JIO के मेगा IPO की आ गई तारीख, मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान… पेपर फाइलिंग की कर रहे हैं तैयारी

RIL AGM: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चैयरमैन मुकेश अंबानी ने समूह के ग्रोथ और कंपनी के विजन के बारे में बात की और नई जानकारियां भी शेयरधारकों के साथ साझा की. उन्होंने कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के बारे में भी बताया. मुकेश अंबानी ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था घोर अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है.

मुकेश अंबानी- RIL चेयरमैन Image Credit: ril

RIL AGM: भारत की सबसे वैल्यूएबल कंपनी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे अपनी 48वीं एनुअल जनरल मीटिंग का आयोजन किया. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चैयरमैन मुकेश अंबानी ने समूह के ग्रोथ और कंपनी के विजन के बारे में बात की और नई जानकारियां भी शेयरधारकों के साथ साझा की. उन्होंने कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के बारे में भी बताया.

मुकेश अंबानी ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था घोर अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है. जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ रहे हैं, अस्थिरता बनी हुई है और पूर्वानुमान लगाना मुश्किल है. दुनिया यह समझ रही है कि संघर्ष से कोई विजेता नहीं बनता, जबकि सहयोग से साझा समृद्धि सुनिश्चित होती है. जब राष्ट्र सहयोग करते हैं, तो व्यापार मुक्त रूप से चलता है, निवेश फलता-फूलता है और सभी को लाभ होता है.

कब आएगा JIO का IPO?

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो का आईपीओ अगले साल यानी 2026 की पहली छमाही में आएगा. हम पेपर फाइल करने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं.

‘जियो भारत में एआई क्रांति का सूत्रधार बनेगा’

मुकेश अंबानी ने कहा, ‘जियो भारत में एआई क्रांति का सूत्रधार बनेगा. उन्होंने आगे कहा कि जियो की भविष्य की योजनाएं और भी महत्वाकांक्षी हैं.

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने अब 500 मिलियन ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है.

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन

मुकेश अंबानी ने समूह का वित्तीय प्रदर्शन का आंकड़ा भी साझा किया. मुकेश अंबानी ने बताया कि वित्त वर्ष 25 में, रिलायंस ने 10,71,174 करोड़ रुपये ($125.3 बिलियन) का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया और 125 अरब डॉलर का वार्षिक रेवेन्यू पार करने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई. रिलायंस का EBITDA 1,83,422 करोड़ रुपये ($21.5 बिलियन) रहा और नेट प्रॉफिट बढ़कर 81,309 करोड़ रुपये ($9.5 बिलियन) हो गया. रिलायंस का एक्सपोर्ट 2,83,719 करोड़ रुपये ($33.2 बिलियन) था, जो भारत के कुल व्यापारिक निर्यात का 7.6 फीसदी था.

मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में कुल 5.6 लाख करोड़ रुपये ($65.5 बिलियन) का निवेश किया. पिछले छह वर्षों में, राष्ट्रीय खजाने में रिलायंस का योगदान 10 लाख करोड़ रुपये ($117.0 बिलियन) को पार कर गया है. मुझे यह बताते हुए भी गर्व हो रहा है कि वित्त वर्ष 2025 में रिलायंस का सीएसआर खर्च बढ़कर 2,156 करोड़ रुपये ($252 मिलियन) हो गया. पिछले तीन वर्षों में हमारा कुल सीएसआर खर्च 5,000 करोड़ रुपये ($585 मिलियन) को पार कर गया है. यह सामाजिक प्रभाव पैदा करने के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रतिबिंब है.’

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