अगर दुबई पर हुआ बड़ा हमला तो क्या होगा? हर दिन इतने हजार करोड़ का नुकसान, हर मिनट दिखेगी ग्लोबल तबाही

ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से दुबई के एयरपोर्ट, पोर्ट और आर्थिक गतिविधियों पर खतरा बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट बंद होने पर रोज 1 अरब डॉलर से अधिक नुकसान हो सकता है. एविएशन, रियल एस्टेट, पर्यटन और वित्तीय सेवाओं जैसे प्रमुख सेक्टरों पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है.

दुबई Image Credit: PTI

ईरान ने अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में मध्य-पूर्व के कई देशों पर हमले शुरू किए हैं. इसी अभियान के तहत यूएई की आर्थिक राजधानी दुबई और उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया. शनिवार को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन की बौछार दुबई पर हुई जिससे एक पांच सितारा पॉम जुमेरा रिसॉर्ट में आग लग गई और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को भी खतरा पैदा हो गया. यूएई सरकार के मुताबिक ईरान ने उसके क्षेत्र की ओर 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन दागे जिनमें से अधिकांश को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया. ऐसे में एक बड़ा सवाल यह है कि अगर दुबई पर कोई बड़ा हमला होता है तो उसका जीडीपी, एविएशन, रियल स्टेट, टूरिज्म और ऑयल बिजनेस पर क्या असर पड़ेगा?

ईरान ने दुबई पर क्यों किया हमला

  • इजरायल और अमेरिका के ताबड़तोड़ हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत होने के बाद ईरान ने इजरायल के अलावा खाड़ी के उन देशों को भी टारगेट किया है जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं. इसी क्रम में ईरान की मिसाइलों ने दुबई, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों के आसमान को लाल कर दिया. यूएई की राजधानी अबू धाबी में अल धफरा अमेरिका का एयर बेस है. अमेरिकी वायु सेना यूएई वायु सेना के साथ मिलकर इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल करती है. इसके अलावा दुबई स्थित जेबेल अली बंदरगाह अमेरिकी नौसेना (नेवी) का मुख्य पोर्ट है.
  • एमेजॉन वेब सर्विसेज (AWS) का कहना है कि यूनाइटेड अरब एमिरेट्स (UAE) में इसके दो डेटा सेंटर्स और बहरीन में एक डेटा सेंटर को ईरान के ड्रोन हमलों से नुकसान पहुंचा है.

क्या असर

  • ईरान के मिसाइल हमले से दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई उड़ाने रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई बड़ा हमला होता है कि दुबई के प्रमुख एयरपोर्ट बंद रहते हैं तो शहर की अर्थव्यवस्था को हर दिन 1 बिलियन डॉलर से अधिक (9,000 करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है.
  • रिपोर्ट के अनुसार, यदि Dubai International Airport अचानक बंद हो जाए तो हर मिनट करीब 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपये से अधिक) का आर्थिक नुकसान हो सकता है. इसमें एयरलाइंस, कार्गो, पर्यटन और स्थानीय बिजनेस शामिल हैं.
  • रिपोर्ट के अनुसार ईरान युद्ध के बाद केवल 48 घंटों में यूएई की अर्थव्यवस्था को 5 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है.

