रूस के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल पर दी ढील, 30 दिन की राहत, 19 अप्रैल तक ईरान से क्रूड खरीदने की अनुमति

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरानी कच्चे तेल पर अस्थायी राहत देते हुए 30 दिनों के लिए प्रतिबंधों में ढील दी है. इस फैसले के तहत 20 मार्च तक लोड किए गए तेल की खरीद, डिलीवरी और ऑफलोडिंग को 19 अप्रैल 2026 तक अनुमति दी गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने की कोशिश की जा रही है.

Iranian Oil Image Credit: Canva/ Money9

Iranian Oil Transactions and Sanctions Relief: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बीच अमेरिका ने रूस के बाद ईरानी कच्चा तेल खरीदने पर 30 दिन की छूट दी है. इस फैसले को वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. अमेरिकी ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) द्वारा जारी जनरल लाइसेंस के तहत 20 मार्च 2026 तक जहाजों पर लोड किए गए ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की सीमित अवधि के लिए बिक्री, डिलीवरी और ऑफलोडिंग को अनुमति दी गई है. यह छूट 19 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगी.

30 दिन की सीमित राहत

अमेरिका द्वारा जारी इस अस्थायी लाइसेंस के तहत उन सभी लेन-देन को मंजूरी दी गई है, जो पहले प्रतिबंधित थे, लेकिन अब कच्चे तेल की सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए आवश्यक माने गए हैं. इसमें जहाजों से तेल उतारना, डिलीवरी और संबंधित लॉजिस्टिक्स सेवाएं शामिल हैं. यह राहत केवल उन कार्गो पर लागू है जो 20 मार्च 2026 तक लोड किए गए थे.

ऊर्जा बाजार को स्थिर करने की रणनीति

रूस के बाद ईरानी कच्चे तेल पर छूट का यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और बाधित सप्लाई को देखते हुए उठाया गया है. रूस पर पहले से लागू प्रतिबंधों के बाद वैश्विक बाजार में सप्लाई टाइट बनी हुई है. ऐसे में ईरानी तेल को सीमित रूप से बाजार में आने देना कीमतों को नियंत्रित रखने और ऊर्जा संकट को टालने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

किन गतिविधियों को मिली छूट

लाइसेंस के तहत कई जरूरी गतिविधियों को अनुमति दी गई है, जैसे:

  • जहाजों की सुरक्षित डॉकिंग और एंकरिंग
  • क्रू की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं
  • आपातकालीन मरम्मत और पर्यावरण सुरक्षा उपाय
  • शिप मैनेजमेंट, बीमा, पायलटिंग और रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाएं

इसके अलावा, कुछ मामलों में अमेरिका में ईरानी तेल के आयात को भी अनुमति दी गई है, बशर्ते वह इस लाइसेंस के दायरे में आता हो.

कड़े प्रतिबंध अब भी लागू

हालांकि यह छूट सीमित है और सभी पर लागू नहीं होती. उत्तर कोरिया, क्यूबा और यूक्रेन के कुछ प्रतिबंधित क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों या संस्थाओं के साथ किसी भी तरह का लेन-देन अब भी प्रतिबंधित रहेगा. साथ ही, अन्य अमेरिकी प्रतिबंध कानूनों के तहत आने वाली गतिविधियों पर यह लाइसेंस लागू नहीं होगा. यह कदम संकेत देता है कि अमेरिका ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक दबावों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि इस अस्थायी राहत का वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ता है.

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