GST का बंपर फायदा, 5 साल में इन राज्यों का भरा खजाना, महाराष्ट्र-उत्तर प्रदेश-कर्नाटक का जलवा

3-4 सितंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक इस बार खास होगी क्योंकि इसमें 12 फीसदी टैक्स स्लैब हटाने पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को दिवाली से पहले टैक्स राहत देने का ऐलान किया था. 2017 से लागू जीएसटी ने राज्यों की कमाई पर असर डाला है और अब सभी की नजर इस बैठक पर टिकी है कि किसको कितना फायदा मिलेगा.

3-4 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होगी. Image Credit:

GST COLLECTION: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में 3-4 सितंबर को GST काउंसिल की बैठक होने वाली है. यह बैठक पहले की बैठकों से ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें GST स्लैब हटाने पर बड़ा फैसला हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के भाषण में कहा था कि दिवाली से पहले देशवासियों को टैक्स में राहत मिलेगी. इसी घोषणा के बाद से GST फिर से चर्चा का विषय बन गया है. 2017 में लागू होने के बाद से अब तक GST में कई बदलाव किए गए हैं. लेकिन अगर 12 फीसदी वाला स्लैब हटाने का फैसला लिया जाता है तो यह सबसे अहम फैसला होगा. GST को लेकर आमतौर पर यह सवाल भी उठता है कि इसके लागू होने के बाद राज्यों को कितना फायदा हुआ है. आइए जानते हैं कि GST लागू होने के बाद से किस राज्य ने कितनी कमाई की है.

महाराष्ट्र GST कमाई में सबसे आगे

GST लागू होने के बाद महाराष्ट्र सबसे बड़ा टैक्स कलेक्शन करने वाला राज्य बन गया है. जुलाई 2017 से जून 2022 तक राज्य ने 4.19 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का वास्तविक राजस्व( Actual Revenue) हासिल किया. रिम्बर्समेंट और क्रेडिट को शामिल करने पर यह आंकड़ा 5.37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचता है. महाराष्ट्र की मजबूत इंडस्ट्री और सर्विस बेस्ड इकोनॉमी के साथ टैक्स अनुपालन ने इस राज्य को शीर्ष पर पहुंचाया है.

राज्यअनुमानित GSTवास्तविक GSTमुआवज़ा/ऋण सहित GSTउप-योग कर वृद्धि %बिना मुआवज़ा GST वृद्धि %मुआवज़ा+ऋण सहित वृद्धि %GST बाद की वृद्धि %
आंध्र प्रदेश1,23,3501,02,1621,21,1836.4713.7415.8814.13
असम53,21844,10451,92711.8316.5513.3718.09
बिहार1,12,21183,5541,10,6957.719.9511.3919.86
छत्तीसगढ़53,91741,29753,0613.7712.1314.4015.41
गुजरात2,56,5671,78,7912,59,8413.0512.1314.4015.41
हरियाणा1,35,41897,1991,28,96815.616.987.109.33
हिमाचल प्रदेश32,31418,43231,65612.2915.2713.0913.97
झारखंड36,39724,68035,66111.7012.5714.8919.16
कर्नाटक3,21,3632,13,6603,19,9148.1710.2813.3112.81
केरल1,49,5611,06,9291,50,8278.9510.2815.0233.83
मध्य प्रदेश1,36,29495,1521,31,7885.1812.9216.7420.73
महाराष्ट्र5,57,5964,19,1915,37,7708.3414.4813.8315.43
ओडिशा98,24166,91995,2417.7913.8715.5617.57
पंजाब1,28,67166,8691,13,3077.7913.8715.5617.57
राजस्थान1,52,5601,15,8351,51,1585.7511.2913.8416.68
तमिलनाडु2,64,8351,01,4532,16,5689.0215.5417.4017.33
तेलंगाना1,43,2251,22,3911,41,0036.9114.7317.1717.89
उत्तर प्रदेश2,96,8572,42,1602,94,49712.2414.4816.4614.57
उत्तराखंड44,11124,46841,70314.0314.2016.4614.57
पश्चिम बंगाल1,78,6921,39,3961,72,6748.0512.6514.4718.15
सभी राज्य32,87,85424,21,64232,67,7948.0512.6514.4718.15

अन्य बड़े राज्य जिनकी कमाई अधिक रही

महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात भी GST कमाई में आगे रहे हैं. उत्तर प्रदेश ने 2.42 लाख करोड़ रुपये, कर्नाटक ने 2.13 लाख करोड़ रुपये और गुजरात ने 1.78 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक GST राजस्व अर्जित किया. इन राज्यों की अनुमानित वार्षिक औसत ग्रोथ रेट 12 से 15 फीसदी के बीच रही है. इनकी सफलता का कारण ऑटोमेशन, टैक्स आधार का विस्तार और बेहतर अनुपालन है.

छोटे राज्य जिनकी हिस्सेदारी सबसे कम

महाराष्ट्र और यूपी जैसे बड़े राज्यों की तुलना में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे छोटे राज्यों की कमाई काफी कम रही. हिमाचल प्रदेश का वास्तविक GST राजस्व 18,432 करोड़ रुपये रहा जबकि उत्तराखंड ने 24,468 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. इनके कम राजस्व का कारण उनकी सीमित इकोनॉमी स्ट्रक्चर है. हालांकि इन राज्यों में GST लागू होने के बाद स्थिर ग्रोथ रेट देखी गई है.

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भविष्य में बढ़ेगी कमाई

जानकारों का मानना है कि GST ने भारत के संघीय वित्तीय ढांचे (Federal financial framework) को मजबूत किया है. केरल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में अनुमानित ग्रोथ रेट सबसे अधिक रही है जो भविष्य में मजबूत कमाई का संकेत देती है. छोटे राज्यों की मौजूदा कम हिस्सेदारी के बावजूद उनकी स्थिर वृद्धि यह बताती है कि आने वाले समय में GST कलेक्शन और भी बेहतर हो सकता है. इससे भारत की टैक्स सिस्टम और वित्तीय ढांचा और मजबूत होगा.