारे में कंपनी को अपने ऑपरेशन्स के आकार और पैमाने को देखते हुए ‘कोई खास असर नहीं’ पड़ने की उम्मीद है.
MRPL दायर करेगी अपील
MRPL ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि इस चरण पर कंपनी का मानना है कि यह ऑर्डर मूल रूप से सही नहीं है और कानून की नजर में टिकने लायक नहीं है. कंपनी इस ऑर्डर की समीक्षा कर रही है और तय समय सीमा के भीतर इस ऑर्डर के खिलाफ अपील दायर करेगी.
MRPL का वित्तीय प्रदर्शन
मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने 2025-26 की तीसरी तिमाही में 1,445 करोड़ रुपये का टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया, जबकि 2024-25 की इसी अवधि में PAT 304 करोड़ रुपये था. इसने 2025-26 के 9 महीनों के दौरान 1,812 करोड़ रुपये का PAT दर्ज किया, जबकि 2024-25 की इसी अवधि में टैक्स के बाद 313 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.
ऑपरेशनल रेवेन्यू
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू Q3 2025-26 के दौरान 29,720 करोड़ रुपये (Q3 2024-25 में ₹25,601 करोड़) और 2025-26 के 9 महीनों के दौरान 76,661 करोड़ रुपये (2024-25 के नौ महीनों में 81,676 करोड़ रुपये) रहा.
कंपनी का कुल थ्रूपुट Q3 2025-26 के दौरान 4.70 मिलियन टन (mt) रहा, जबकि Q3 2024-25 में यह 4.60 mt था. हालांकि, कंपनी का कुल थ्रूपुट 2025-26 के पहले 9 महीनों के दौरान 12.65 mt दर्ज किया गया, जबकि 2024-25 की इसी अवधि में यह 13.54 mt था.
कंपनी ने अक्टूबर में ISPRL, मंगलुरु से लीज पर ली गई कैवर्न स्टोरेज सुविधा में कच्चा तेल जमा करना शुरू कर दिया और रिफाइनरी में प्रोसेसिंग शुरू कर दी. रिफाइनरी ने इस तिमाही के दौरान पहली बार लीबिया से आए सरिर मेसला क्रूड की प्रोसेसिंग की.
शेयरों में दिख सकती है हलचल
MRPL के शेयरों में बुधवार को हलचल देखने को मिल सकती है. पिछले एक महीने में MRPL के शेयरों में 6 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है.
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