पेट्रोल-डीजल पर लागू हो जाए GST तो कितनी सस्ती हो जाएगी कीमत? आम आदमी को मिल सकती है बड़ी राहत

अगर पेट्रोल-डीजल को GST में लाया जाए तो कीमतों में बड़ी गिरावट संभव है. 12 फीसदी और 28 फीसदी GST स्लैब के हिसाब से गणित बताता है कि ईंधन 10 से 20 रुपये तक सस्ता हो सकता है. जानें क्या है कैलकुलेशन का तरीका.

पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी! Image Credit: @Money9live

Petrol Diesel GST New Rate: पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने की मांग लंबे समय से उठती रही है, क्योंकि मौजूदा टैक्स सिस्टम में इन ईंधनों पर केंद्र और राज्य दोनों की ओर से भारी टैक्स लगाया जाता है. यही वजह है कि बेस प्राइस अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद उपभोक्ताओं को ऊंची कीमत चुकानी पड़ती है. ऐसे में अगर इन पर GST लागू होता है और एक्साइज ड्यूटी व VAT जैसे टैक्स खत्म हो जाते हैं, तो कीमतों में बड़ी गिरावट संभव है. इसे समझने के लिए दिल्ली के मौजूदा प्राइस ब्रेकअप के आधार पर 12 फीसदी और 28 फीसदी GST के हिसाब से गणित देखें.

क्या है मौजूदा तस्वीर?

मौजूदा समय में दिल्ली में पेट्रोल की बेस कीमत (डीलर प्राइस) करीब 55.66 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की बेस कीमत लगभग 56.42 रुपये प्रति लीटर है. अभी इन पर एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और VAT जुड़कर कीमत को 90 रुपये के ऊपर पहुंचा देते हैं. लेकिन GST सिस्टम में मान लिया जाए कि सिर्फ बेस प्राइस पर टैक्स लगेगा, तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है.

कितना हो सकता है पेट्रोल का भाव?

अगर पेट्रोल पर 12 फीसदी GST लगाया जाए, तो 55.66 रुपये पर करीब 6.67 रुपये टैक्स बनेगा. ऐसे में जीएसटी के साथ पेट्रोल की डीलर प्राइस लगभग 62 रुपये से 63 रुपये प्रति लीटर रह जाएगी. इससे इतर, इसपर अगर 4 रुपये का एवरेज डीलर कमीशन जोड़ दें तो पेट्रोल की कीमत 70 रुपये के तक पहुंच सकती है. वहीं, अगर इसी पेट्रोल पर 28 फीसदी GST लगाया जाए, तो टैक्स करीब 15.58 रुपये बनेगा और कुल कीमत लगभग 75 रुपये से 80 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच सकती है. ध्यान देने वाली बात है कि यहां पर जो कैलकुलेश की गई है वह बेस प्राइस पर अनुमानित जीएसीटी दर और डीलर कमीशन के आधार पर बताई गई है.

डीजल कितना सस्ता हो सकता है?

डीजल के मामले में भी इसी तरह का बड़ा फर्क देखने को मिलेगा. 56.42 रुपये के बेस प्राइस पर अगर 12 फीसदी GST लागू किया जाए, तो करीब 6.77 रुपये टैक्स जुड़ेगा. अगर इसमें 3 रुपये का एवरेज डीलर कमीशन जोड़ दें तो इसकी कीमत 67 रुपये से 68 रुपये तक पहुंच सकती है. वहीं, 28 फीसदी GST के हिसाब से 56.42 रुपये पर करीब 15.80 रुपये का टैक्स बनेगा और कुल कीमत करीब 75 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच सकती है.

टैक्स से काफी बढ़ जाती है कीमतें

दरअसल, मौजूदा टैक्स सिस्टम में टैक्स पर टैक्स लगने जैसा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि पहले केंद्र एक्साइज ड्यूटी लगाता है और फिर राज्य उसी पर VAT जोड़ देते हैं. जबकि GST सिस्टम में केवल एक ही टैक्स लगेगा, जिससे टैक्स का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा. यही कारण है कि कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. हालांकि, इतना सीधा गणित होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल को GST में लाना आसान नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि राज्यों की कमाई का बड़ा हिस्सा VAT से आता है. अगर ये टैक्स हटते हैं, तो राज्यों के राजस्व पर असर पड़ सकता है. इसी कारण यह मुद्दा आर्थिक के साथ-साथ राजनीतिक भी बन जाता है.

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