एक साल में 45% महंगा हुआ प्याज; आज से चलेगी कांदा एक्सप्रेस, जानिए किन शहरों को मिलेगी राहत

देश में प्याज की कीमतों में एक साल में करीब 45 फीसदी की बढोतरी हुई है. शनिवार को औसत खुदरा भाव 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गया. दिल्ली में प्याज 65 रुपये और चेन्नई में 58 रुपये प्रति किलो बिका. कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारेगी और नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए कांदा एक्सप्रेस ट्रेनें चलाएगी.

एक साल में प्याज की कीमत करीब 45 फीसदी बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है. Image Credit: money9live

Highlights

  • एक साल में प्याज की कीमत करीब 45 फीसदी बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है.
  • सरकार आज से बफर स्टॉक का प्याज बाजार में उतारेगी और नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए कांदा एक्सप्रेस चलाई जाएगी.
  • नाफेड और एनसीसीएफ के पास करीब 1.2 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक है.

देश में प्याज की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. एक साल में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 45 फीसदी बढ़ गई है. शनिवार को प्याज का औसत भाव 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गया. कीमतों को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार सोमवार से अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारेगी. इसके साथ ही नासिक से देश के कई बडे़ शहरों के लिए कांदा एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएंगी. सरकार का लक्ष्य महंगे प्याज से आम लोगों को राहत देना है.

एक साल में 45 फीसदी महंगा हुआ प्याज

रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 42 रुपये प्रति किलो रही. यह कीमत एक साल पहले के मुकाबले करीब 45 फीसदी ज्यादा है. पिछले महीने की तुलना में भी प्याज करीब 19 फीसदी महंगा हुआ है. कई बडे़ शहरों में प्याज का भाव राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर पहुंच गया है. इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है.

दिल्ली में 65 रुपये किलो पहुंचा भाव

देश के कई महानगरों में प्याज की कीमतें काफी ज्यादा हो गई हैं. दिल्ली में शनिवार को प्याज 65 रुपये प्रति किलो बिका, जबकि एक साल पहले इसका भाव 35 रुपये था. चेन्नई में प्याज की कीमत 58 रुपये प्रति किलो रही. पिछले साल इसी समय चेन्नई में प्याज 33 रुपये प्रति किलो था. केरल और असम के कुछ हिस्सों में भी प्याज की कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं.

नासिक से चलेगी कांदा एक्सप्रेस

प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार नासिक से कांदा एक्सप्रेस ट्रेनें चलाएगी. इन ट्रेनों के जरिए प्याज दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे शहरों तक पहुंचाया जाएगा. इन शहरों में प्याज की खुदरा कीमत राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है. सरकार बफर स्टॉक से प्याज को चरणबद्ध तरीके से कम कीमत पर बाजार में उतारेगी. इससे महंगे प्याज की कीमतों को कंट्रोल करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

महाराष्ट्र में उत्पादन घटने का असर

बाजार से जुडे़ लोगों के अनुसार महाराष्ट्र में खरीफ प्याज का उत्पादन 5 से 7 फीसदी तक घट सकता है. महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है. उत्पादन में कमी की खबरों के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है. हालांकि सरकार के अनुसार उसके पास पर्याप्त प्याज का स्टॉक मौजूद है. किसानों के पास उपलब्ध स्टॉक को भी आने वाले महीनों की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त बताया गया है.

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सरकार के पास 1.2 लाख टन बफर स्टॉक

किसान सहकारी संस्थाओं नाफेड और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ ने चालू वित्त वर्ष के लिए करीब 1.2 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है. मई में दोनों एजेंसियों ने प्याज की खरीद कीमत 1270 रुपये प्रति क्विंटल तय की थी. पिछले सप्ताह खरीद बढ़ाने के लिए इसे बढ़ाकर 2645 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया. सरकार अब इसी स्टॉक का इस्तेमाल कीमतों को कंट्रोल करने के लिए करेगी.

चीनी भी हुई महंगी

प्याज के साथ चीनी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. शनिवार को खुली चीनी का औसत खुदरा भाव 62.5 रुपये प्रति किलो रहा. यह एक साल पहले के मुकाबले 34 फीसदी ज्यादा है. एक महीने पहले चीनी का भाव करीब 46 रुपये प्रति किलो था. दिल्ली में चीनी 65 रुपये और मुंबई में 69 रुपये प्रति किलो तक बिकी. सरकार ने कहा है कि चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है.