कौन हैं दर्पण जैन जो India-US ट्रेड डील में करेंगे भारत का नेतृत्‍व, जानें पूरी डिटेल

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की वार्ताओं का नेतृत्व अब दर्पण जैन करेंगे जिन्हें मुख्य वार्ताकार नियुक्त किया गया है. उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय में कई वैश्विक व्यापार समझौतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 10-11 दिसंबर को होने वाली उच्चस्तरीय वार्ताओं से दोनों देशों की व्यापारिक प्रगति की उम्मीद बढ़ गई है.

ट्रेड डील Image Credit: canva & Money9live

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत अब एक नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगी. दर्पण जैन को भारत की ओर से नए मुख्य वार्ताकार (Chief Negotiator) के रूप में नियुक्त किया गया है. दर्पण जैन 2001 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात हैं. अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों और समझौतों के क्षेत्र में उनके लम्बे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले राजेश अग्रवाल भारत-अमेरिका ट्रेड डील की कमान संभाल रहे थे लेकिन अब उन्हें वाणिज्य मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है, जिसके चलते उन्होंने मुख्य वार्ताकार का पद छोड़ दिया है. हालांकि सचिव बनने के बाद भी अग्रवाल ट्रील डील की निगरानी और व्यापक रणनीतिक दिशा प्रदान करेंगे, जबकि दर्पण जैन वार्ता प्रक्रिया का प्रत्यक्ष नेतृत्व करेंगे.

निभा चुके हैं कई बड़ी भूमिका

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में मुख्य वार्ताकार नियुक्त होने से पहले उन्होंने कई देशों के साथ कई द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. दर्पण जैन ने पिछले छह वर्षों में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में कार्यरत हैं. बताया जाता है कि वे जटिल व्यापारिक प्रावधानों की गहरी समझ और मजबूत बातचीत कौशल के लिए जाने जाते हैं जिसे देखते हुए आने वाले चरणों में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है.

10 और 11 दिसंबर को होनी है बातचीत

इसी बीच, अमेरिका के ऑफिस ऑफ द यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) का हाई लेवल डेलिगेशन 9 दिसंबर से 11 दिसंबर 2025 तक भारत के दौरे पर रहने वाला है. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डेप्युटी यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव एंबेसडर रिक स्विट्जर करेंगे. दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ताएं 10 और 11 दिसंबर को निर्धारित हैं. इस दौरान Market Access, व्यापार अवरोध (Trade Barriers), कृषि उत्पाद, सेवाओं का व्यापार, डिजिटल व्यापार, टैरिफ और अन्य निवेश माहौल जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर दो देशों के बीच विस्तृत बातचीत होने की उम्मीद है. दोनों ही देश लंबे समय से द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयासरत हैं, और यह वार्ता चरण उस दिशा में रणनीतिक और निर्णायक साबित हो सकता है.

क्यों होगा फायदा

भारत और अमेरिका विश्व मंच पर सबसे बड़े आर्थिक साझेदारों में शामिल हैं. पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संतुलन और व्यापारिक बाधाओं पर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी भी कुछ जटिल नीतिगत मतभेद समाधान की प्रतीक्षा में हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दिसंबर की बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ती है, तो आने वाले महीनों में Bilateral Trade Agreement (BTA) को लेकर बड़ी प्रगति देखने को मिल सकती है.

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