तेल की बढ़ती कीमतें महंगा कर सकती हैं सीमेंट, नुवामा ने कहा- रेट में आ सकती है भारी तेजी

सीमेंट कंपनियों ने फरवरी 2026 की शुरुआत में सभी क्षेत्रों के नॉन-ट्रेड सेगमेंट में कीमतों में बढ़ोतरी लागू की थी, लेकिन फरवरी 2026 के आखिर तक कुछ क्षेत्रों में इन बढ़ोतरी को वापस ले लिया गया था. रिपोर्ट ने सीमेंट सेक्टर पर पॉजिटिव रुख बनाए रखा है.

सीमेंट की कीमतों में आ सकती है तेजी. Image Credit: Money9live

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का खतरा बढ़ गया है. इस बीच नुवामा ने कहा है कि तेल की बढ़ती कीमतों का असर सीमेंट के दाम पर भी दिखेगा. नुवामा की एक रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल से जुड़ी इनपुट लागत बढ़ने के कारण मार्च 2026 के आखिर या अप्रैल 2026 की शुरुआत में सीमेंट की कीमतों में भारी उछाल आने की उम्मीद है.

डीलर को कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद

रिपोर्ट में बताया गया है कि डीलर कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं, क्योंकि कंपनियां पेटकोक की बढ़ती कीमतों और पैकेजिंग की अधिक लागत के असर को कम करना चाहती हैं. ये दोनों ही चीजें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से प्रभावित होती हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘डीलर पेटकोक की बढ़ती कीमतों और पैकेजिंग की लागत के असर को कम करने के लिए मार्च 2026 के आखिर या अप्रैल 2026 की शुरुआत में कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं.’

इस साल अब तक कीमतें स्थिर

इसमें आगे कहा गया है कि सीमेंट कंपनियों ने फरवरी 2026 की शुरुआत में सभी क्षेत्रों के नॉन-ट्रेड सेगमेंट में कीमतों में बढ़ोतरी लागू की थी, लेकिन फरवरी 2026 के आखिर तक कुछ क्षेत्रों में इन बढ़ोतरी को वापस ले लिया गया था. मार्च 2026 में अब तक कीमतें मोटे तौर पर स्थिर बनी हुई हैं.

पॉजिटिव बना हुआ है आउटलुक

हाल की नरमी के बावजूद, रिपोर्ट में कहा गया है कि मांग का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया है, ‘मार्च 2026 में कुछ नरमी के बावजूद, हमें उम्मीद है कि Q4FY26E में मांग अच्छी रहेगी. कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए हम सीमेंट सेक्टर को लेकर सकारात्मक हैं.’

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सीमेंट कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन आगे चलकर सीमेंट और पेटकोक की कीमतों के रुख से प्रभावित होने की संभावना है.

कैपिटल एक्सपेंडिचर में नरमी

मैक्रो मोर्चे पर, सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) के रुझानों में कुछ नरमी देखने को मिली. केंद्र, राज्य और CPSE के खर्च सहित कुल सरकारी capex, जनवरी 2026 में साल-दर-साल 24 प्रतिशत घटकर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये रह गया. हालांकि, अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 की अवधि के लिए कुल capex लगभग 20 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें साल-दर-साल 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

रियल एस्टेट सेक्टर में कमजोरी के संकेत

रिपोर्ट में रियल एस्टेट सेक्टर में भी कमजोरी की ओर इशारा किया गया है, जिसका असर सीमेंट की मांग के रुझानों पर पड़ रहा है. रियल एस्टेट की बिक्री धीमी रही. जनवरी 2026 में लॉन्च होने वाले प्रोजेक्ट्स की संख्या (वॉल्यूम के हिसाब से) साल-दर-साल 44 प्रतिशत गिर गई. इससे पहले, कैलेंडर वर्ष 2024 और 2025 में भी इसमें क्रमशः 4 फीसदी और 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी. कुल मिलाकर, रिपोर्ट ने सीमेंट सेक्टर पर पॉजिटिव रुख बनाए रखा है, जिसे आने वाले महीनों में कीमतों में बढ़ोतरी और स्थिर मांग की उम्मीदों से बल मिला है.

यह भी पढ़ें: कच्चे तेल की कीमतों में जारी उफान के बीच फीकी पड़ी चांदी की चमक, MCX पर एक दिन में करीब ₹15,000 गिरी कीमत

Latest Stories

भारत-रूस मिलकर बना रहे BRICScoin, जानिए क्या है ये नया फाइनेंशियल सिस्टम?

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगा सकता है ईरान, नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी

अमेरिका-चीन से लेकर 95 देशों में बढ़ीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें, लेकिन भारत अभी अछूता, जानें कब तक संभाल पाएगा प्रेशर

भारत ने बढ़ाई रूस से तेल खरीद, मार्च में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है इंपोर्ट; जानें कौन है सबसे बड़ा खरीदार

कितनी गहराई पर मिलता है कच्चा तेल? जानें जमीन और समुद्र दोनों में कहां कम करनी पड़ती है ड्रिलिंग

तेल-गैस अब ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का मामला, सरकार का बड़ा फैसला, जानें क्या है इसके मायने और आपके लिए क्या बदलेगा?