पश्चिम-एशिया तनाव से झटका! अब CNG हुई महंगी, इस गैस कंपनी ने ₹2.50 तक बढ़ाई कीमत

Torrent Gas ने CNG के दाम ₹2.50 प्रति किलो तक बढ़ाए है, जिससे आम लोगों और ऑटो चालकों पर सीधा असर पड़ा है. वेस्ट एशिया तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण ईंधन महंगा हो रहा है, जिससे हर सेक्टर प्रभावित हो रहा है. इसका दबाव गैस और तेल कंपनियों पर भी पड़ रहा है.

torrent gas cng price hike Image Credit: canva/AI image

CNG Price Hike: पश्चिम-एशिया तनाव का असर भारत पर भी दिखने लगा है. ग्‍लोबल एनर्जी संकट पहले से ही मुसीबत बनी हुई है. अब कंपनियों के सीएनजी से लेकर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने से आम आदमी की पॉकेट पर बोझ बढ़ता जा रहा है. देशभर में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. इसी बीच आम जनता को ताजा झटका Torrent Gas की ओर से लगा. कंपनी ने CNG की कीमत में बढ़ोतरी की है.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक टॉरेंट गैस ने जयपुर, राजस्‍थान में CNG की कीमत ₹2.50 प्रति किलोग्राम बढ़ा दी है. इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों और खासकर ऑटो-रिक्शा चालकों पर पड़ रहा है, जिनकी कमाई पहले ही दबाव में है. CNG के दाम बढ़ने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का खर्च बढ़ जाएगा. इसे लेकर ऑटो और कैब चालकों ने चिंता भी जाहिर की है. उनकाा कहना है कि वे किराया तुरंत नहीं बढ़ा सकते, जिससे उनकी मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा.

LPG सिलेंडर भी हुआ महंगा

हाल ही में कमर्शियल सिलेंडर के महंगे होने का बोझ भी जनता ने झेला था. 1 अप्रैल से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी. जिसके तहत राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर अब ₹2,078.50 का हो गया है, जो पहले के मुकाबले ₹195.50 महंगा है. वहीं छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर भी महंगे हुए हैं, हालांकि घरेलू LPG की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है.

ATF की कीमतों में भी उछाल

एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस की लागत बढ़ रही है और हवाई किराए महंगे होने की संभावना है.

ग्लोबल कारणों का असर

ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ घरेलू वजहों से नहीं, बल्कि वैश्विक कारणों से भी जुड़ी है. वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई रूट्स, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधाओं की आशंका ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेला है. इन बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ ट्रांसपोर्ट तक सीमित नहीं है. बल्कि इससे होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर की लागत बढ़ रही है. साथ ही आम लोगों का मासिक बजट बिगड़ रहा है.