UP में कुम्हार को मिला 1.25 करोड़ का GST नोटिस, पटना में उसके नाम से चल रहीं 4 कंपनियां
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में मिट्टी के बर्तन बेचकर परिवार चलाने वाले एक गरीब कुम्हार को 1.25 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस मिलने से सनसनी फैल गई है. हैरानी की बात यह है कि उसके नाम पर पटना में चार फर्जी कंपनियां संचालित होने का दावा किया गया है, जबकि वह खुद किसी भी तरह के कारोबार से इनकार कर रहा है.
Cyber Fraud: उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां मिट्टी के बर्तन बनाकर गुजारा करने वाले एक व्यक्ति को जीएसटी विभाग की ओर से एक करोड़ रुपये से ज्यादा का नोटिस थमा दिया गया है. नोटिस मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया है. उस व्यक्ति का कहना है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है. उसके नाम पर कोई कंपनी या फर्म नहीं है. वह सिर्फ पुश्तैनी तौर पर मिट्टी के बर्तन बनाने का काम करता है और इसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है.
गरीब कुम्हार पर करोड़ों का टैक्स नोटिस
रायबरेली के हरचंदपुर इलाके के रहने वाले मोहम्मद सईद मिट्टी के घड़े और दूसरे बर्तन बनाकर बेचते हैं. उनकी रोज की कमाई बहुत कम है. ऐसे में 1.25 करोड़ रुपये के जीएसटी बकाया का नोटिस मिलना उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है. सईद का कहना है कि नोटिस में उनके नाम से चार कंपनियों का जिक्र है, जो पटना में चल रही बताई गई हैं. उन्होंने साफ कहा कि उनका इन कंपनियों से कोई लेना-देना नहीं है.
पैन और आधार के गलत इस्तेमाल का शक
सईद ने बताया कि कुछ साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें लोन दिलाने के नाम पर पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने में मदद की थी. उन्हें लोन तो नहीं मिला, लेकिन बाद में उनके दस्तावेज खो गए. अब उन्हें शक है कि उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर फर्जी कंपनियां बनाई गईं. सईद का कहना है, हमें पता चला कि पटना में मेरे नाम से चार कंपनियां चल रही हैं. हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है.
अनपढ़ होने की वजह से नहीं समझ पाए पहला नोटिस
परिवार ने बताया कि पहला जीएसटी नोटिस करीब छह–सात महीने पहले नवरात्रि के समय आया था. लेकिन पढ़े-लिखे न होने के कारण वे उसकी गंभीरता नहीं समझ पाए. 15 फरवरी को जब दूसरा नोटिस आया, तब उन्होंने किसी से पढ़वाया और पता चला कि उन पर 1.25 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स बकाया बताया गया है. यह सुनकर पूरा परिवार हैरान और परेशान हो गया.
न्याय की गुहार, जांच की मांग
मोहम्मद सईद ने कहा, “अगर हमने कोई गलत काम किया है तो हमें चोर की तरह सजा दी जाए, लेकिन अगर हम निर्दोष हैं तो हमें न्याय मिले.” उनके बड़े बेटे फरीद (20) और छोटे बेटे माना (18) भी उनके साथ मिट्टी के बर्तन बनाने में मदद करते हैं. परिवार ने जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच और दस्तावेजों के दुरुपयोग की पड़ताल की मांग की है. फिलहाल स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. सईद और उनका परिवार अब इस उम्मीद में है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और उन्हें इस भारी-भरकम नोटिस से राहत मिलेगी.
