11 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी रद्द, नहीं मिलीं ज्यादा बोलियां, सरकार के मिशन को झटका
सरकार ने कमजोर निवेशक रुचि के चलते 11 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी रद्द कर दी. ये ब्लॉक्स लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ जैसे अहम खनिजों से जुड़े थे, जो क्लीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी हैं.
Critical Minerals block auction: देश में क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. सरकार ने छठे राउंड में नीलामी के लिए रखे गए 11 अहम और रणनीतिक खनिज ब्लॉक्स की नीलामी रद्द कर दी है. इसकी वजह निवेशकों की कमजोर दिलचस्पी और योग्य बोलीदाताओं की कमी बताई गई है.
ग्लोबल स्तर पर क्लीन एनर्जी और एडवांस टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग के चलते क्रिटिकल मिनरल्स की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. इन खनिजों की सीमित उपलब्धता और कुछ देशों में केंद्रित सप्लाई भारत के लिए चुनौती बनी हुई है. इसी निर्भरता को कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार इन खनिज ब्लॉक्स की नीलामी कर रही है.
खान मंत्रालय यानी माइन्स मिनिस्ट्री की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, 5 ब्लॉक्स के लिए कोई बोली ही नहीं आई, जबकि 5 अन्य ब्लॉक्स में तीन से कम टेक्निकली क्वालिफाइड बोलीदाता मिले. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के बेकू रेयर मेटल ब्लॉक की नीलामी भी रद्द कर दी गई.
ये राज्य थे शामिल
सरकार ने पिछले साल सितंबर में 13 राज्यों में फैले 23 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी का छठा चरण शुरू किया था. इसमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल थे. इन ब्लॉक्स में लिथियम, कोबाल्ट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, नियोबियम, टैंटलम और वैनाडियम जैसे अहम खनिज शामिल हैं, जो इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस टेक्नोलॉजी के लिए बेहद जरूरी हैं.
कितने ब्लॉक्स बिके?
अब तक सरकार 6 राउंड की नीलामी पूरी कर चुकी है, जिसमें 46 क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक मिनरल ब्लॉक्स बेचे जा चुके हैं. हालांकि बार-बार नीलामी रद्द होना यह संकेत देता है कि इस सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी काफी कम है.
