ईरान में गिरा अमेरिकी फाइटर जेट, एक पायलट रेस्क्यू, दूसरे के लिए इनाम की घोषणा
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब नए मोड़ लेता दिख रहा है. हालिया घटनाओं ने न सिर्फ सैन्य स्तर पर बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर के संकेत दिए हैं. बढ़ते तनाव के बीच आने वाले दिन हालात को और मुश्किल भरे बना सकते हैं.
US fighter jet down Iran: पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. जिस संघर्ष को अब तक मिसाइलों और हमलों तक सीमित माना जा रहा था, वह अब सीधे अमेरिका की सैन्य ताकत को चुनौती देता नजर आ रहा है. शुक्रवार को सामने आई घटनाओं ने इस जंग को और गंभीर बना दिया है. अमेरिका के दो लड़ाकू विमान गिरने की खबर ने पूरे हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है.
The New York Times से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को अमेरिका के दो एयरफोर्स कॉम्बैट एयरक्राफ्ट गिर गए. रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी ने, नाम न बताने की शर्त पर, इस मामले की पुष्टि की. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि ये विमान तकनीकी खराबी से गिरे या इन्हें मार गिराया गया.
विमानों के क्रू की स्थिति और उनकी लोकेशन को लेकर भी फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है.
ईरान में फाइटर जेट गिरा, एक पायलट बचाया गया
इसी बीच एक और बड़ी खबर सामने आई. ईरान में एक अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराया गया. इसमें सवार दो क्रू में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने दूसरे पायलट की जानकारी देने और सरकार के हवाले करने के लिए इनाम भी घोषित किए हैं.
क्या बढ़ रहा है युद्ध का स्तर?
ये घटनाएं ऐसे समय पर हुई हैं जब अमेरिका पहले ही ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर चुका है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचाया गया है. साथ ही उन्होंने अपने एक हालिया बयान में कहा कि अमेरिका जब चाहे तेल पर कब्जा कर सकता है. लेकिन बयान में स्पष्ट नहीं किया गया की ट्रंप किस तेल की बात कर रहे हैं. हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि ये खार्ग द्विप, जो ईरान के तेल आयात का प्रमुख मार्ग है उसका जिक्र कर रहे हैं.
ईरान के हमले जारी, कई देशों में असर
ईरान भी शांत होता नजर नहीं आ रहा है. शुक्रवार को ईरान ने पश्चिम एशिया के कई इलाकों में हमले जारी रखे. कुवैत की एक बड़ी तेल रिफाइनरी और पानी के प्लांट को भी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा सऊदी अरब, बहरीन और इजरायल में भी अलर्ट जारी किया गया.
यूएई में मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक गैस फील्ड में आग लग गई, जिससे अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा.
यह भी पढ़ें: अगर 100 डॉलर के ऊपर बनी रही कच्चे तेल की कीमत, तो 6% से आगे निकल जाएगी महंगाई; RBI बढ़ा सकता है ब्याज दर
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
इस युद्ध का असर सिर्फ सैन्य स्तर तक सीमित नहीं है. होरमुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है, उस पर ईरान की पकड़ ने वैश्विक सप्लाई को प्रभावित किया है. नतीजा यह हुआ कि कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है. इससे खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक महंगाई का दबाव बढ़ सकता है.
इस युद्ध में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है. ईरान, इजरायल, लेबनान और खाड़ी देशों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.
