मार्केट में एंट्री से पहले ही अनलिस्टेड मार्केट में तबाही मचा रहा NSE IPO, जानें क्या है डेडलाइन, OFS से फंड जुटाने की तैयारी
NSE IPO अंतिम चरण में है, 27 अप्रैल 2026 तक EOI जमा करने की डेडलाइन तय. यह करीब 23,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा OFS इश्यू बन सकता है.इस आईपीओ के बाजार में आने का निवेशकों को बेसब्री से इंतजार है. इसके शेयर अनलिस्टेड मार्कट मे पहले से ही धमाल मचा रहे हैं.
NSE IPO: भारत के शेयर बाजार में जल्द ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE का बहुप्रतीक्षित IPO एंट्री लेने वाला है. ये अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है. यह इश्यू देश का सबसे बड़ा IPO बन सकता है, जिसकी अनुमानित वैल्यू करीब 23,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. खास बात यह है कि यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) होगा, यानी इसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. मगर मार्केट में एंट्री से पहले ही ये अनलिस्टेड मार्केट में तबाही मचा रहा है. जिससे इसके स्ट्रांग वैल्यूएशन की उम्मीद की जा रही है.
क्या है डेडलाइन?
NSE IPO के लिए 27 अप्रैल 2026 की डेडलाइन तय की गई है. जिन शेयरधारकों को इसमें हिस्सा लेना है, उन्हें शाम 5 बजे तक “एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट” यानी EOI जमा करना होगा. इसमें निवेशक चाहें तो अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच सकते हैं या उसका कुछ हिस्सा ही ऑफर कर सकते हैं.
कड़े किए नियम
- NSE ने इस बार कड़े नियम भी लागू किए हैं. केवल वही निवेशक इस IPO में अपने शेयर बेच सकेंगे, जिन्होंने 15 जून 2025 से लगातार NSE के फुली पेड-अप शेयर अपने पास रखे हैं. यानी हाल ही में अनलिस्टेड मार्केट से शेयर खरीदने वाले निवेशकों को इसमें मौका नहीं मिलेगा. यह नियम खास तौर पर लंबी अवधि के निवेशकों को फायदा देने और शॉर्ट टर्म सट्टेबाजी को रोकने के लिए बनाया गया है.
- एक और अहम नियम यह है कि जो शेयरधारक इस IPO में अपने शेयर बेचेंगे, वे खुद इस इश्यू में निवेशक के रूप में आवेदन नहीं कर पाएंगे. यानी उन्हें साफ फैसला लेना होगा कि वे बाहर निकलना चाहते हैं या निवेश बनाए रखना चाहते हैं. दोनों काम एक साथ करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे.
- अगर कोई निवेशक अपनी पूरी हिस्सेदारी नहीं बेचता, तो उसे लिस्टिंग के बाद 6 महीने तक लॉक-इन पीरियड का सामना करना पड़ेगा. इस दौरान वह अपने बचे हुए शेयर बाजार में नहीं बेच सकेगा. इसका मकसद लिस्टिंग के तुरंत बाद भारी बिकवाली को रोकना और शेयर कीमत में ज्यादा उतार-चढ़ाव से बचाना है.
20 मर्चेंट बैंकर्स हुए नियुक्त
इस मेगा IPO को संभालने के लिए 20 मर्चेंट बैंकर्स नियुक्त किए गए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इसमें Kotak Mahindra Capital, Morgan Stanley, JPMorgan Chase, SBI Capital Markets और Citigroup जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं.
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अनलिस्टेड मार्केट में पकड़
NSE के शेयर अनलिस्टेड मार्केट में पहले ही अपनी पकड़ बना चुके हैं. अनलिस्टेड जोन के मुताबिक NSE के शेयर 29 मार्च को यहां करीब 1885 रुपये के आसपास ट्रेड करते नजर आए. जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशकों को इसकी लिस्टिंग पर मजबूत वैल्यूएशन की उम्मीद है. हालांकि यह कीमतें बाजार की अटकलों पर आधारित होती हैं और IPO के समय इनमें बदलाव हो सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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