NRI ने भारतीय बैंकों से निकाले करीब 2 अरब डॉलर, डेटा में खुलासा; मार्च में तेजी से घटी NRI डिपॉजिट

Reserve Bank of India के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में NRI ने भारतीय बैंकों से करीब 2 अरब डॉलर की निकासी की. ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण NRI जमा में गिरावट दर्ज की गई. कुल NRI डिपॉजिट घटकर 165.65 अरब डॉलर रह गया. सबसे ज्यादा निकासी एनआरईआरए और एनआरओ खातों में हुई, जबकि एफसीएनआर खाते स्थिर रहे.

RBI के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में NRI ने भारतीय बैंकों से करीब 2 अरब डॉलर की निकासी की. Image Credit: AI

NRI Deposits India: विदेशों में काम करने वाले भारतीयों ने मार्च महीने में भारतीय बैंकों से करीब 2 अरब डॉलर की निकासी की है. RBI के ताजा आंकड़ों के अनुसार NRI डिपॉजिट में गिरावट दर्ज की गई है. मार्च के अंत तक कुल NRI जमा 165.65 अरब डॉलर रह गया, जो फरवरी में 167.58 अरब डॉलर था. माना जा रहा है कि ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर NRI निवेश पर दिखने लगा है. बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अगर यह तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो आने वाले समय में NRI डिपॉजिट पर और दबाव बढ़ सकता है. खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों की बचत और इनकम प्रभावित हो सकती है.

मार्च में बढ़ी NRI निकासी

द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च महीने में NRI खातों से निकासी निवेश से ज्यादा रही. इसका मतलब यह है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने जितना पैसा जमा किया उससे अधिक रकम निकाल ली. इससे कुल NRI जमा में करीब 2 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई. वित्त वर्ष 2025-26 में NRI डिपॉजिट फ्लो घटकर 14.41 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 16.16 अरब डॉलर था. यह गिरावट बैंकों और बाजार के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है.

पश्चिम एशिया तनाव का दिखा असर

जानकारों का मानना है कि ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भारतीय प्रवासियों पर पड़ रहा है. अगर यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों की आजीविका प्रभावित हो सकती है. इसका सीधा असर NRI जमा पर भी देखने को मिलेगा. कई भारतीय कामगार पश्चिम एशिया के देशों में नौकरी करते हैं और वहीं से भारत में पैसा भेजते हैं.

किन खातों में हुई सबसे ज्यादा निकासी

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा निकासी NRERA और NRO खातों में दर्ज की गई. ये खाते मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में काम करने वाले भारतीय इस्तेमाल करते हैं. मार्च के अंत तक NRERA जमा 98.56 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले 99.77 अरब डॉलर था. वहीं NRO जमा घटकर 33.33 अरब डॉलर रह गया, जबकि पहले यह 34.09 अरब डॉलर था. इससे साफ है कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों ने अपने बैंक खातों से रकम निकाली है.

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FCNR(B) खाते रहे स्थिर

जहां एक तरफ NRERA और NRO खातों में गिरावट आई, वहीं FCNR(B) खाते लगभग स्थिर बने रहे. आरबीआई के अनुसार मार्च के अंत तक FCNR(B) जमा 33.76 अरब डॉलर रहा, जबकि पहले यह 33.72 अरब डॉलर था. बैंकिंग जानकारों का कहना है कि ये खाते मुख्य रूप से पश्चिमी देशों में बसे भारतीय इस्तेमाल करते हैं. इसलिए पश्चिम एशिया के तनाव का इन खातों पर ज्यादा असर नहीं दिखा. इससे यह संकेत मिलता है कि सबसे अधिक दबाव खाड़ी देशों से आने वाले जमा पर है.