जीडीपी पर असर

  • दुबई यूएई का सबसे बड़ा शहर है और देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 25% योगदान देता है.
  • आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2025 की पहली छमाही में दुबई की जीडीपी 4.4% बढ़कर 241 अरब दिरहम (करीब 66 अरब डॉलर) हो गई.
  • दुबई के एयरपोर्ट और बंदरगाह से अमीरात की कुल आय का लगभग 60% हिस्सा आता है.
  • यूएई की लगभग 90% आबादी विदेशी नागरिकों की है.
  • दुबई की अर्थव्यवस्था की खास बात यह है कि यहां 95% से ज्यादा जीडीपी नॉन-ऑयल सेक्टर से आती है.
  • परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर का जीडीपी में 12.4% योगदान है. इसमें बंदरगाह और हवाई सेवाएं शामिल हैं.
  • 2023 में एविएशन सेक्टर का योगदान दुबई की जीडीपी में 27% था जिसकी कुल वैल्यू करीब 37.3 अरब डॉलर थी.
  • जीडीपी में (कंस्ट्रक्शन) क्षेत्र से 8.7%, रियल एस्टेट से 7.9% और मैन्युफैक्चरिंग से 6.9% हिस्सा आता है.
  • इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग से 13.9%, वित्तीय सेवाओं से 13.5% और कंस्ट्रक्शन से 11.9% की हिस्सेदारी आती है.
  • 2025 के अंत तक DIFC में 290 से ज्यादा बैंक, 102 हेज फंड, 500 वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियां और 1,289 फैमिली-रिलेटेड एंटिटीज थीं.

ऐसे में किसी भी बड़े हमले से ये सारी गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं.

अन्य सेक्टर भी प्रभावित

  • दुबई के प्रॉपर्टी बाजार में 2025 में लगभग 680 अरब दिरहम के सौदे हुए यानी रोज करीब 1.8 से 1.9 अरब दिरहम का कारोबार हुआ.
  • इसके अलावा Jebel Ali Free Zone और उसके बंदरगाह ने 2024 में 190 अरब डॉलर का व्यापार संभाला जो रोजाना 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का है.
  • इन हमलों के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ने लगी है और दुबई का मुख्य शेयर बाजार इंडेक्स 1% से 2% तक गिरा है.
  • इस गिरावट से बाजार में लगभग 4 से 5 अरब डॉलर की संपत्ति घट गई है क्योंकि निवेशक एयरलाइंस, रियल एस्टेट कंपनियों और बैंकों की भविष्य की कमाई को लेकर सतर्क हो गए हैं.
  • दुबई में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एमेजॉन, एप्पल और मास्टर कार्ड समेत कई बड़ी कंपनियों के ऑफिस हैं.

अगर बड़ा हमला हुआ तो

ऐसे में दुबई पर अगर कोई बड़ा हमला होता है तो बड़ा आर्थिक संकट पैदा हो सकता है. विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, यूएई में करीब 35.68 लाख भारतीय रहते हैं. किसी बड़े हमले से इन भारतीयों पर भी बड़ा असर पड़ सकता है क्योंकि ये सभी भारतीय देश के लिए बड़ा रेमिटेंस भेजते हैं.

दुबई में इन प्रमुख कंपनियों के ऑफिस

 

Rankकंपनी Market Cap (ट्रिलियन में)
1International Holding Company₹21.845 T
2TAQA₹7.930 T
3ADNOC Gas₹6.503 T
4First Abu Dhabi Bank₹5.402 T
5Emirates NBD Bank PJSC₹5.194 T
6Emirates Telecom (Etisalat Group)₹4.395 T
7Dubai Electricity and Water Authority (DEWA)₹3.738 T
8Emaar Properties₹3.568 T
9Abu Dhabi Commercial Bank (ADCB)₹2.989 T
10Abu Dhabi Islamic Bank (ADIB)₹2.308 T
11Alpha Dhabi₹2.272 T
12Al Dar Properties₹2.116 T
13ADNOC Drilling Company₹2.041 T
14Borouge₹1.940 T
15Emaar Development₹1.928 T
16Multiply Group₹1.714 T
17Dubai Islamic Bank₹1.494 T
18Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC Distribution)₹1.246 T
19Emirates Integrated Telecommunications Company₹1.236 T
20Mashreqbank₹1.214 T
21Salik Company₹1.196 T
22Ooredoo₹1.119 T
23ADNOC Logistics & Services₹1.010 T
24Commercial Bank of Dubai₹755.12 B
25MBME GROUP₹738.98 B
26Pure Health Holding₹711.67 B
27Abu Dhabi Ports₹602.56 B
28Fertiglobe₹554.46 B
29Presight AI₹506.01 B
30RAKBANK (The National Bank of Ras Al Khaimah)₹505.32 B

सोर्स: गल्फ न्यूज और रॉयटर्स