रिलायंस रिटेल और 7-इलेवन की डील खत्म, मुश्किल में कन्वीनियंस स्टोर्स; अब आगे क्या होगा?
7-इलेवन बाजार में अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए किसी दूसरे भारतीय पार्टनर की तलाश कर सकती है, हालांकि अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. 2021 में हुई इस पार्टनरशिप का मकसद रिलायंस के रिटेल नेटवर्क के जरिए दुनिया की सबसे बड़ी कन्वीनियंस-स्टोर चेन को भारत में लाना था.
Highlights
- कुछ आउटलेट बंद होने से पहले अपना स्टॉक खत्म कर रहे हैं.
- यह कदम भारत में कन्वीनियंस स्टोर के सामने आ रही मुश्किलों को दिखाता है.
- रिलायंस ने शुरू में मुंबई और अन्य बाजारों में 7-इलेवन नेटवर्क का विस्तार किया था.
रिलायंस रिटेल और 7-इलेवन भारत में अपनी पांच साल की फ्रैंचाइजी डील खत्म कर रहे हैं. इस पार्टनरशिप के तहत चलाए जा रहे लगभग 60 कन्वीनियंस स्टोर में से ज्यादातर को बंद किया जा रहा है, क्योंकि इस मॉडल को मुनाफे वाला बनाने में मुश्किल आ रही थी.
उन्होंने बताया कि कुछ आउटलेट बंद होने से पहले अपना स्टॉक खत्म कर रहे हैं. लोगों ने कहा कि 7-इलेवन बाजार में अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए किसी दूसरे भारतीय पार्टनर की तलाश कर सकती है, हालांकि अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है.
क्यों लिया गया फैसला?
यह कदम भारत में कन्वीनियंस स्टोर के सामने आ रही मुश्किलों को दिखाता है. एक तरफ लाखों छोटे किराना स्टोर हैं जो लंबे समय से ग्राहकों की तुरंत जरूरतें पूरी कर रहे हैं, और दूसरी तरफ क्विक-कॉमर्स कंपनियां हैं जो वही स्नैक्स, किराने का सामान और रोज़मर्रा की जरूरी चीजें कुछ ही मिनटों में घर तक पहुंचा रही हैं.
स्टोर चलाने की अधिक लागत
2021 में हुई इस पार्टनरशिप का मकसद रिलायंस के रिटेल नेटवर्क के जरिए दुनिया की सबसे बड़ी कन्वीनियंस-स्टोर चेन को भारत में लाना था. लेकिन ब्रांडेड स्टोर चलाने की अधिक लागत को कवर करने के लिए जरूरी बड़े पैमाने पर कारोबार करने में यह बिजनेस कामयाब नहीं हो पाया.
इसके फाइनेंशियल स्टेटमेंट के मुताबिक, मार्च 2026 को खत्म हुए साल में 7-इंडिया कन्वीनियंस रिटेल वेंचर का रेवेन्यू लगभग 92 करोड़ रुपये ($10.6 मिलियन) और नेट लॉस लगभग 90 करोड़ रुपये रहा.
मजबूत रिटेल बिजनेस
दुनिया भर में सुपरमार्केट और हाइपरमार्केट के विस्तार के बावजूद, कई बाजारों में सुविधा वाले स्टोर (कन्वीनियंस स्टोर) मजबूत रिटेल बिजनेस बन गए हैं. जापान, ताइवान, थाईलैंड और सिंगापुर में 7-इलेवन, जापान में लॉसन और मैक्सिको में ऑक्सो अपने-अपने बाजारों में सबसे बड़े रिटेलर्स में से हैं.
सेवन एंड आई
7-इलेवन की जापानी मूल कंपनी, सेवन एंड आई होल्डिंग्स, दुनिया भर में 85,000 से अधिक स्टोर चलाती है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क में से एक बनाती है. फिर भी, ग्राहकों के व्यवहार और स्टोर के इकोनॉमिक्स में बदलाव के कारण कंपनी अपने विदेशी कामकाज को फिर से व्यवस्थित कर रही है और उत्तरी अमेरिका में स्टोर बंद कर रही है.
पैकेज्ड कंज्यूमर गुड्स (उपभोक्ता सामान) बनाने वाली कंपनियां अपनी बिक्री का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अभी भी आस-पड़ोस की छोटी दुकानों से हासिल करती हैं, जो पारंपरिक वितरण नेटवर्क की मजबूती को दिखाता है. इस बीच, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म तेजी से फैल रहे हैं.
शुरुआत में रिलायंस ने किया था विस्तार
इस वजह से संगठित सुविधा वाले स्टोर के लिए ज्यादा किराया, स्टाफिंग, इन्वेंट्री और लॉजिस्टिक्स की लागत को पूरा करने के लिए प्रीमियम कीमत वसूलना या बिक्री का काफी घनत्व (सेल्स डेंसिटी) हासिल करना मुश्किल हो जाता है.
सुविधा वाले स्टोर का रिटेल तब सबसे अच्छा काम करता है जब ऑपरेटर मजबूत सप्लाई चेन और फ्रेश फूड व प्राइवेट लेबल जैसे अलग-अलग तरह के उत्पादों के साथ स्टोर का अधिक डेंसिटी और उत्पादकता हासिल करते हैं.
रिलायंस ने शुरू में मुंबई और अन्य बाजारों में 7-इलेवन नेटवर्क का विस्तार किया, लेकिन कंपनी के व्यापक रिटेल कामकाज की तुलना में इसकी मौजूदगी कम ही रही.
Latest Stories
GST में बड़े बदलाव की तैयारी, खुलेगा टैक्स क्रेडिट का रास्ता; बिजनेस करने में होगी आसानी
चेयरमैन भाविश अग्रवाल ने Ola Electric के 20 करोड़ शेयर रखे गिरवी, गवर्नेंस पर फिर उठे सवाल; जानें- क्या है वजह
दक्षिण भारत बन रहा AC मैन्युफैक्चरिंग का नया हब, कंपनियां लगा रहीं बड़े प्लांट
